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भाटी कनेक्शन के खुलासे से जेल अफसर सन्न
basti
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:47 PM IST
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जिला जेल
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। पश्चिम के बदमाश रणदीप भाटी की जेल बदलने के लिए कॉल स्पूफ गिरोह ने एसपी बस्ती के सीयूजी नंबर से करीब 10 दिन पहले जेलर को कॉल किया था। उसने खुद को एसपी का पीआरओ बताकर जेलर से भाटी को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की पत्रावली तैयार करने को निर्देशित किया था। मंगलवार को प्रभारी जेल अधीक्षक/जेलर ने इसकी पुष्टि की। वहीं एसपी दिलीप कुुमार ने अपने नंबर से जेलर को फोन करने से साफ इंकार किया।
गाजियाबाद में पकड़े गए कॉल स्पूफ गिरोह के सदस्य के खुलासे के बाद बस्ती जेल में रणदीप भाटी कनेक्शन सामने आने से जेल अफसरों को सांप सूंघ गया है। वह पल्ला झाड़ने के लिए यहां तक कहने लगे हैं कि गाजियाबाद में पकड़े गए आरोपी ने खुद को बचाने के लिए बस्ती में बंद देवेंद्र व अतुल का नाम लिया है।
यह मामला सोमवार को गाजियाबाद से सुर्खियों में तब आया जब मोदीनगर पुलिस के हत्थे ब्रजभान नामक कॉल स्पूफ गिरोह का गुर्गा हत्थे चढ़ा। उसने कबूला कि बस्ती जेल में बंद अतुल और देवेंद्र इस गिरोह के सरगना हैं। जो मोबाइल एप के जरिए पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबर से कॉल करके झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर ठगी-वसूली करते हैं। रायबरेली जिले का निवासी अतुल और अमेठी का देवेंद्र इसमें माहिर बताए गए। अमेठी के पीपरपुर थाने के रहने वाले ब्रजभान का बस्ती में बंद देवेंद्र चचेरा भाई बताया जाता है। जो शराब तस्करी में पकड़ा गया था। उसके साथ मुरादनगर का रहने वाला कामिल नामक तस्कर भी पकड़ा गया था। जिससे देवेंद्र और अतुल की नजदीकी बढ़ी। कामिल के जेल से छूटने पर दोनों उसे धमकी और फर्जी फोन करके तंग करने लगे तो उसने पुलिस से संपर्क कर सारी पोल खोल दी।
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अतुल और देवेंद्र ने मुरादनगर निवासी कामिल को बस्ती से सीओ सदर के बीएसएनएल सीयूजी नंबर 9454401341 से तो दूसरे ने पीआरओ के नंबर से कॉल करके उसे मुकदमे में आरोपी बनाने की धमकी दी। इसके बदले एक लाख रुपये, नया एंड्रॉयड फोन और मिठाई का डिब्बा मांगा। उसने यह बात सीओ मोदीनगर धर्मेंद्र चौहान को बताई। तब शक हुआ कि यह मामला कॉल स्पूफ का है।
क्या है कॉल स्पूफ
बिना मोबाइल सिम के किसी भी नंबर से अगले किसी नंबर पर कॉल करने को तकनीकी भाषा में कॉल स्पूफ कहा जाता है। इसमें अपराधी किसी भी अधिकारी के सरकारी सीयूजी अथवा निजी फोन नंबर से बिना उस सिम के कॉल करता है तो अगले की स्क्रीन पर उक्त अधिकारी का ही नंबर दिखता है। इससे वह दबाव में आकर बात मानने पर मजबूर हो जाता है।
जेलर बोले, देवेंद्र का चचेरा भाई है ब्रजभान
जेलर अनिल कुमार भाष्कर का कहना है कि गाजियाबाद में पकड़ा गया ब्रजभान यहां की जेल में बंद देवेंद्र का चचेरा भाई है। मोदीनगर (गाजियाबाद) पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद अमेठी निवासी ब्रजभान ने बचाव में देवेंद्र का नाम ले लिया। जेलर यह मानने को कतई तैयार नहीं थे कि उनकी जेल से साजिश हुई।
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गाजियाबाद में पकड़े गए कॉल स्पूफ गिरोह के सदस्य के खुलासे के बाद बस्ती जेल में रणदीप भाटी कनेक्शन सामने आने से जेल अफसरों को सांप सूंघ गया है। वह पल्ला झाड़ने के लिए यहां तक कहने लगे हैं कि गाजियाबाद में पकड़े गए आरोपी ने खुद को बचाने के लिए बस्ती में बंद देवेंद्र व अतुल का नाम लिया है।
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यह मामला सोमवार को गाजियाबाद से सुर्खियों में तब आया जब मोदीनगर पुलिस के हत्थे ब्रजभान नामक कॉल स्पूफ गिरोह का गुर्गा हत्थे चढ़ा। उसने कबूला कि बस्ती जेल में बंद अतुल और देवेंद्र इस गिरोह के सरगना हैं। जो मोबाइल एप के जरिए पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबर से कॉल करके झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर ठगी-वसूली करते हैं। रायबरेली जिले का निवासी अतुल और अमेठी का देवेंद्र इसमें माहिर बताए गए। अमेठी के पीपरपुर थाने के रहने वाले ब्रजभान का बस्ती में बंद देवेंद्र चचेरा भाई बताया जाता है। जो शराब तस्करी में पकड़ा गया था। उसके साथ मुरादनगर का रहने वाला कामिल नामक तस्कर भी पकड़ा गया था। जिससे देवेंद्र और अतुल की नजदीकी बढ़ी। कामिल के जेल से छूटने पर दोनों उसे धमकी और फर्जी फोन करके तंग करने लगे तो उसने पुलिस से संपर्क कर सारी पोल खोल दी।
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अतुल और देवेंद्र ने मुरादनगर निवासी कामिल को बस्ती से सीओ सदर के बीएसएनएल सीयूजी नंबर 9454401341 से तो दूसरे ने पीआरओ के नंबर से कॉल करके उसे मुकदमे में आरोपी बनाने की धमकी दी। इसके बदले एक लाख रुपये, नया एंड्रॉयड फोन और मिठाई का डिब्बा मांगा। उसने यह बात सीओ मोदीनगर धर्मेंद्र चौहान को बताई। तब शक हुआ कि यह मामला कॉल स्पूफ का है।
क्या है कॉल स्पूफ
बिना मोबाइल सिम के किसी भी नंबर से अगले किसी नंबर पर कॉल करने को तकनीकी भाषा में कॉल स्पूफ कहा जाता है। इसमें अपराधी किसी भी अधिकारी के सरकारी सीयूजी अथवा निजी फोन नंबर से बिना उस सिम के कॉल करता है तो अगले की स्क्रीन पर उक्त अधिकारी का ही नंबर दिखता है। इससे वह दबाव में आकर बात मानने पर मजबूर हो जाता है।
जेलर बोले, देवेंद्र का चचेरा भाई है ब्रजभान
जेलर अनिल कुमार भाष्कर का कहना है कि गाजियाबाद में पकड़ा गया ब्रजभान यहां की जेल में बंद देवेंद्र का चचेरा भाई है। मोदीनगर (गाजियाबाद) पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद अमेठी निवासी ब्रजभान ने बचाव में देवेंद्र का नाम ले लिया। जेलर यह मानने को कतई तैयार नहीं थे कि उनकी जेल से साजिश हुई।