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केले के पौध में हुआ गोलमाल
basti
Updated Fri, 19 Jan 2018 11:52 PM IST
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banana flower
बस्ती। उद्यान विभाग में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में मिलने वाले अनुदान के घोटाले के बाद अब जिला औद्यानिक मिशन योजना के तहत केले की खेती करने में गोलमाल का मामला सामने आया है। इसका खुलासा जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव के सत्यापन से हुआ। यह जांच विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के 30 किसानों के यहां हुई। इसमें 3086 पौधों के स्थान पर आधे से भी कम मिले। इस योजना के तहत केले की खेती करने पर एक पौध लगाने पर किसानों को दस रुपये का अनुदान मिलता है। एक हेक्टेअर में सरकार अनुदान पर 30738 रुपये खर्च करती है।
डीएचओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला औद्यानिक मिशन योजना के तहत जिन किसानों ने केले की खेती करने के लिए आनलाइन आवेदन किया था, उन किसानों को उनके मांग के अनुसार खुले बाजार से पौधे खरीद कर लगाने की अनुमति दी गई। नियमानुसार अनुदान देने से पहले लगाए गए केले के पौधों का सत्यापन होता है। इसी के तहत जब विक्रमजोत ब्लॉक के 30 किसानों का सत्यापन किया गया तो एक हेक्टेअर में कहीं 12 सौ तो कहीं इससे अधिक पौध मिले, जबकि एक हेक्टेअर में 3086 केले का पौध लगना चाहिए। किसानों ने अनुदान की धनराशि का गोलमाल करने के लिए कम पौधे लगाए।इससे सरकार को लगभग चार लाख रुपये का अनुदान बच गया। सत्यापन में जितने पौधे पाए गए, उसी के मुताबिक अनुदान देने के आदेश दिए गए हैं।
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डीएचओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला औद्यानिक मिशन योजना के तहत जिन किसानों ने केले की खेती करने के लिए आनलाइन आवेदन किया था, उन किसानों को उनके मांग के अनुसार खुले बाजार से पौधे खरीद कर लगाने की अनुमति दी गई। नियमानुसार अनुदान देने से पहले लगाए गए केले के पौधों का सत्यापन होता है। इसी के तहत जब विक्रमजोत ब्लॉक के 30 किसानों का सत्यापन किया गया तो एक हेक्टेअर में कहीं 12 सौ तो कहीं इससे अधिक पौध मिले, जबकि एक हेक्टेअर में 3086 केले का पौध लगना चाहिए। किसानों ने अनुदान की धनराशि का गोलमाल करने के लिए कम पौधे लगाए।इससे सरकार को लगभग चार लाख रुपये का अनुदान बच गया। सत्यापन में जितने पौधे पाए गए, उसी के मुताबिक अनुदान देने के आदेश दिए गए हैं।
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