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अवैध बालू खनन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
Updated Sun, 09 Dec 2018 09:51 PM IST
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अवैध बालू खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ग्रामीणों ने रिंग बांध पर एकत्रित होकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। क्षेत्र के किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध के निकट इन दिनों अवैध खनन का धंधा रात के अंधेरे मे बेखौफ जारी है। बालू माफिया रात में दर्जनों ट्रॉली बालू निकाल रहे हैं। ग्रामीणों की गुहार के बावजूद प्रशासनिक अमले ने चुप्पी साध रखी है। इससे नाराज ऊंजी, उमरिया व नाऊ का पुरवा गांव के ग्रामीण रिंग बांध पर पहुंच कर प्रदर्शन किए। ग्रामीण अवैैध खनन रोके जाने की मांग कर रहे थे। हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैले माझा क्षेत्र के नदी किनारे ग्रामीण खेती करते हैं। खनन माफिया यहां ऊंजी, किशुनपुर, लटेरा, पारा, मटिहा, रमना तौफीर व पहडवापुर गांव के निकट अवैध खनन कर इनके खेत से बालू निकालकर चांदी काट रहे हैं। इन स्थितियों पर प्रशासनिक चुप्पी से यहां के लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बालू माफिया रात भर पुलिस व प्रशासन की मिलीभगत से खनन करवाते हैं। यहां रात के सन्नाटे में गाड़ियों का शोर पुलिस के कानों तक नहीं पहुंचता, जबकि यहां से महज दो सौ मीटर पर पुलिस चौकी स्थापित है।
खनन माफियाओं की बल्ले-बल्ले
दुबौलिया के माझा इलाके के लटेरा गांव के पास रिंग बांध के निकट सोती में ह्यूमपाइप डालकर रास्ता बना लिया। तो वहीं कटान स्थल पारा गांव के निकट बालू माफियाओं ने बीडी तटबंध को ही क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं मटिहा गांव के निकट बने ठोकर का कुछ भाग क्षतिग्रस्त कर रात के अंधेरे में मजदूरों की सहायता से सैकड़ों ट्रॉली बालू रोज निकाल कर बिक्री स्थल पर पहुंचा देते हैं। बता दे की यहां बरसात के चार महीने भीषण कटान होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि प्रशासन इन बालू माफियाओं के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई कर रहा है।
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ग्रामीणों ने रिंग बांध पर एकत्रित होकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। क्षेत्र के किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध के निकट इन दिनों अवैध खनन का धंधा रात के अंधेरे मे बेखौफ जारी है। बालू माफिया रात में दर्जनों ट्रॉली बालू निकाल रहे हैं। ग्रामीणों की गुहार के बावजूद प्रशासनिक अमले ने चुप्पी साध रखी है। इससे नाराज ऊंजी, उमरिया व नाऊ का पुरवा गांव के ग्रामीण रिंग बांध पर पहुंच कर प्रदर्शन किए। ग्रामीण अवैैध खनन रोके जाने की मांग कर रहे थे। हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैले माझा क्षेत्र के नदी किनारे ग्रामीण खेती करते हैं। खनन माफिया यहां ऊंजी, किशुनपुर, लटेरा, पारा, मटिहा, रमना तौफीर व पहडवापुर गांव के निकट अवैध खनन कर इनके खेत से बालू निकालकर चांदी काट रहे हैं। इन स्थितियों पर प्रशासनिक चुप्पी से यहां के लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बालू माफिया रात भर पुलिस व प्रशासन की मिलीभगत से खनन करवाते हैं। यहां रात के सन्नाटे में गाड़ियों का शोर पुलिस के कानों तक नहीं पहुंचता, जबकि यहां से महज दो सौ मीटर पर पुलिस चौकी स्थापित है।
खनन माफियाओं की बल्ले-बल्ले
दुबौलिया के माझा इलाके के लटेरा गांव के पास रिंग बांध के निकट सोती में ह्यूमपाइप डालकर रास्ता बना लिया। तो वहीं कटान स्थल पारा गांव के निकट बालू माफियाओं ने बीडी तटबंध को ही क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं मटिहा गांव के निकट बने ठोकर का कुछ भाग क्षतिग्रस्त कर रात के अंधेरे में मजदूरों की सहायता से सैकड़ों ट्रॉली बालू रोज निकाल कर बिक्री स्थल पर पहुंचा देते हैं। बता दे की यहां बरसात के चार महीने भीषण कटान होती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि प्रशासन इन बालू माफियाओं के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई कर रहा है।
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