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कोरोना मरीजों की जूठन से संक्रमण का खतरा, कुत्ते और बंदर खा रहे हैं बचा हुआ खाना
Fri, 24 Apr 2020 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2020 01:17 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : Amar Ujala
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कोरोना का संक्रमण रोकने को पूरा तंत्र सक्रिय है। लोग घरों में कैद हैं। हर मोहल्ले और गल्ली में चौकसी बरती जा रही है। ऐसे में मुंडेरवा सीएचसी में बने लेवल-वन अस्पताल में बरती जा रही लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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यहां रखा गया कोरोना मरीजों का जूठा भोजन अस्पताल परिसर में इधर-उधर फेंका जा रहा है, जिसे बंदर व कुत्ते खा रहे हैं। ये जानवर कस्बे में लोगों के घरों के पास व छतों पर घूम रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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लेवल वन अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में संतकबीरनगर के एक मरीज समेत कुल 16 कोरोना पॉजिटिव रखे गए हैं। मरीजों को दोनों वक्त के भोजन के साथ ही फल दिए जा रहे हैं। इसके बाद मरीजों का जूठा भोजन अस्पताल परिसर में ही फेंक दिया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार को अस्पताल के पास रहने वाले करमचंद सिंह, भैया राम, गुड्डू गोस्वामी, दशरथ सिंह व वीरेंद्र सिंह ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. धमेंद्र चौधरी से इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि मरीजों का जूठा भोजन व फल बंदर व कुत्ते खा रहे हैं। ये कुत्ते व बंदर लोगों के घरों के आसपास घूमते हैं। बंदर छत पर रखीं टंकियों से पानी पी लेते हैं। ऐसे में कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा है।
इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि दो दिन पहले जूठे भोजन को जलाने के लिए कर्मि अस्पताल के पीछे ले गए थे। तभी बारिश होने लगी, जिससे जूठा भोजन पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इसे कुत्ते व बंदर खा रहे हैं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
नोडल अधिकारी डॉ. फख्रेयार ने कहा कि इस मामले में सीएचसी प्रभारी से उनकी बातचीत हुई है। जूठे भोजन को डस्टबिन में एकत्रित किया जाता है। दो दिन पहले इसे जलाया गया था, लेकिन तभी बारिश होेने लगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक जानवरों में कोरोना नहीं पाया गया। इसके बावजूद जिम्मेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी सक्रियता से जूठे भोजन को नष्ट कराएं।