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फोटो... माशूका की शादी तय होने पर बौखलाया था मेराज
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:15 PM IST
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प्रेमिका की शादी तय होने से बौखलाया था मेराज
कलवारी/बस्ती।
डबल मर्डर के बाद कलवारी के खम्हरिया गांव में शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस की गाड़ियों के अलावा दूसरी चहलकदमी नहीं दिखी। गांव के लोग भी डरे-सहमे इधर-उधर दुबके पड़े हैं।
दबी जुबान लोग घटना और उसकी पृष्ठभूमि की चर्चा करते रहे। ज्यादातर ग्रामीणों का कहना था कि प्रमिका की शादी गैर से तय होने, गांव से छह महीने के लिए बेदखली और थाने से लड़की के उसके साथ जाने के बजाए पिता के साथ घर लौटने की वजह से मेराज और उसके परिवार वाले काफी गुस्से में थे। दहलीज के बाहर कदम रख चुकी लड़की के परिवार वालों ने उसकी फैजाबाद में शादी तय की। 10 जुलाई को बारात आनी थी। अत्यंत गुुपचुप तरीके से शादी और लड़की की विदाई की योजना थी लेकिन मेराज को भनक लग गई। उसने ठान लिया कि प्रेमिका की डोली दूसरे के घर नहीं जाने देगा। पुलिस के अनुसार उसे अपनी प्रेमिका पर भी शक होने लगा था कि वह भी परिवार वालों की मर्जी में शामिल है। इससे झुंझलाकर उसे जिंदा जलाकर मार डालना चाहता था। इसी क्रम में बुधवार रात वे लोग उसके घर पहुंच गए। लड़की के ऊपर मिट्टी तेल उड़ेल भी दिया था लेकिन वह जान बचाकर भाग निकली। उसकी मां और दादी सामने पड़ गईं, जिन्हें उसने चाकुओं से गोद डाला। एएसपी का कहना है कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं लेकिन अभी कामयाबी नहीं मिली है।
प्रेमिका के घर में बैग मिलना संदेहास्पद
शुक्रवार की सुबह प्रेमिका के घर की सीढ़ी के पास मेराज का बैग मिला। इसमें उसका आधार कार्ड, पासपोर्ट और कई कागजात थे। उसमें एक छोटा पर्स भी था, जिसमें टार्च, तीन सेट कपड़े रखे थे। सारा सामान पुलिस को सौंप दिया गया। मेराज का घर सील कर दिया गया है। उसके घर पर उसके एकमात्र नब्बे वर्षीय दादा जन्नत हुसैन हैं। बैग प्रेमिका के घर मिलने को लेकर दूसरी चर्चाएं की जा रही हैं।
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गांव से बेदखली से झुंझलाए
इस घटना की पृष्ठभूमि में बेइज्जती करने का मामला भी बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जब पुलिस मेराज को उसकी प्रेमिका के साथ पकड़कर थाने ले गई तो छह महीने तक गांव में मुंह न दिखाने की शर्त पर सुलह कराया गया। यह बात उसके परिवार वालों को नागवार गुजरी। इसके अलावा लड़की ने भी प्रेमी के साथ जाने के बजाए अपने पिता के साथ घर लौटने की बात कही। इन बातों को मेराज के परिवार वालों ने सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था।
महंगा पड़ा दबाव में रफादफा करना
गांव की नाबालिग लड़की लेकर भागने की थाने में तहरीर पड़ी तो पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। आरोपी मेराज और लड़की थाने पर लाए गए। दोनों पक्ष थाने बुलाए गए और दबाव में सुलह करा दिया गया। पुलिस ने किशोरी को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया और मेराज को भी गांव में दिखाई न देने की शर्त पर छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रधान के दबाव में कार्रवाई करने की बजाए मामला रफा-दफा कर दिया गया।
पूरी तैयारी करके पहुंचे थे हमलावर
ऐसा नहीं है कि खम्हरिसा का डबल मर्डर महज इत्तेफाक से हुआ। बल्कि बाकायदा योजनाबद्ध ढंग से वे लड़की को जिंदा जलाने पहुंचे थे। जाने से पहले उन सबने पूरे गांव की बिजली काट दी थी। ताकि अंधेरे में उन्हें आग लगाने में सुविधा हो।
