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फोटो... जेल प्रशासन बैकफुट,कार्रवाई महज घुड़की
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:13 AM IST
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फोटो...
जेल प्रशासन बैकफुट पर, कार्रवाई महज घुड़की
भक्षक बने रक्षकों को अभयदान, अपराधियों से सांठगांठ
20 बवाली बंदियों पर एफआईआर के लिए दी थी तहरीर
बैरक में तहखाना पकड़े जाने के बाद कार्रवाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। कारागार की बैरक में तहखाना बनाकर अनधिकृत/प्रतिबंधित वस्तुएं छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद सन्नाटा छा गया। 16 से 18 अगस्त के बीच जिस तरह से जेल के अंदर जगह-जगह फर्श तोड़कर 26 मोबाइल, चाकू, नशीले पदार्थ आदि पकड़े जाने के बाद के तेवर देखकर लगा कि अब जेल प्रशासन हावी होकर मनबढ़ों पर नकेल डालने में कामयाब हो सकेगा। लेकिन दूसरे दिन से ही उत्साह ठंडा पड़ते दिखा। डीएम डॉ. राजशेखर के अनुसार जेल प्रशासन के पत्राचार के मुताबिक प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
छह दिन बीतने के बावजूद न तो मुकदमा दर्ज हुआ, न ही अपराधियों से मिलीभगत में लिप्त पाए गए तीन बंदी रक्षकों पर ही कोई कार्रवाई हुई। बैरक में चरस-गांजा बरामद किए जाने के बाद दावा किया गया था कि कोतवाली में तहरीर दी गई है। मगर अगले दिन से ही सारा माजरा गड्डमगड्ड हो गया। माना जा रहा है कि डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ल के सेवानिवृत्त होने के बाद से सीट खाली होने की वजह से अग्रिम कार्रवाई लंबित है। मगर सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन की कार्रवाई को ही सवालिया माना जा रहा है। आशंका है कि यदि ऐसा किया तो कहीं फिर से बंदी बगावत की राह पर न चल पड़ें।
तहखाना पकड़ा गया था
कारागार में जेलकर्मियों की मदद से अपराधियों ने तहखाना बना रखा था। बैरक की फर्श के नीचे तिजोरीनुमा जगह बनाकर उसके नीचे मोबाइल, धारदार औजार, नशीले पदार्थ छिपाने की जगह बना ली थी। 16 से 18 अगस्त के बीच लगातार चलाए गए ऑपरेशन सर्च में इसकी भनक लगते ही जेल अधिकारियों ने मेटल डिटेेक्टर के जरिए पता लगा लिया। फर्श तोड़कर 26 मोबाइल, चार चाकू आदि बरामद किए गए। जेल अधीक्षक संतलाल यादव के अनुसार लंबे समय से तैनात तीन पुराने बंदी रक्षकों को निलंबित कर विभागीय नियमावली के मुताबिक कार्रवाई शुरू की जा रही है। अधीक्षक की जांच में इनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिले थे।
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जेल प्रशासन बैकफुट पर, कार्रवाई महज घुड़की
भक्षक बने रक्षकों को अभयदान, अपराधियों से सांठगांठ
20 बवाली बंदियों पर एफआईआर के लिए दी थी तहरीर
बैरक में तहखाना पकड़े जाने के बाद कार्रवाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। कारागार की बैरक में तहखाना बनाकर अनधिकृत/प्रतिबंधित वस्तुएं छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद सन्नाटा छा गया। 16 से 18 अगस्त के बीच जिस तरह से जेल के अंदर जगह-जगह फर्श तोड़कर 26 मोबाइल, चाकू, नशीले पदार्थ आदि पकड़े जाने के बाद के तेवर देखकर लगा कि अब जेल प्रशासन हावी होकर मनबढ़ों पर नकेल डालने में कामयाब हो सकेगा। लेकिन दूसरे दिन से ही उत्साह ठंडा पड़ते दिखा। डीएम डॉ. राजशेखर के अनुसार जेल प्रशासन के पत्राचार के मुताबिक प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
छह दिन बीतने के बावजूद न तो मुकदमा दर्ज हुआ, न ही अपराधियों से मिलीभगत में लिप्त पाए गए तीन बंदी रक्षकों पर ही कोई कार्रवाई हुई। बैरक में चरस-गांजा बरामद किए जाने के बाद दावा किया गया था कि कोतवाली में तहरीर दी गई है। मगर अगले दिन से ही सारा माजरा गड्डमगड्ड हो गया। माना जा रहा है कि डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ल के सेवानिवृत्त होने के बाद से सीट खाली होने की वजह से अग्रिम कार्रवाई लंबित है। मगर सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन की कार्रवाई को ही सवालिया माना जा रहा है। आशंका है कि यदि ऐसा किया तो कहीं फिर से बंदी बगावत की राह पर न चल पड़ें।
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तहखाना पकड़ा गया था
कारागार में जेलकर्मियों की मदद से अपराधियों ने तहखाना बना रखा था। बैरक की फर्श के नीचे तिजोरीनुमा जगह बनाकर उसके नीचे मोबाइल, धारदार औजार, नशीले पदार्थ छिपाने की जगह बना ली थी। 16 से 18 अगस्त के बीच लगातार चलाए गए ऑपरेशन सर्च में इसकी भनक लगते ही जेल अधिकारियों ने मेटल डिटेेक्टर के जरिए पता लगा लिया। फर्श तोड़कर 26 मोबाइल, चार चाकू आदि बरामद किए गए। जेल अधीक्षक संतलाल यादव के अनुसार लंबे समय से तैनात तीन पुराने बंदी रक्षकों को निलंबित कर विभागीय नियमावली के मुताबिक कार्रवाई शुरू की जा रही है। अधीक्षक की जांच में इनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिले थे।
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