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Basti News: बच्चों में खुजली की शिकायतें...छोटे-छोटे दाने कर रहे परेशान

Wed, 24 Dec 2025 12:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 12:32 AM IST
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Complaints of itching in children...small rashes are bothering them
जिला अस्पताल में परामर्श के कतार में खड़े मरीज संवाद
बस्ती। सर्दियों में हर उम्र के लोग त्वचा रोगों से पीड़ित हैं। एटॉपिक डरमिटाइटिस बीमारी होने से बच्चे जहां दाने व खुजली से परेशान हैं, वहीं चिल ब्लेंस का शिकार महिलाएं हो रही हैं। इसके अलावा एक्जिमा, सोरायसिस भी लोगों को हो रही है।
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ऐसा ठंडी हवा चलने के कारण त्वचा शुष्क होने से सूखापन बढ़ने के कारण हो रहा है। मौजूदा समय में त्वचा रोगियों की संख्या में 30 फीसदी का इजाफा हो गया है।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह ने बताया कि ठंडी हवाओं के अलावा शरीर में अपर्याप्त नमी, हानिकारक पराबैंगनी सूरज की किरणें, अत्यधिक गर्म पानी से स्नान आदि भी त्वचा को रूखा करते हैं। त्वचा पर साबुन का प्रयोग भी ध्यानपूर्वक करना चाहिए क्योंकि साबुन त्वचा को शुष्क बना देता है।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि ठंड में एक्जिमा (छाजन) बीमारी होना भी आम बात है। त्वचा संबंधी इस बीमारी के होने से बहुत तेज खुजली होती है। इससे त्वचा मोटी होने लगती है, जो आगे चलकर पक जाती है।
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यह बीमारी एड़ी के आगे और घुटने के नीचे से पंजों के बीच होती है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों की त्वचा में नमी कम होती है, उन्हें सोरायसिस बीमारी भी हो जाती है। इस बीमारी से शरीर में लाल रंग के चकत्ते पड़ जाते हैं। सफेद रंग की पपड़ी निकलने लगती है। ये बीमारी सालों तक चलती है।
ठंड बढ़ने से यह अगर जोड़ों तक फैल जाए तो सोरायसिस अर्थराइटिस भी हो जाता है, जो बहुत दर्दनाक होता है। ऐसे में शरीर को गर्म रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन दिनों 30 फीसदी त्वचा रोगी बढ़ गए हैं। कपड़ों का भी रखें ध्यान : डॉक्टर का कहना है कि लोग जो कपड़े पहनते हैं, उसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। ठंड में बाजार में सिंथेटिक, नायलॉन और पॉलीएस्टर के बने जैकेट अधिक मिलते हैं, जिनको पहनने पर ठंड तो दूर हो जाती है लेकिन इसमें मौजूद केमिकल सोरायसिस को बदतर बना देता है। ऐसे में कॉटन के कपड़ों का चुनाव करें। चिल ब्लेंस से बचें महिलाएं:
सर्दियों में खून का संचालन कम हो जाने से व्यस्कों को चिल ब्लेंस नामक बीमारी हो रही है। डॉ. जुबैर ने बताया कि ये बीमारी होने से हाथ-पैर की उंगलियों की त्वचा में छेद होने लगते हैं। इससे सूजन, तेज जलन, दर्द होने लगता है। एक बार होने पर हर साल होता है।

यह बीमारी महिलाओं में ज्यादा होती है, क्योंकि वह सुबह से ही ठंडे पानी में काम करने लगती हैं। इसलिए महिलाओं को गर्म पानी में काम करना चाहिए। मोजे पहने रहना चाहिए। थोड़ी-थोड़ी देर में ब्लोअर के सामने भी बैठना चाहिए।
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