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Basti News: ठेकेदारों ने दी निविदाओं के बहिष्कार की चेतावनी
Wed, 18 Dec 2024 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ठेकेदार संघ ने मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों से विभाग नित्य नए नियम बना रहा है, जो जन विरोधी एवं विभाग के लिए घातक है। कोषागार प्रणाली के कारण डिपाजिट के भुगतान न होने से करोड़ रुपये ठेकेदारों के फंस गए हैं।
इस संबंध में तमाम पत्र के माध्यम से ठेकेदारों की समस्या शासन-प्रशासन को पहुंचाई गई। मगर, उस पर कोई भी निवारण नहीं लिया गया। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मंडल के समस्त ठेकेदार निविदाओं का बहिष्कार करेंगे।
ज्ञापन में कहा गया है रायल्टी संबंधित कारण से ठेकेदारों पर छह गुना अर्थदंड लगाया जा रहा है। इससे ठेकेदारों का भारी नुकसान हो रहा है। नई व्यवस्था में ग्रामीण मार्गों पर पांच वर्षीय अनुरक्षण लागू किया जा रहा है।
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इससे लोक निर्माण विभाग के अधिकारी खुद असमंजस में है। शासनादेश जारी हो गया है। मगर, एसओपी जारी नहीं हो पा रहा है। अधिकारी को खुद समझ नहीं आ रहा है कि इस नियम को कैसे लागू किया जाए।
जबकि प्रमुख अभियंता ने खुद नियम बनाया था। कहा गया कि स्वीकृति के प्रत्याशा में कोई निविदा आमंत्रित नहीं की जाएगी। मगर, स्वीकृति की प्रत्याशा में विभाग से निविदा निकालना शुरू हो गया। ऐसे में नियम बनाने वाले अधिकारी ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
इस दौरान रविन्द्रनाथ, गोविंद पांडेय, अशोक सिंह, जयंत्री सिंह, बबलू पांडेय, भुनेश प्रताप सिंह, राघवराम यादव आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। ठेकेदार संघ ने मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों से विभाग नित्य नए नियम बना रहा है, जो जन विरोधी एवं विभाग के लिए घातक है। कोषागार प्रणाली के कारण डिपाजिट के भुगतान न होने से करोड़ रुपये ठेकेदारों के फंस गए हैं।
इस संबंध में तमाम पत्र के माध्यम से ठेकेदारों की समस्या शासन-प्रशासन को पहुंचाई गई। मगर, उस पर कोई भी निवारण नहीं लिया गया। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मंडल के समस्त ठेकेदार निविदाओं का बहिष्कार करेंगे।
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ज्ञापन में कहा गया है रायल्टी संबंधित कारण से ठेकेदारों पर छह गुना अर्थदंड लगाया जा रहा है। इससे ठेकेदारों का भारी नुकसान हो रहा है। नई व्यवस्था में ग्रामीण मार्गों पर पांच वर्षीय अनुरक्षण लागू किया जा रहा है।
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इससे लोक निर्माण विभाग के अधिकारी खुद असमंजस में है। शासनादेश जारी हो गया है। मगर, एसओपी जारी नहीं हो पा रहा है। अधिकारी को खुद समझ नहीं आ रहा है कि इस नियम को कैसे लागू किया जाए।
जबकि प्रमुख अभियंता ने खुद नियम बनाया था। कहा गया कि स्वीकृति के प्रत्याशा में कोई निविदा आमंत्रित नहीं की जाएगी। मगर, स्वीकृति की प्रत्याशा में विभाग से निविदा निकालना शुरू हो गया। ऐसे में नियम बनाने वाले अधिकारी ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
इस दौरान रविन्द्रनाथ, गोविंद पांडेय, अशोक सिंह, जयंत्री सिंह, बबलू पांडेय, भुनेश प्रताप सिंह, राघवराम यादव आदि मौजूद रहे।