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Basti News: सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण ने जकड़ा, बच्चे परेशान
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जिला अस्पताल में होली के दूसरे दिन पहुंचे मरीज चिकित्सीय परामर्श के लिए हुए परेशान संवाद
बस्ती। मौसम के बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, बच्चे ज्यादा चपेट में हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 468 मरीजों ने पंजीकरण कराया। चूंकि, होली बाद लोकल छुट्टी के कारण ओपीडी 12 बजे तक ही चली, इससे तमाम मरीज बिना उपचार के ही लौट गए।
बताया गया कि पंजीकरण कराने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल और गले के संक्रमण से पीड़ित लोगों की रही। ईएनटी सर्जन डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि सामान्य दिनों में गले की समस्या लेकर औसतन 35 से 40 मरीज आते थे, लेकिन मौसम में बदलाव के कारण अब यह संख्या बढ़कर करीब आठ प्रतिदिन हो गई है। लापरवाही बरतने पर गले का संक्रमण गंभीर होकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है। इससे मरीजों को खाने-पीने में भी परेशानी होती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि इस मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और खट्टी चीजों से पूरी तरह परहेज करें। ग
ले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन न करें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। कमजोर बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान दें। सीने में जकड़न होने पर भाप दिलाने और गुनगुना पानी पिलाने की सलाह दी है।
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इलाज कराने आए एक मरीज ने बताया कि तीन दिन से बुखार, गले में जलन और खांसी की समस्या है, जिसके लिए वह दवा लेने अस्पताल आया है। 12 बजे तक ओपीडी चलने के कारण ओपीडी से लेकर ब्लड जांच केंद्र पर काफी भीड़ रही। इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
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महिला अस्पताल में 160 गर्भवती की हुई जांच
जिला महिला अस्पताल में भी 12 बजे तक ओपीडी सेवा चली। इस दौरान 160 मरीजों ने परामर्श लिया। वहीं, समय के अभाव में तमाम गर्भवती बिना उपचार के ही लौट गईं, उन्हें अब दोबारा जांच के लिए बुलाया गया है। होली बीतने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
कोट
12 बजे तक ओपीडी संचालित हुई। बाकी इमरजेंसी सेवा चलती रही। जो मरीज आए उन्हें परामर्श दिया गया। ब्लड जांच की भी सुविधा मिली।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्प्ताल, बस्ती।
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बताया गया कि पंजीकरण कराने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल और गले के संक्रमण से पीड़ित लोगों की रही। ईएनटी सर्जन डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि सामान्य दिनों में गले की समस्या लेकर औसतन 35 से 40 मरीज आते थे, लेकिन मौसम में बदलाव के कारण अब यह संख्या बढ़कर करीब आठ प्रतिदिन हो गई है। लापरवाही बरतने पर गले का संक्रमण गंभीर होकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है। इससे मरीजों को खाने-पीने में भी परेशानी होती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि इस मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और खट्टी चीजों से पूरी तरह परहेज करें। ग
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ले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन न करें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। कमजोर बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान दें। सीने में जकड़न होने पर भाप दिलाने और गुनगुना पानी पिलाने की सलाह दी है।
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इलाज कराने आए एक मरीज ने बताया कि तीन दिन से बुखार, गले में जलन और खांसी की समस्या है, जिसके लिए वह दवा लेने अस्पताल आया है। 12 बजे तक ओपीडी चलने के कारण ओपीडी से लेकर ब्लड जांच केंद्र पर काफी भीड़ रही। इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
महिला अस्पताल में 160 गर्भवती की हुई जांच
जिला महिला अस्पताल में भी 12 बजे तक ओपीडी सेवा चली। इस दौरान 160 मरीजों ने परामर्श लिया। वहीं, समय के अभाव में तमाम गर्भवती बिना उपचार के ही लौट गईं, उन्हें अब दोबारा जांच के लिए बुलाया गया है। होली बीतने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी रही।
कोट
12 बजे तक ओपीडी संचालित हुई। बाकी इमरजेंसी सेवा चलती रही। जो मरीज आए उन्हें परामर्श दिया गया। ब्लड जांच की भी सुविधा मिली।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्प्ताल, बस्ती।