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20 लाख के गेहूं का गोलमाल,एफआईआर
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20 लाख के गेहूं का गोलमाल, केस दर्ज
- सहकारी समिति के दो सचिव नामजद
- फर्जी पावती देने का आरोप, पूरे मामले की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। क्रय नीति को धता बताकर 20 लाख रुपये के गेहूं का गोलमाल किया गया है। जिस पर पुरानी बस्ती थाने में साधन सहकारी समिति रोहदा परशुरामपुर और वहीं के सिकंदरपुर समिति के सचिव के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में कमीशन बाजी की खींचतान में पेेशबंदी करने की बात सामने आई है। विवेचक एवं थानाध्यक्ष पुरानी बस्ती सर्वेश राय के अनुसार अभी तथ्यों की तस्दीक के लिए अभिलेखीय साक्ष्य संकलित कराए जा रहे हैं। चूंकि मामला सरकारी एजेंसी के बीच किसानों के गेहूं का मूल्य फंसा हुआ है, इसलिए बिना देर किए मुकदमे में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीसीएफ के कनिष्ठ सहायक/पटल प्रभारी सुनील कुमार नायक ने जो तहरीर पुलिस को दी है, उसमें जानकी प्रसाद वर्मा, सचिव सहकारी समिति लिमिटेड रोहदा थाना परशुरामपुर एवं गिरजेश कुमार, सचिव सिकंदरपुर थाना परशुरामपुर पर क्रय नीति 2018-19 का उल्लंघन करते हुए विभिन्न समितियों को नौ ट्रक गेहूं बेचकर फर्जी पावती जमा करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम में जब पीसीएफ ने भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किया तो उसमें से नौ पावती फर्जी बताकर सक्षम अधिकारी ने भुगतान रोक दिया। साथ ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले क्षेत्रीय प्रबंधक की जांच में उक्त दोनों सचिव फर्जी बिल प्रस्तुत करने के दोषी पाए गए। ऐसे में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
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- सहकारी समिति के दो सचिव नामजद
- फर्जी पावती देने का आरोप, पूरे मामले की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। क्रय नीति को धता बताकर 20 लाख रुपये के गेहूं का गोलमाल किया गया है। जिस पर पुरानी बस्ती थाने में साधन सहकारी समिति रोहदा परशुरामपुर और वहीं के सिकंदरपुर समिति के सचिव के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में कमीशन बाजी की खींचतान में पेेशबंदी करने की बात सामने आई है। विवेचक एवं थानाध्यक्ष पुरानी बस्ती सर्वेश राय के अनुसार अभी तथ्यों की तस्दीक के लिए अभिलेखीय साक्ष्य संकलित कराए जा रहे हैं। चूंकि मामला सरकारी एजेंसी के बीच किसानों के गेहूं का मूल्य फंसा हुआ है, इसलिए बिना देर किए मुकदमे में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीसीएफ के कनिष्ठ सहायक/पटल प्रभारी सुनील कुमार नायक ने जो तहरीर पुलिस को दी है, उसमें जानकी प्रसाद वर्मा, सचिव सहकारी समिति लिमिटेड रोहदा थाना परशुरामपुर एवं गिरजेश कुमार, सचिव सिकंदरपुर थाना परशुरामपुर पर क्रय नीति 2018-19 का उल्लंघन करते हुए विभिन्न समितियों को नौ ट्रक गेहूं बेचकर फर्जी पावती जमा करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम में जब पीसीएफ ने भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किया तो उसमें से नौ पावती फर्जी बताकर सक्षम अधिकारी ने भुगतान रोक दिया। साथ ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले क्षेत्रीय प्रबंधक की जांच में उक्त दोनों सचिव फर्जी बिल प्रस्तुत करने के दोषी पाए गए। ऐसे में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
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