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परदेश कमाने गए 34 वर्षीय व्यक्ति की मौत
Sun, 27 Jan 2019 11:18 PM IST
राकेश पांडेय
basti
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 27 Jan 2019 11:18 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
नगर बाजार। स्थानीय थाना क्षेत्र के कूरहा पट्टी दरियांव गांव से परदेश कमाने गए 34 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। जिससे उसके परिवार में कोहराम मचा गया। युवक अपने छोटे भाई के साथ वाहन चालक का काम करता था।
34 वर्षीय विकास कुमार पांडेय सऊदी अरब के ताबूक शहर कमाने गए थे। जहां पर वे 18 माह से वाहन चलाने का काम करते थे। उनके साथ 27 वर्षीय छोटा भाई कप्तान पांडेय भी रहते थे। 19 जनवरी को एक फोन ने परिवार वालों को सन्न कर दिया। विकास के साथ रहने वाले उसके दोस्त ने बताया कि विकास के हाथ में बहुत दर्द हो रहा था, दर्द बढ़ते-बढ़ते सीने तक पहुंच गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। विकास के पिता राजेश्वर पांडेय ने बताया कि दो बेटों मे विकास सबसे बड़ा था। 25 जनवरी की देर रात विकास का शव विदेश से वापस गांव आया। 26 जनवरी को उसका अंतिम संस्कार टांडा घाट पर कर दिया गया।
चार माह से गांव में ही है छोटा भाई
परिजनों ने बताया कि चार माह पूर्व कप्तान पांडेय गांव वापस आया था। जबकि विकास कुमार पांडेय वही पर था। दो माह बाद उसे भी वापस गांव आना था। विकास के वापस गांव आने की खबर से उसके पिता राजेश्वर पांडेय व माता कैलाशा देवी बहुत खुश थे।
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34 वर्षीय विकास कुमार पांडेय सऊदी अरब के ताबूक शहर कमाने गए थे। जहां पर वे 18 माह से वाहन चलाने का काम करते थे। उनके साथ 27 वर्षीय छोटा भाई कप्तान पांडेय भी रहते थे। 19 जनवरी को एक फोन ने परिवार वालों को सन्न कर दिया। विकास के साथ रहने वाले उसके दोस्त ने बताया कि विकास के हाथ में बहुत दर्द हो रहा था, दर्द बढ़ते-बढ़ते सीने तक पहुंच गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। विकास के पिता राजेश्वर पांडेय ने बताया कि दो बेटों मे विकास सबसे बड़ा था। 25 जनवरी की देर रात विकास का शव विदेश से वापस गांव आया। 26 जनवरी को उसका अंतिम संस्कार टांडा घाट पर कर दिया गया।
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चार माह से गांव में ही है छोटा भाई
परिजनों ने बताया कि चार माह पूर्व कप्तान पांडेय गांव वापस आया था। जबकि विकास कुमार पांडेय वही पर था। दो माह बाद उसे भी वापस गांव आना था। विकास के वापस गांव आने की खबर से उसके पिता राजेश्वर पांडेय व माता कैलाशा देवी बहुत खुश थे।
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