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Basti News: चंद रुपये के लिए बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़
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आटो में ठूसकर भरे गए स्कूली बच्चों के बाहर लटक रहे हाथ व पैरसंवाद
बस्ती। चंद रुपये अधिक कमाने के चक्कर में ऑटो चालक स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। क्षमता की अनदेखी कर एक ऑटो में 10 से 12 बच्चों को ठूंसकर बैठाया जा रहा है। सीट के किनारे बैठे बच्चों के हाथ-पैर तक बाहर निकलते रहते हैं। ऐसे में बड़े वाहन के ओवरटेक करने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। ई-रिक्शा में भी क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाई जा रही हैं।
मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी के समय शहर में पड़ताल की गई तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही सामने आई। रौता चौराहे पर दोपहर करीब दो बजे एक ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चे बैठे मिले। किनारे बैठे बच्चों के हाथ-पैर बाहर निकले हुए थे। रोडवेज के पास एक ई-रिक्शा में भी निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां मिलीं।
स्कूलों की छुट्टी के बाद शहर की सड़कों पर ऑटो और ई-रिक्शा में स्कूली बच्चों की ओवरलोडिंग आम है। ऑटो में बच्चों को इस तरह बैठाया जाता है कि कई बार उनके हाथ-पैर बाहर निकलते रहते हैं। सड़क पर गुजरने वाले बड़े वाहन जब इन ऑटो को ओवरटेक करते हैं तो बच्चों के बाहर निकले हाथ-पैर उनकी चपेट में आने का खतरा रहता है।
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ई-रिक्शा में चालक समेत पांच लोगों की अनुमति : ई-रिक्शा में चालक सहित अधिकतम पांच लोगों के बैठने की अनुमति है। यानी चालक के अलावा अधिकतम चार सवारियां बैठ सकती हैं। वाहन की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। फिटनेस समेत अन्य मानकों का पालन भी जरूरी है। इसके बावजूद ई-रिक्शा में आठ से नौ सवारियां बैठाई जा रही हैं। ऑटो में चालक सहित चार सवारियां बैठाने का मानक है, लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा है।
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मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी के समय शहर में पड़ताल की गई तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही सामने आई। रौता चौराहे पर दोपहर करीब दो बजे एक ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चे बैठे मिले। किनारे बैठे बच्चों के हाथ-पैर बाहर निकले हुए थे। रोडवेज के पास एक ई-रिक्शा में भी निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां मिलीं।
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स्कूलों की छुट्टी के बाद शहर की सड़कों पर ऑटो और ई-रिक्शा में स्कूली बच्चों की ओवरलोडिंग आम है। ऑटो में बच्चों को इस तरह बैठाया जाता है कि कई बार उनके हाथ-पैर बाहर निकलते रहते हैं। सड़क पर गुजरने वाले बड़े वाहन जब इन ऑटो को ओवरटेक करते हैं तो बच्चों के बाहर निकले हाथ-पैर उनकी चपेट में आने का खतरा रहता है।
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ई-रिक्शा में चालक समेत पांच लोगों की अनुमति : ई-रिक्शा में चालक सहित अधिकतम पांच लोगों के बैठने की अनुमति है। यानी चालक के अलावा अधिकतम चार सवारियां बैठ सकती हैं। वाहन की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। फिटनेस समेत अन्य मानकों का पालन भी जरूरी है। इसके बावजूद ई-रिक्शा में आठ से नौ सवारियां बैठाई जा रही हैं। ऑटो में चालक सहित चार सवारियां बैठाने का मानक है, लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा है।