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हड़ताल का मिलाजुला असर

Fri, 02 Sep 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला बस्ती
अमर उजाला बस्ती Updated Fri, 02 Sep 2016 11:11 PM IST
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Combination of strike impact
ट्रेड यू‌नियनों की नारेबाजी। - फोटो : अमर उजाला
 केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को आम हड़ताल से काम काज प्रभावित रहा। सातवें वेतन आयोग तथा अन्य मुद्दों को लेकर हुए कार्य बहिष्कार का सर्वाधिक असर बैंकों में दिखा। लेकिन प्राइवेट बैंकों में सामान्य रूप से काम काज चलता रहा।
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यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने प्रतिगामी बैंकिंग सुधारों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखने का फैसला किया। एसबीआई, अरबन कोआपरेटिव और ग्रामीण बैंकों को छोड़ अधिकतर के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। पीएनबी के जेडयू खान, शिवम सिंह, गोपाल सिंह, रंजन श्रीवास्तव, सिंडीकेट बैंक के रवी कुमार, इंडियन बैंक के अविरत्न मिश्रा, यूनाइटेड बैँक के राम बेलास तथा केनरा बैंक के सुधाकर शामिल रहे। राजकीय नर्सेस संघ के लोग ग्रेड पे बढ़ाने, उप नर्सिंग अधीक्षक पद समाप्त करने, नर्सिंग भत्तों को दोगुना करने आदि सात मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। अध्यक्ष एचके पांडेय व मंत्री शीला देवी ने हड़ताल का सफल बताया है। मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन इरिगेशन विभाग के अध्यक्ष नरसिंह पांडेय ने बताया कि गोड़िया में कामकाज ठप कर सभा की गई। आल इंडिया स्टेट इंप्लाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेश चंद्र ने कहा कि बेतहाशा बढ़ रही महंगाई के दौर में न्यूनतम वेतनमान 18 हजार प्रतिमाह किया जाए। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कम से कम तीन हजार प्रतिमाह पेंशन दिया जाए।
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने हिन्द मजदूर सभा से संबद्ध  महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रतन बाला श्रीवास्तव के नेतृत्व  में भागीदारी की। प्रधानमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय एवं  मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से  प्रेषित किया गया। मुख्य मांगों में कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को सरकारी  कर्मचारी घोषित करने, कार्यकत्रियो को 18 हजार एवं सहायिकाओं को  9000 मानदेय की मांग की गई। साथ ही वर्ष में 15 दिन का चिकित्सा अवकाश देने की मांग उठाई। राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी हड़ताल में भागीदारी की। अध्यक्ष मस्तराम के नेतृत्व में जुटे कर्मचारियों ने सभा की। जिला मंत्री तौलू प्रसाद नले कहा कि कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण कर आंदोलन में भागीदार कराई है। परिषद के लेखा संप्रेक्षक मनोज यादव, चकबंदी लेखपाल के अध्यक्ष राजेश यादव, संगठनमंत्री प्रमोद शुक्ला, सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय आर्य, पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रेमशंकर श्रीवास्तव, विकासभवन संघ अध्यक्ष अजीत सिंह, कोषागार के अध्यक्ष अखिलेश पाठक आदि लोग शामिल हुए।
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यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष संजय तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारे लगाते रहे। मंत्री जय शंकर दुबे, उमेश मिश्रा, मार्केंडेय शुक्ला, राकेश मिश्रा, चंद्र प्रकाश, श्याममूर्ति, धर्मराज सिंह, मनोज तिवारी, यज्ञेश पांडेय आदि लोग शामिल हुए।
केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर डाकघर के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। प्रधान डाकघर परिसर में सचिव इंद्रशेखर एवं रामजी चौधरी के नेतृत्व में हुई सभा में मांगें गिनाईं। केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की। अशोक चौधरी, दीप नरायण चौधरी, ठाकुर शंकर सिंह, सियाराम वर्मा, श्याम बहादुर मिश्र, नंद शुक्ला आदि लोग शामिल रहे।
बीएसएनएल कर्मचारियों ने भी कार्य बहिष्कार कर सभा किया। अपनी मांगें दोहराईं। महंगाई नियंत्रण, बीएसएनएल की रणनीतिक बिक्री, विनिवेश प्रस्ताव रद करने, बीएसएनएल को आर्थिक सहायता प्रदान करने न्यूनतम पीएलआई सात हजार करने आदि मांगें दोहराईं। जिला सचिव मो.आरिफ, हरीशंकर पांडेय, जेएन शाही, परशुराम तिवारी, सूबेदार, राजेश कुमार, कौशल, कैलाश मिश्र, उमाशंकर, लालता यादव, राम उजागिर पांडेय, अनिरुद्ध, फिरोज आलम आदि ने संबोधित किया। उमेश प्रताप सिंह, राम मिलन, मुकेश कुमार, गोपाल, श्याम कुमार, अजय पांडेय आदि लोग शामिल रहे।
गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के कर्मचारी जीवन बीमा कार्यालय परिसर में जुटे। श्रम विरोधी नीतियों की आलोचना की और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मंडलीय संयुक्त मंत्री का. अरबिंद कुमार, का. राम अवतार,  का. राजकुमार वर्मा ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी कर दिया गया, मोबलिटी पॉलिसी लागू किया जा रहा है जो श्रमिकों के हितों के खिलाफ है। इस दौरान इंद्रजीत पांडेय, का. कृष्ण गोपाल, कपिल दुबे, जगदीश यादव, दुर्गेश पांडेय, प्रदीप गोस्वामी, संजय सैनी, अब्दुल खालिद, अब्दुल मोहिद, राम बचन, अमरजीत सिंह, मनोज आदि लोग मौजूद रहे। 
उत्तरप्रदेश मेडिकल सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन बस्ती के कर्मचारियों ने रैली निकाली जो राजकीय इंटर कॉलेज से शुरू होकर डीएम कार्यालय परिसर में संपन्न हुई।12 मांगों का ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। इस दौरान अध्यक्ष मो. फुजैल, उपाध्यक्ष राजन यादव, गुुुरुजीत सिंह सरीन, रनदीप माथुर, जीतेंद्रमणि त्रिपाठी, दीपक, अवधेश मौर्य, डीआर मिश्र, वीरेंद्र पांडेय, वेद प्रकाश सिंह, डीएन सिंह, शिवम, राकेश पांडेय, राकेश उपाध्याय, दिलीप, रियाज, आरपी सिंह आदि शामिल रहे।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) जिला कमेटी के रामगढ़ी चौधरी व सत्यराम के नेतृत्व में कार्यकर्ता लाल झंडा लेकर न्याय मार्ग से शास्त्री चौक होते हुए डीएम कार्यालय परिसर पहुंचे। केंद्रीय वित्तमंत्री का पुतला जलाया। केके तिवारी, विरेंद्र प्रताप मिश्र, उर्मिला चौधरी, राजनरायण मिश्र, सियाराम सोनकर, सतीश चौहान, मुन्नीदेवी, शेषमणि, हीरा लाल, नरसिंह भारद्वाज, राम रतन, नीलू गौड़, नवनीत कुमार, गणेश शंकर आदि रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष सुनील पांडेय, महामंत्री शिवशंकर और सीटू नेता केके तिवारी के नेतृत्व में बाइक जुलूस निकाला गया। केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कर्मचारी डीएम कार्यालय परिसर पहुंचे। वक्ताओं ने केंद्र की श्रम नीतियों की आलोचना की। इस दौरान राजन यादव, प्रशांत मेहरोत्रा, राजन यादव, दीपक, आरके तिवारी, आशुतोष सिंह, सुरेंद्र मिश्र, शिवकुमार यादव, राजकुमार पांडेय आदि लोग शामिल रहे। 


हड़ताल में शामिल संगठन 
 डाकघर, बीएसएनएल, राजकीय नर्सेस संघ, महिला आंगनबाड़ी,  यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन, यूपी मेडिकल सेल्स रिप्रेंजटेटिव, रोडवेज  इंप्लाइज, इन्श्योरेंस इंप्लाइज यूनियन गोरखपुर डिविजन, मिनिस्ट्रीयल  एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट, भाकपा, राज्य कर्मचारी महा संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद आदि।
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