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कलवारी/बस्ती।
डबल मर्डर के बाद कलवारी के खम्हरिया गांव में शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस की गाड़ियों के अलावा दूसरी चहलकदमी नहीं दिखी। गांव के लोग भी डरे-सहमे इधर-उधर दुबके पड़े हैं।
दबी जुबान लोग घटना और उसकी पृष्ठभूमि की चर्चा करते रहे। ज्यादातर ग्रामीणों का कहना था कि प्रमिका की शादी गैर से तय होने, गांव से छह महीने के लिए बेदखली और थाने से लड़की के उसके साथ जाने के बजाए पिता के साथ घर लौटने की वजह से मेराज और उसके परिवार वाले काफी गुस्से में थे। दहलीज के बाहर कदम रख चुकी लड़की के परिवार वालों ने उसकी फैजाबाद में शादी तय की। 10 जुलाई को बारात आनी थी। अत्यंत गुुपचुप तरीके से शादी और लड़की की विदाई की योजना थी लेकिन मेराज को भनक लग गई। उसने ठान लिया कि प्रेमिका की डोली दूसरे के घर नहीं जाने देगा। पुलिस के अनुसार उसे अपनी प्रेमिका पर भी शक होने लगा था कि वह भी परिवार वालों की मर्जी में शामिल है। इससे झुंझलाकर उसे जिंदा जलाकर मार डालना चाहता था। इसी क्रम में बुधवार रात वे लोग उसके घर पहुंच गए। लड़की के ऊपर मिट्टी तेल उड़ेल भी दिया था लेकिन वह जान बचाकर भाग निकली। उसकी मां और दादी सामने पड़ गईं, जिन्हें उसने चाकुओं से गोद डाला। एएसपी का कहना है कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं लेकिन अभी कामयाबी नहीं मिली है।
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प्रेमिका के घर में बैग मिलना संदेहास्पद
शुक्रवार की सुबह प्रेमिका के घर की सीढ़ी के पास मेराज का बैग मिला। इसमें उसका आधार कार्ड, पासपोर्ट और कई कागजात थे। उसमें एक छोटा पर्स भी था, जिसमें टार्च, तीन सेट कपड़े रखे थे। सारा सामान पुलिस को सौंप दिया गया। मेराज का घर सील कर दिया गया है। उसके घर पर उसके एकमात्र नब्बे वर्षीय दादा जन्नत हुसैन हैं। बैग प्रेमिका के घर मिलने को लेकर दूसरी चर्चाएं की जा रही हैं।
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गांव से बेदखली से झुंझलाए
इस घटना की पृष्ठभूमि में बेइज्जती करने का मामला भी बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जब पुलिस मेराज को उसकी प्रेमिका के साथ पकड़कर थाने ले गई तो छह महीने तक गांव में मुंह न दिखाने की शर्त पर सुलह कराया गया। यह बात उसके परिवार वालों को नागवार गुजरी। इसके अलावा लड़की ने भी प्रेमी के साथ जाने के बजाए अपने पिता के साथ घर लौटने की बात कही। इन बातों को मेराज के परिवार वालों ने सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था।
महंगा पड़ा दबाव में रफादफा करना
गांव की नाबालिग लड़की लेकर भागने की थाने में तहरीर पड़ी तो पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। आरोपी मेराज और लड़की थाने पर लाए गए। दोनों पक्ष थाने बुलाए गए और दबाव में सुलह करा दिया गया। पुलिस ने किशोरी को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया और मेराज को भी गांव में दिखाई न देने की शर्त पर छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रधान के दबाव में कार्रवाई करने की बजाए मामला रफा-दफा कर दिया गया।
पूरी तैयारी करके पहुंचे थे हमलावर
ऐसा नहीं है कि खम्हरिसा का डबल मर्डर महज इत्तेफाक से हुआ। बल्कि बाकायदा योजनाबद्ध ढंग से वे लड़की को जिंदा जलाने पहुंचे थे। जाने से पहले उन सबने पूरे गांव की बिजली काट दी थी। ताकि अंधेरे में उन्हें आग लगाने में सुविधा हो।