{"_id":"573b69c54f1c1b6d75ac6f6e","slug":"22-teachers-services-are-in-danger","type":"story","status":"publish","title_hn":"समायोजित 22 शिक्षकों की नौकरी पर खतरा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
समायोजित 22 शिक्षकों की नौकरी पर खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
जीजीआईसी में शिक्षिकाओं की मांग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। शिक्षामित्र से समायोजित 22 शिक्षकों की नौकरी पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में बोर्ड की ओर से स्पष्ट रिपोर्ट नहीं आई तो बीएसए ने 24 शिक्षकों को नोटिस जारी कर शपथपत्र के साथ स्पष्टीकरण मांगा। इनमें दो के स्पष्टीकरण से संतुष्ट होकर बीएसए ने उन दोनों को पात्र मान लिया। अवशेष 22 के जवाब से संतुष्ट न होने पर उन सभी के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को पुन: अंतिम सत्यापन के लिए बोर्ड को भेज दिया है। इसे लेकर शिक्षकों में बेचैनी बढ़ गई है।
बीएसए डाक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अगर इस बार किसी शिक्षक के शैक्षिक प्रमाण पत्र में कोई कमी मिली तो उसे अपात्र मानते हुए उनके समायोजन को निरस्त कर दिया जाएगा और उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। बताया कि जिन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए भेजा गया है, वे सभी स्कूल में तो पढ़ा रहे हैं, मगर उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन का निर्धारण सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।
जिन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों को पुन: सत्यापन के लिए भेजा गया है, उनमें 15 महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। बीएसए ने बताया कि जिन लोगों का शैक्षिक प्रमाण पत्र दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया है, उनमें स्मृति मालवीय प्राथमिक विद्यालय महादेवा, नरसिंह यादव विद्यालय गुडसरा, रीता नाथपुर पांडेय, उषा बिछिया गांव विद्यालय, विमला वर्मा बदलुपुर धनघटी, सुनीता गोविंदापुर, रेनू सिंह चिलवनिया, सत्यराम सेल्हरा, आशा यादव खखनिया, देविका भरौली, अखिलेश कुमार उपाध्याय शिवा स्कूल, माधुरी पाऊं विद्यालय, उदय प्रताप सिंह मुइली, आशुतोष मणि त्रिपाठी तेनुआ, सुषमा पांडेय खम्हरिया, सरिता महादेवा, विनय कुमार शुक्ल खुटहना, अनीता प्राथमिक विद्यालय घोबहिया, सीमा अग्रहरि शंकरपुर, अफदाल अहमद भोलापार, रीता यादव सुजावलपुर और कंचन लता वर्मा प्राथमिक विद्यालय बिछियागंल में कार्यरत हैं। बीएसए ने बताया कि जिन दो शिक्षकों का स्पष्टीकरण सही पाया गया है, उनमें किरन पाल सिंह प्राथमिक विद्यालय रमवापुर विकास खंड गौर और प्राथमिक विद्यालय हरिगांव विकासखंड परशुरामपुर की शिक्षिका सुनीता के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएसए डाक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अगर इस बार किसी शिक्षक के शैक्षिक प्रमाण पत्र में कोई कमी मिली तो उसे अपात्र मानते हुए उनके समायोजन को निरस्त कर दिया जाएगा और उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। बताया कि जिन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए भेजा गया है, वे सभी स्कूल में तो पढ़ा रहे हैं, मगर उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन का निर्धारण सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।
विज्ञापन
जिन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों को पुन: सत्यापन के लिए भेजा गया है, उनमें 15 महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। बीएसए ने बताया कि जिन लोगों का शैक्षिक प्रमाण पत्र दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया है, उनमें स्मृति मालवीय प्राथमिक विद्यालय महादेवा, नरसिंह यादव विद्यालय गुडसरा, रीता नाथपुर पांडेय, उषा बिछिया गांव विद्यालय, विमला वर्मा बदलुपुर धनघटी, सुनीता गोविंदापुर, रेनू सिंह चिलवनिया, सत्यराम सेल्हरा, आशा यादव खखनिया, देविका भरौली, अखिलेश कुमार उपाध्याय शिवा स्कूल, माधुरी पाऊं विद्यालय, उदय प्रताप सिंह मुइली, आशुतोष मणि त्रिपाठी तेनुआ, सुषमा पांडेय खम्हरिया, सरिता महादेवा, विनय कुमार शुक्ल खुटहना, अनीता प्राथमिक विद्यालय घोबहिया, सीमा अग्रहरि शंकरपुर, अफदाल अहमद भोलापार, रीता यादव सुजावलपुर और कंचन लता वर्मा प्राथमिक विद्यालय बिछियागंल में कार्यरत हैं। बीएसए ने बताया कि जिन दो शिक्षकों का स्पष्टीकरण सही पाया गया है, उनमें किरन पाल सिंह प्राथमिक विद्यालय रमवापुर विकास खंड गौर और प्राथमिक विद्यालय हरिगांव विकासखंड परशुरामपुर की शिक्षिका सुनीता के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन