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Basti News: तला-भुना खाकर बीमार पड़ रहे बच्चे, दस्त-खांसी से परेशान
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जिला अस्पताल में ब्लड जांच के लिए कतार में खड़े मरीज संवाद
बस्ती। मौसम में हो रहे बदलाव का असर छोटे बच्चों की सेहत पर भी दिखने लगा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। रोजाना 15 से 50 बच्चे दस्त, खांसी और बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। जांच में पाया जा रहा है कि तला-भुना खाद्य पदार्थ खाकर ये बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 967 मरीजों ने पर्चा बनवाया। अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि रोजाना 160 से अधिक की ओपीडी हो रही है। इसमें से अधिकांश बच्चे दस्त, खांसी और बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं।
अचानक से मौसम में हुए बदलाव और लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव, गलत खान-पान और लापरवाही के चलते बच्चों को परेशानी हो रही है। बताया कि बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगता है।
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उन्होंने बताया कि कई बच्चों में सर्दी-खांसी के साथ बुखार और पेट से संबंधित समस्याएं भी सामने आ रही हैं। जिला अस्पताल में रोजाना दो से ढाई सौ लोगों के की जांच हो रही है। इसमें बुखार के मरीज अधिक हैं।
वहीं, एक माह में जिला अस्पताल में हाईग्रेड फीवर के 55 मरीजों की जांच हुई है। उसमें दो मरीजों में एईएस जांच भी शामिल हैं। बताते हैं कि मंगलवार को अधिक जांच के चलते कई बार ब्लड जांच मशीन बंद भी हो गई, इससे परेशानी हुई।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि दस्त वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। गंभीर बच्चों को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में मंगलवार को 967 मरीजों ने पर्चा बनवाया। अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि रोजाना 160 से अधिक की ओपीडी हो रही है। इसमें से अधिकांश बच्चे दस्त, खांसी और बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं।
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अचानक से मौसम में हुए बदलाव और लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव, गलत खान-पान और लापरवाही के चलते बच्चों को परेशानी हो रही है। बताया कि बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगता है।
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उन्होंने बताया कि कई बच्चों में सर्दी-खांसी के साथ बुखार और पेट से संबंधित समस्याएं भी सामने आ रही हैं। जिला अस्पताल में रोजाना दो से ढाई सौ लोगों के की जांच हो रही है। इसमें बुखार के मरीज अधिक हैं।
वहीं, एक माह में जिला अस्पताल में हाईग्रेड फीवर के 55 मरीजों की जांच हुई है। उसमें दो मरीजों में एईएस जांच भी शामिल हैं। बताते हैं कि मंगलवार को अधिक जांच के चलते कई बार ब्लड जांच मशीन बंद भी हो गई, इससे परेशानी हुई।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि दस्त वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। गंभीर बच्चों को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है।