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पंद्रह हजार का इनामी पकड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2016 12:28 AM IST
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बस्ती। पैकोलिया थाना क्षेत्र के खरथुआ में एक पीसीओ पर हुए तिहरे
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हत्याकांड में लंबे समय से वांछित चल रहे हत्यारोपी युवक को क्राइम ब्रांच
की स्वाट टीम ने शनिवार को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उस पर डीआईजी
की ओर से 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसे पकड़ने वाली स्वाट टीम को
एसपी ने अपनी तरफ से पांच हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की
है।
शनिवार को एसपी कृपाशंकर सिंह ने तिहरे हत्याकांड के वांछित हर्रैया थाना क्षेत्र के केशवापुर निवासी मनीष पांडेय पुत्र सत्यनारायण पांडेय से पूछताछ की। एसपी ने पत्रकारों को बताया कि स्वाट टीम के प्रभारी सर्वेश राय ने अपने टीम के साथियों के साथ शनिवार को रेलवे स्टेशन से मनीष पांडेय को गिरफ्तार किया।
मनीष के विरुद्ध 2011 में हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या की साजिश सहित कई धाराओं में पैकोलिया थाने में मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में कुछ लोगों को सजा हो चुकी है। कुछ लोग अभी जेल में हैं। मनीष भी घटना के बाद से फरार चल रहा था।
काफी प्रयास के बाद भी वह कई वर्ष से पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। उसे पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को लगाया गया था। मनीष छिपकर नाम बदलकर इधर उधर रहता था। रुपये की व्यवस्था के लिए वह बस्ती आया था, जिसे स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अभी एक अन्य आरोपी राजीव फरार है। उसकी भी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
शनिवार को एसपी कृपाशंकर सिंह ने तिहरे हत्याकांड के वांछित हर्रैया थाना क्षेत्र के केशवापुर निवासी मनीष पांडेय पुत्र सत्यनारायण पांडेय से पूछताछ की। एसपी ने पत्रकारों को बताया कि स्वाट टीम के प्रभारी सर्वेश राय ने अपने टीम के साथियों के साथ शनिवार को रेलवे स्टेशन से मनीष पांडेय को गिरफ्तार किया।
मनीष के विरुद्ध 2011 में हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या की साजिश सहित कई धाराओं में पैकोलिया थाने में मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में कुछ लोगों को सजा हो चुकी है। कुछ लोग अभी जेल में हैं। मनीष भी घटना के बाद से फरार चल रहा था।
काफी प्रयास के बाद भी वह कई वर्ष से पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। उसे पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को लगाया गया था। मनीष छिपकर नाम बदलकर इधर उधर रहता था। रुपये की व्यवस्था के लिए वह बस्ती आया था, जिसे स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अभी एक अन्य आरोपी राजीव फरार है। उसकी भी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।