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आज अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य

Wed, 25 Oct 2017 11:26 PM IST
basti
basti Updated Wed, 25 Oct 2017 11:26 PM IST
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chhath pooja start 1
त्‍याेहार - फोटो : amar ujala

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बस्ती। 
छठ महापर्व पर बुधवार को खरना तैयार किया गया। इसके साथ ही 36 घंटे तक चलने वाले निर्जला व्रत शुरू हुआ। शुक्रवार को उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद ही वे अन्न-जल ग्रहण करेंगी। बृहस्पतिवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दी जाएगी। इसके लिए घाट पर सारी तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी हैं। 
बुधवार को पीली मिट्टी से बनाए चूल्हे में लौकी कद्दू और चने की सब्जी और चावल बनाकर खाने के बाद व्रत शुरू हुआ। बृहस्पतिवार को पूजा की टोकरी लेकर व्रती परिवार सहित घाट पहुंचेंगी। जहां पहले से तैयार की गई वेदी पर विधि-विधान से पूजा की जाएगी। 
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बृहस्पतिवार को दिन भर व्रत रहने के पश्चात सायंकाल अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की व्रतियों ने तैयारी पूरी की। पूजन सामग्री में विविध प्रकार के पकवान, फलों को डलिया आदि वेदी पर चढ़ाने वाली आवश्यक पूजन सामग्री का प्रबंध करती रहीं। बृहस्पतिवार को ही पुत्र प्राप्ति अथवा विवाह के पश्चात कोशी भरने की रस्म भी अदा की जाएगी। बभनान क्षेत्र के कुआनो नदी के अईला, बाधा काडर, कोठिला, तरैनी, शिवा घाट पर भी सूर्य की उपासना की जाएगी। मुंडेरवा क्षेत्र से होकर के निकली कठिनइया नदी तट और मनोरमा तट पर पूजा की जाएगी।  
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हियुवा ने इंतजाम का आग्रह किया
हियुवा जिलाध्यक्ष अज्जू हिंदुस्थानी ने छठ पर्व पर अमहट घाट और पुरानी बस्ती के निर्मली कुंड पर साफ-सफाई और अन्य इंतजाम को लेकर पहल की है। अज्जू का कहना है कि बड़ी संख्या में महिलाएं पूजन के लिए आती हैं। इसमें सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी है। अक्सर में भीड़ में चोर उचक्के आभूषणों पर हाथ साफ कर देते हैं। ऐसे में महिला पुलिस लगाकर व्यवस्था करनी होगी। अमहट घाट पर साफ सफाई, पेयजल, बिजली और नाव के साथ गोताखोरों की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। 
ब्रह्मा की बेटी और सूर्य की बहन हैं छठ
अथर्ववेद में षष्ठी देवी को भगवान भास्कर की मानस बहन और ब्रह्मा की बेटी बताया गया है। प्रकृति के छठे अंश से उत्पन्न षष्ठी माता का पालन-पोषण इंद्र देव ने किया। जबकि विवाह भगवान शिव के बड़े पुत्र कार्तिकेय से हुआ। स्वर्ग, छठ माता का मायका और कैलाश पर्वत ससुराल बताया गया है। यह भी वर्णन है कि यह माता सूर्य के किरणों की सवारी करके भक्तों तक पहुंचती हैं। इन्हें मनाने के लिए उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। 

कैमरे से निगरानी
अमहट घाट पर अवांछनीय तत्वों से व्रतियों को बचाने के लिए पुलिस की व्यापक तैयारी की गई है। महिलाओं में घुल-मिलकर चोरी करने वाली गैंग की पिछले वर्ष गतिविधि को देखते हुए इस बार पूरे परिसर को सीसी कैमरों को कवर कर दिया गया है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि पूरे समय के लिए पर्याप्त फोर्स तैनात की जा रही है।  

 
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