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क्राइम नंबर एक पर गुडवर्क का टोटका

Wed, 01 Jan 2020 11:09 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 11:09 PM IST
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Crime number 1 is a piece of goodwork
क्राइम नंबर एक पर गुडवर्क का टोटका
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बस्ती। काम के बोझ से हांफ रही पुलिस अब टोटके पर उतर आई है। थानों पर बोहनी का टोटका किया जा रहा है। थानेदारों ने नववर्ष पर गुडवर्क का टोटका किया। यह टोटका सभी थानोें में आजमाया गया। पुलिस विभाग में वर्षों से चल रही इस परंपरा का इस वर्ष भी निर्वहन किया गया। नए साल का पहला मुकदमा पुरानी बस्ती थाने में गैंगेस्टर एक्ट का दर्ज किया गया। छावनी थाने में बालू खनन में गिरफ्तारी व बरामदगी हुई। जबकि कप्तानगंज में आबकारी एक्ट के मुकदमे दर्ज हुए।
कई थानों में तो मुकदमे का खाते नहीं खुला, मगर अधिकांश ने जीडी के क्राइम नंबर एक में गुडवर्क दर्ज किया गया। पहला मुकदमा सीआरपीसी, आबकारी, एमवी और आर्म्स एक्ट का दर्ज किया गया। सामान्य बातचीत में यह गुडवर्क की बोहनी कही जाती है। आईजी आशुतोष कुमार के मुताबिक ऐसा करने के पीछे कोई लॉजिक नहीं है। केवल इसके पीछे मंशा यह छिपी होती है कि नववर्ष की शुरुआत गुडवर्क से होगी तो साल अच्छा बीतेगा। पहला मुकदमा आईपीसी में दर्ज करने से एसओ कतराते तो हैं, लेेकिन अपराध होने पर इन बातों का कोई महत्व नहीं है।
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साल बदलते ही थानों में रोजनामचा (जीडी) भी बदल जाते हैं। इसमें कोई थानेदार बैडवर्क यानी कोई बड़ा अपराध दर्ज कर साल की शुरुआत नहीं करता है। प्रार्थना करते हैं कि थाने को हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन अपराधों से दूर रखें। माना जाता है कि यदि शुरुआत बड़े अपराध से होती है तो पूरे साल इसी तरह के मामले आएंगे। यही वजह है कि हर किसी की तरह बुरा वक्त न आए इसके लिए पुलिस भी तरह तरह के टोटके अपनाती है।
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जीडी की उतारी जाती है आरती
थाने के (मुंशी) 31 दिसंबर रात 12 बजे जीडी की आरती भी करते हैं और अपने आराध्य से प्रार्थना करते हैं कि थाने को हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन अपराधों से दूर रखे। यही कारण है कि थानों में पहला मुकदमा या तो एनडीपीएस का होता है या एक्साइज एक्ट का। जिसमें आरोपियों को पकड़ा जाता है यानी गुडवर्क दिखाया जाता है। कोई अपराध हुआ तो पुलिस गुडवर्क का इंतजार करती है कई बार तो ऐसा भी होता है कि यदि 12 बजे के बाद कोई अपराध हुआ तो पुलिस गुडवर्क का इंतजार ही करती है।
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