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कोडीनयुक्त सिरप : खुलासे के बाद चार थोक दवा की दुकानों का लाइसेंस निरस्त
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बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप के धंधेबाज विभाग को चकमा देने के लिए थोक दवा कारोबार का लाइसेंस हथिया लिए थे। कुछ फर्म के पते पर सिर्फ दिखावे के लिए दुकान खोली गई थी। उसमें दवाओं की उपलब्धता लगभग न के बराबर रही। सिर्फ कोडीनयुक्त सिरप के सप्लाई में ही यह फर्म उपयोग में लाई जा रही थी।
परत दर परत खुलासा होने के बाद विभाग के कान खड़े हुए तो आनन-फानन चार संदिग्ध थोक दवा की फर्म का लाइसेंस निरस्त किया गया। बस्ती में कोडीनयुक्त सिरप सप्लाई करने वाले धंधेबाजों की लंबी शृंखला पकड़ में आ रही है। थोक दवा के लाइसेंस वाले छह फर्मों से जुड़े आठ लोग पुलिस कार्रवाई की जद में आ चुके हैं।
पुरानी बस्ती और कोतवाली थाने में इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। इसी के बाद यह धंधेबाज भूमिगत हो गए हैं। पुलिस के अनुसार इनके पकड़ में आने के बाद दवा कारोबार से जुड़े अभी कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
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हालांकि नामजद हो चुके लोगों के मोबाइल फोन भी स्वीच ऑफ जा रहे हैं। तफ्तीश के दौरान पुलिस अभी धंधेबाजों तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस अभी तक सिर्फ विभागीय दस्तावेज संकलित करने में ही उलझी हुई है। जांच पड़ताल में एक से बढ़कर एक चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। थोक दवा कारोबार के लिए पंजीकृत इन फर्मों के जरिये रांची से उठाए गए कोडीनयुक्त सिरप बल्क मात्रा में सीधे पश्चिम बंगाल भेज दिए गए। इसमें भाड़े की भी बचत हुई और मुनाफा भी खूब हुआ।
बाहर ही बाहर निर्माता कंपनी से डील होकर कोडीनयुक्त सिरप की खेप पार कर दी गई। थोक दवा के पते पर इसकी आपूर्ति ही नहीं हुई। जिससे मामला पकड़ में ही नहीं आ सका था। इसके अलावा लखनऊ और रांची से पूर्वांचल में खपाने के लिए मंगाई कोडीनयुक्त सिरप की खेप आजमगढ़ में भेजे जाने की पुष्टि हुई है। पुरानी बस्ती क्षेत्र के खुशबू गोयल पत्नी शंकर गोयल के दवा गोदाम में 15,696 बोतल कोडीनयुक्त सिरप नवंबर में पकड़ी जा चुकी है।
यह फर्म पांडेय बाजार में संचालित रही। इसमें तीन लोग का नाम पार्टनरशिप में सामने आया। इस फर्म पर लखनऊ से कोडीन युक्त सिरप और प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति का मामला पकड़ में आया था। दूसरी बार 9 दिसंबर को कोतवाली क्षेत्र के गणपति फार्मा के माध्यम से 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप के खपाने का मामला सामने आया। इसमें स्थानीय चार अन्य फर्मों की ओर से सप्लाई करने का खुलासा हुआ।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पांडेय बाजार की गोयल दवा एजेंसी, अमित ड्रग एजेंसी, गांधीनगर की आइडियल दवा एजेंसी और एस दवा एजेंसी का थोक लाइसेंस निरस्त कर दिया है। जबकि जिला अस्पताल के संस ड्रग एजेंसी की जांच सघनता से शुरू कर दी गई है।
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परत दर परत खुलासा होने के बाद विभाग के कान खड़े हुए तो आनन-फानन चार संदिग्ध थोक दवा की फर्म का लाइसेंस निरस्त किया गया। बस्ती में कोडीनयुक्त सिरप सप्लाई करने वाले धंधेबाजों की लंबी शृंखला पकड़ में आ रही है। थोक दवा के लाइसेंस वाले छह फर्मों से जुड़े आठ लोग पुलिस कार्रवाई की जद में आ चुके हैं।
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पुरानी बस्ती और कोतवाली थाने में इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। इसी के बाद यह धंधेबाज भूमिगत हो गए हैं। पुलिस के अनुसार इनके पकड़ में आने के बाद दवा कारोबार से जुड़े अभी कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
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हालांकि नामजद हो चुके लोगों के मोबाइल फोन भी स्वीच ऑफ जा रहे हैं। तफ्तीश के दौरान पुलिस अभी धंधेबाजों तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस अभी तक सिर्फ विभागीय दस्तावेज संकलित करने में ही उलझी हुई है। जांच पड़ताल में एक से बढ़कर एक चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। थोक दवा कारोबार के लिए पंजीकृत इन फर्मों के जरिये रांची से उठाए गए कोडीनयुक्त सिरप बल्क मात्रा में सीधे पश्चिम बंगाल भेज दिए गए। इसमें भाड़े की भी बचत हुई और मुनाफा भी खूब हुआ।
बाहर ही बाहर निर्माता कंपनी से डील होकर कोडीनयुक्त सिरप की खेप पार कर दी गई। थोक दवा के पते पर इसकी आपूर्ति ही नहीं हुई। जिससे मामला पकड़ में ही नहीं आ सका था। इसके अलावा लखनऊ और रांची से पूर्वांचल में खपाने के लिए मंगाई कोडीनयुक्त सिरप की खेप आजमगढ़ में भेजे जाने की पुष्टि हुई है। पुरानी बस्ती क्षेत्र के खुशबू गोयल पत्नी शंकर गोयल के दवा गोदाम में 15,696 बोतल कोडीनयुक्त सिरप नवंबर में पकड़ी जा चुकी है।
यह फर्म पांडेय बाजार में संचालित रही। इसमें तीन लोग का नाम पार्टनरशिप में सामने आया। इस फर्म पर लखनऊ से कोडीन युक्त सिरप और प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति का मामला पकड़ में आया था। दूसरी बार 9 दिसंबर को कोतवाली क्षेत्र के गणपति फार्मा के माध्यम से 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप के खपाने का मामला सामने आया। इसमें स्थानीय चार अन्य फर्मों की ओर से सप्लाई करने का खुलासा हुआ।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पांडेय बाजार की गोयल दवा एजेंसी, अमित ड्रग एजेंसी, गांधीनगर की आइडियल दवा एजेंसी और एस दवा एजेंसी का थोक लाइसेंस निरस्त कर दिया है। जबकि जिला अस्पताल के संस ड्रग एजेंसी की जांच सघनता से शुरू कर दी गई है।