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मजदूर को वापस मिला रुपयों भरा गायब बैग
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:00 AM IST
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मजदूर को वापस मिला रुपयों भरा गायब बैग
आरपीएफ ने सत्याग्रह एक्सप्रेस की महिला कोच से बरामद किया था बैग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। आरपीएफ ने शनिवार को एक बार फिर ईमानदारी की मिसाल पेश की। रुपयों से भरा बैग मजदूर को वापस कर दिया। यह रुपये दिल्ली में मजदूरी कर गोंडा जिले के खोंडारे निवासी अनूप कुमार अपनी लड़की की शादी के लिए एकत्रित किए थे।
सत्याग्रह एक्सप्रेस की महिला बोगी में इस बैग को उनकी पत्नी सामान उतारते समय भूल गई। जिसे जांच-पड़ताल के दौरान आरपीएफ की टीम पा गई। बैग के स्वामी अनूप को आरपीएफ पोस्ट पर बुलाकर निरीक्षक नरेंद्र यादव ने रुपयों भरा बैग वापस कर दिया। इस कार्य के लिए आरपीएफ गोरखपुर के आईजी राजाराम व सीनियर कमाडेंट अमित प्रकाश मिश्रा ने संबंधितों को सम्मानित किया है। हुआ यह कि शनिवार को आरपीएफ निरीक्षक नरेंद्र यादव कांस्टेबल जेपी सिंह के साथ गश्त पर थे। इसी बीच प्लेटफार्म नंबर तीन पर सत्याग्रह एक्सप्रेस रुकी। टीम ने महिला कोच की पड़ताल शुरू की तो कोच में एक बैग मिला, जिसमें 61 हजार रुपये व ड्राइविंग लाइसेंस पाया गया। लाइसेंस पर अनूप कुमार पुत्र कृष्ण कुमार निवासी बनगवां थाना खोंडारे जिला गोंडा अंकित था। इसी आधार पर निरीक्षक ने संबंधित से संपर्क साधा और उसे यहां बुलाया। बातचीत और साक्ष्य देने पर बैग अनूप के हवाले कर दिया गया। अनूप ने बताया कि छठ पर्व तथा घर में शादी के चलते वह अपनी पत्नी पूनम के साथ दिल्ली से घर लौटा है। दिल्ली में रहकर वह मजदूरी करता है और उसने शादी के लिए रुपये एकत्रित किए थे। स्टेशन पर जल्दबाजी में पत्नी रुपयों भरा बैग भूल गई थी, जिसे लेकर पूरा परिवार बहुत परेशान था। गायब बैग और रुपये मिलने पर अनूप ने आरपीएफ को धन्यवाद ज्ञापित किया। निरीक्षक नरेंद्र यादव ने बताया कि यात्री सुरक्षा को लेकर आरपीएफ काम कर रही है। बैग संबंधित तक पहुंच गया है।
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आरपीएफ ने सत्याग्रह एक्सप्रेस की महिला कोच से बरामद किया था बैग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। आरपीएफ ने शनिवार को एक बार फिर ईमानदारी की मिसाल पेश की। रुपयों से भरा बैग मजदूर को वापस कर दिया। यह रुपये दिल्ली में मजदूरी कर गोंडा जिले के खोंडारे निवासी अनूप कुमार अपनी लड़की की शादी के लिए एकत्रित किए थे।
सत्याग्रह एक्सप्रेस की महिला बोगी में इस बैग को उनकी पत्नी सामान उतारते समय भूल गई। जिसे जांच-पड़ताल के दौरान आरपीएफ की टीम पा गई। बैग के स्वामी अनूप को आरपीएफ पोस्ट पर बुलाकर निरीक्षक नरेंद्र यादव ने रुपयों भरा बैग वापस कर दिया। इस कार्य के लिए आरपीएफ गोरखपुर के आईजी राजाराम व सीनियर कमाडेंट अमित प्रकाश मिश्रा ने संबंधितों को सम्मानित किया है। हुआ यह कि शनिवार को आरपीएफ निरीक्षक नरेंद्र यादव कांस्टेबल जेपी सिंह के साथ गश्त पर थे। इसी बीच प्लेटफार्म नंबर तीन पर सत्याग्रह एक्सप्रेस रुकी। टीम ने महिला कोच की पड़ताल शुरू की तो कोच में एक बैग मिला, जिसमें 61 हजार रुपये व ड्राइविंग लाइसेंस पाया गया। लाइसेंस पर अनूप कुमार पुत्र कृष्ण कुमार निवासी बनगवां थाना खोंडारे जिला गोंडा अंकित था। इसी आधार पर निरीक्षक ने संबंधित से संपर्क साधा और उसे यहां बुलाया। बातचीत और साक्ष्य देने पर बैग अनूप के हवाले कर दिया गया। अनूप ने बताया कि छठ पर्व तथा घर में शादी के चलते वह अपनी पत्नी पूनम के साथ दिल्ली से घर लौटा है। दिल्ली में रहकर वह मजदूरी करता है और उसने शादी के लिए रुपये एकत्रित किए थे। स्टेशन पर जल्दबाजी में पत्नी रुपयों भरा बैग भूल गई थी, जिसे लेकर पूरा परिवार बहुत परेशान था। गायब बैग और रुपये मिलने पर अनूप ने आरपीएफ को धन्यवाद ज्ञापित किया। निरीक्षक नरेंद्र यादव ने बताया कि यात्री सुरक्षा को लेकर आरपीएफ काम कर रही है। बैग संबंधित तक पहुंच गया है।
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