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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं मिला शुद्ध पानी
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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं मिला शुद्ध पानी
बनकटी (बस्ती)। बनकटी विकास खंड क्षेत्र के कराहपिठिया, धौरूखोर में दो साल से अधिक समय से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप है। इसके पीछे पाइप लाइनों में रिसाव व विद्युत व यांत्रिक दोष मुख्य कारण है। ऐसे में इन गांवों में लगे ओवरहेड टैंक अब शो-पीस बन कर रह गए हैं। वहीं, बघाड़ी में दो साल से ओवरहेड टैंक निर्माणाधीन है। लिहाजा इन गांवों के तमाम घरों के लोग कम गहराई वाले हैंडपंप का पानी को मजबूर हैं, जो उन्हें कभी भी बीमार कर सकता है।
बनकटी विकास खंड के कराहपिठिया, धौरुखोर, बघाड़ी में स्वजल धारा योजना के तहत करोड़ों की लागत से ओवरहेड टैंक बनाया गया। लेकिन, विभागीय व जिम्मेदारों के उपेक्षा के चलते बेमतलब साबित हो रहे हैं। यहां बिछी पाइप लाइन में लीकेज, तकनीकी खराबी, विद्युत दोष से पानी की आपूर्ति कभी सुचारु हो ही नहीं पाई। इन गांवों का पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के दौरान पता चला कि कराहपिठिया में पाइप लाइन में रिसाव के चलते ट्रायल के बाद से पानी की आपूर्ति बंद है। इस ग्राम पंचायत की करीब चार हजार की आबादी के लिए वर्ष 2014-15 में ओवरहेड टैंक का निर्माण करने के साथ घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई थी। धौरुखोर की आबादी करीब ढाई हजार है। यहां वर्ष 2013-014 में ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ और घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि बमुश्किल चार-पांच महीने ही पानी की आपूर्ति हुई, इसके बाद अक्सर पाइप लाइन में रिसाव की समस्या आने लगी। महादेवा-लालगंज के मार्ग के निर्माण के समय पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से दो साल से पानी की आपूर्ति बिल्कुल बंद है। वहीं, देवमी ग्राम पंचायत के बघाड़ी गांव में तो 2019-20 में ओवरहेड टैंक निर्माण शुरू हुआ। इसे 2020-21 में बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन अभी भी यह निर्माणाधीन है। ऐसे में यहां रह रही करीब तीन हजार की आबादी छोटे हैंडपंप का पानी को मजबूर है, जो उन्हें कभी भी बीमार कर सकता है।
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खड़ौआ पिपरा के नाम से प्रस्तावित ओवरहेड टैंक का निर्माण धौरूखोर हुआ है। करीब एक दर्जन गांवों को जलापूर्ति होती थी, लेकिन पाइप लाइन में लीकेज के चलते पेयजल आपूर्ति बंद है।
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राजेश चौधरी, ग्राम प्रधान धौरुखोर
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गांव में पानी की आपूर्ति के लिए टंकी तो बनी है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते शो पीस बन कर रह गया। पानी शुद्ध न मिलने से गांव के लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। पानी की जरूरत को लोग हैंडपंप पर ही निर्भर हैं।
डॉ.आरपी शुक्ला, महादेवा
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कराहपिठिया में पानी की टंकी है, लेकिन विभागीय लापरवाही और देखरेख के अभाव में ट्रायल के एक माह बाद से विद्युत दोष से आपूर्ति बंद है। जिससे लोगों को हैंडपंप से पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। कई बार शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी।
कमलेश चौधरी, कराहपिठिया
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बघाड़ी गांव में करीब दो साल से ओवरहेड टैंक का निर्माण हो रहा है। पाइप लाइन भी अभी तक कई घरों तक नहीं पहुंची है। फिलहाल कई महीने से काम बंद है, जिससे शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद सपना बन कर रह गई है।
राजेंद्र चौधरी, ग्राम प्रधान, देवमी
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बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल संबंधी समस्या के निस्तारण की जिम्मेदारी संतकबीरनगर जल निगम के पास है। जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति किन्हीं कारणों से प्रभावित है। वहां का सर्वे किया जा रहा है। पंद्रह दिन के भीतर रिपोर्ट संतकबीरनगर जिले को भेज दी जाएगी।
योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एई, जल निगम, बस्ती
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बनकटी (बस्ती)। बनकटी विकास खंड क्षेत्र के कराहपिठिया, धौरूखोर में दो साल से अधिक समय से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप है। इसके पीछे पाइप लाइनों में रिसाव व विद्युत व यांत्रिक दोष मुख्य कारण है। ऐसे में इन गांवों में लगे ओवरहेड टैंक अब शो-पीस बन कर रह गए हैं। वहीं, बघाड़ी में दो साल से ओवरहेड टैंक निर्माणाधीन है। लिहाजा इन गांवों के तमाम घरों के लोग कम गहराई वाले हैंडपंप का पानी को मजबूर हैं, जो उन्हें कभी भी बीमार कर सकता है।
बनकटी विकास खंड के कराहपिठिया, धौरुखोर, बघाड़ी में स्वजल धारा योजना के तहत करोड़ों की लागत से ओवरहेड टैंक बनाया गया। लेकिन, विभागीय व जिम्मेदारों के उपेक्षा के चलते बेमतलब साबित हो रहे हैं। यहां बिछी पाइप लाइन में लीकेज, तकनीकी खराबी, विद्युत दोष से पानी की आपूर्ति कभी सुचारु हो ही नहीं पाई। इन गांवों का पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के दौरान पता चला कि कराहपिठिया में पाइप लाइन में रिसाव के चलते ट्रायल के बाद से पानी की आपूर्ति बंद है। इस ग्राम पंचायत की करीब चार हजार की आबादी के लिए वर्ष 2014-15 में ओवरहेड टैंक का निर्माण करने के साथ घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई थी। धौरुखोर की आबादी करीब ढाई हजार है। यहां वर्ष 2013-014 में ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ और घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि बमुश्किल चार-पांच महीने ही पानी की आपूर्ति हुई, इसके बाद अक्सर पाइप लाइन में रिसाव की समस्या आने लगी। महादेवा-लालगंज के मार्ग के निर्माण के समय पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से दो साल से पानी की आपूर्ति बिल्कुल बंद है। वहीं, देवमी ग्राम पंचायत के बघाड़ी गांव में तो 2019-20 में ओवरहेड टैंक निर्माण शुरू हुआ। इसे 2020-21 में बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन अभी भी यह निर्माणाधीन है। ऐसे में यहां रह रही करीब तीन हजार की आबादी छोटे हैंडपंप का पानी को मजबूर है, जो उन्हें कभी भी बीमार कर सकता है।
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खड़ौआ पिपरा के नाम से प्रस्तावित ओवरहेड टैंक का निर्माण धौरूखोर हुआ है। करीब एक दर्जन गांवों को जलापूर्ति होती थी, लेकिन पाइप लाइन में लीकेज के चलते पेयजल आपूर्ति बंद है।
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राजेश चौधरी, ग्राम प्रधान धौरुखोर
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गांव में पानी की आपूर्ति के लिए टंकी तो बनी है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते शो पीस बन कर रह गया। पानी शुद्ध न मिलने से गांव के लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। पानी की जरूरत को लोग हैंडपंप पर ही निर्भर हैं।
डॉ.आरपी शुक्ला, महादेवा
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कराहपिठिया में पानी की टंकी है, लेकिन विभागीय लापरवाही और देखरेख के अभाव में ट्रायल के एक माह बाद से विद्युत दोष से आपूर्ति बंद है। जिससे लोगों को हैंडपंप से पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। कई बार शिकायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी।
कमलेश चौधरी, कराहपिठिया
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बघाड़ी गांव में करीब दो साल से ओवरहेड टैंक का निर्माण हो रहा है। पाइप लाइन भी अभी तक कई घरों तक नहीं पहुंची है। फिलहाल कई महीने से काम बंद है, जिससे शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद सपना बन कर रह गई है।
राजेंद्र चौधरी, ग्राम प्रधान, देवमी
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बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल संबंधी समस्या के निस्तारण की जिम्मेदारी संतकबीरनगर जल निगम के पास है। जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति किन्हीं कारणों से प्रभावित है। वहां का सर्वे किया जा रहा है। पंद्रह दिन के भीतर रिपोर्ट संतकबीरनगर जिले को भेज दी जाएगी।
योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एई, जल निगम, बस्ती