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स्लाटर हाउस से मकान में तब्दील हो गई जमीन 16-49-12

Tue, 18 Sep 2018 11:36 PM IST
Updated Tue, 18 Sep 2018 11:36 PM IST
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स्लाटर हाउस से मकान में तब्दील हो गई जमीन 16-49-12
स्लॉटर हाउस से मकान में तब्दील हो गई जमीन
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वर्ष 1983-84 में टिन शेड से कागज में बन गया मकान
अभिलेखों में दर्ज पालिका के मकान का धरातल पर पता नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पालिका में भूमाफिया की साठगांठ से जमीन में खेल हुआ है। स्लॉटर हाउस की चइयाबारी में स्थित जमीन की 1982-83 में जो नवैयत थी उसे 2003-04 में बदल दिया गया। कागज में टिनशेड से ढके जीर्ण-शीर्ण स्लॉटर हाउस को मकान दिखाकर उसका नंबर भी आवंटित कर दिया गया, मगर धरातल पर न तो वह जमीन है और न तो वह मकान ही नजर आता है। संपत्ति रजिस्टर में आज भी वहां केवल जमीन है, मगर मौके पर कोई जमीन नहीं है। हालांकि, पालिका ने तहसील को जमीन के चिह्नीकरण के लिए लिखा है, मगर अब तक तहसील प्रशासन की भी नींद नहीं टूट सकी है।
शहर के रोडवेज से स्टेशन मार्ग पर स्थित बालिकाओं के स्कूल के सामने नगर पालिका के स्लॉटर हाउस की एक बिस्वा छह धुर व एक बिस्वा 12 धुर की दो जमीन है। इस जमीन पर वर्षों पहले पालिका ने टिनशेड भी रखवाया था। स्लॉटर हाउस को भैंसा खाना के नाम से जाना जाता है। वर्षों तक खाली पड़े इस बेशकीमती जमीन पर भूमाफियाओं की नजर पड़ी तो वे इसे हथियाने के चक्कर में पड़ गए और इसके लिए वे सभी हथकंडे अपनाए। वर्ष 1982-83 में पालिका ने इसे संपत्ति रजिस्टर में 108 व 109 नंबर में दर्ज किया था। यह क्रम 2003 तक रहा, मगर 2004 में इस जमीन पर गुपचुप ढंग से अतिक्रमण शुरू हुआ और अब यहां स्लॉटर हाउस की एक इंच जमीन नहीं बची है। इसे पालिका के कुछेक कर्मियों ने कागज में मकान दर्शा दिया। हालांकि, कागज में तब भी यह पालिका की ही संपति रही, मगर यह कहां है। इसे खोजना आसान नहीं है।
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संपत्ति रजिस्टर में आज भी यह जमीन खाली है, मगर मौके पर कुछ भी नहीं है। पालिका के कर्मी बताते हैं कि संपत्ति रजिस्टर में आज भी यह जमीन है, मगर मौके पर इसके लिए चिह्नांकन कराना होगा। इसके लिए तहसील प्रशासन को कई पत्र भेजे जा चुके हैं। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण कहते हैं कि पालिका की संपत्तियों का ब्योरा संबंधित जिम्मेदारों से मांगा गया है। इसके बाद इसका स्थलीय सत्यापन भी कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा। जहां भी पालिका की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया तो उसे खाली करा दिया जाएगा।
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