बस्ती। संकट के बीच अब सिलिंडर डिलीवरी के लिए लागू किया गया ओटीपी का नया नियम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। गैस पंजीकरण में दर्ज पुराने और बंद हो चुके मोबाइल नंबरों के कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नंबर बदलवाने के लिए ई-केवाईसी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसमें ऐसे भी उपभोक्ता हैं जो बाहर रहते हैं, मगर परिवार घर पर रहता है और सिलिंडर यही पर उपयोग करते हैं, मगर नंबर बदलने व ई-केवाईसी न होने से उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। गनेशपुर की वंदना ने बताया कि उनका गैस कनेक्शन करीब 10 साल पुराना है। कनेक्शन लेते वक्त जो मोबाइल नंबर था, वही उनके खाते से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में पुराना नंबर बंद हो चुका था। अब सिर्फ गैस सिलिंडर का ओटीपी प्राप्त करने के लिए उन्हें जबरन 350 रुपये का मोबाइल रिचार्ज कराना पड़ा, क्योंकि बिना ओटीपी दिए गैस एजेंसी से सिलिंडर नहीं दिया जा रहा था। शहर के महरीखांवा के राम कुमार ने बताया कि पहले एजेंसी पर टोकन देते हैं, फिर तीसरे दिन पर्ची काटते हैं, उसके अगले दिन गैस आपूर्ति होती है। इससे चार से पांच दिन बर्बाद होता है। श्यामनरायन ने बताया कि 10 दिन पहले रेलवे स्टेशन रोड स्थित गैस एजेंसी पर बुकिंग कराया। मोबाइल पर डिलीवरी दिखा रहा, मगर घर पर सिलिंडर नहीं पहुंचा। पटेल चौक स्थित एजेंसी पर एक उपभोक्ता ने बताया कि बुकिंग के बाद होम डिलीवरी नहीं कर रहे। एजेंसी पर भीड़ अधिक होने पर पर्ची भी नहीं कट पाती।
बता दें कि सदर में छह एजेंसियों पर सिलिंडर नहीं आया। हर्रैया क्षेत्र में सात, तीन भानपुर व एक एजेंसी रुधौली में रही जहां सिलिंडर नहीं आया। इससे यहां के उपभोक्ता निराश लौट गए। बताया गया कि 11 हजार सिलिंडर बृहस्पतिवार को आया, फिर भी उपभोक्ताओं को टोकन देकर लौटाया गया।