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सरयू नहर लबालब पर किसानों के खेत प्यासे
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सल्टौआ क्षेत्र में घास फूस से पटा नहर।
- फोटो : BASTI
फोटो
सरयू नहर लबालब पर किसानों के खेत प्यासे
शाखाओं की सफाई नहीं होने से कोई लाभ नहीं
धान की रोपाई के लिए किसानों की दिक्कतें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
सल्टौआ। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते नहीं थक रही है, वहीं, नहर में पानी होते हुए भी किसानों के खेत सूखे हैं। शाखाओं की मरम्मत और सफाई के प्रति जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं, जिससे पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
सरयू नहर खंड (चार) की दर्जनों शाखाओं में साफ-सफाई न होने चलते इनमें पानी नहीं आ पा रहा है। इस समय रोपाई का कार्य होना है। मुख्य नहर में पानी भरा है। बार बार किसानों के मांग के बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हैं। इस नहर से लगभग पांच हजार हेक्टेयर खेती की प्रति वर्ष सिंचाई होनी है, लेकिन साफ-सफाई के अभाव में प्रभावित हो जाती है। जिसका असर धान, गन्ना, सब्जी, मक्का आदि की खेती पर पड़ रहा है। किसान खेती को भगवान भरोसे छोड़ नहर में पानी आने का राह देख रहे हैं। क्षेत्र के पड़री, लपसी, गौहनिया, चौकवा, हसनापुर, रामपुर मुड़री, सल्टौआ, देईपार, धौरपारा, रेहारजंगल, बरगदवा, मुरादपुर, पचानू, सूरतगढ़ बेलहसा, ककरहिया आदि गांवों से नहर की शाखाएं होकर गईं हैं। इसमें पानी नहीं हैं। किसान रामनरेश, विनोद कुमार, रामचंद्र, गंगाराम, अशर्फी, रामशब्द, रामफेर, रंगीलाल आदि का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही हम लोगों पर भारी पड़ जाएगी। समय से फसलों को पानी नही मिला तो भीषण गर्मी में सूख जाएगी और उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा। इस संबंध में एसडीएम भानपुर राजेश कुमार सिंह ने बताया किसानों ने इस समस्या से अवगत कराया है। संबंधित विभाग से व्यवस्था में सुधार करने को कहा जाएगा ताकि शाखाओं में भी पानी पहुंचे।
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सरयू नहर लबालब पर किसानों के खेत प्यासे
शाखाओं की सफाई नहीं होने से कोई लाभ नहीं
धान की रोपाई के लिए किसानों की दिक्कतें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
सल्टौआ। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते नहीं थक रही है, वहीं, नहर में पानी होते हुए भी किसानों के खेत सूखे हैं। शाखाओं की मरम्मत और सफाई के प्रति जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं, जिससे पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
सरयू नहर खंड (चार) की दर्जनों शाखाओं में साफ-सफाई न होने चलते इनमें पानी नहीं आ पा रहा है। इस समय रोपाई का कार्य होना है। मुख्य नहर में पानी भरा है। बार बार किसानों के मांग के बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हैं। इस नहर से लगभग पांच हजार हेक्टेयर खेती की प्रति वर्ष सिंचाई होनी है, लेकिन साफ-सफाई के अभाव में प्रभावित हो जाती है। जिसका असर धान, गन्ना, सब्जी, मक्का आदि की खेती पर पड़ रहा है। किसान खेती को भगवान भरोसे छोड़ नहर में पानी आने का राह देख रहे हैं। क्षेत्र के पड़री, लपसी, गौहनिया, चौकवा, हसनापुर, रामपुर मुड़री, सल्टौआ, देईपार, धौरपारा, रेहारजंगल, बरगदवा, मुरादपुर, पचानू, सूरतगढ़ बेलहसा, ककरहिया आदि गांवों से नहर की शाखाएं होकर गईं हैं। इसमें पानी नहीं हैं। किसान रामनरेश, विनोद कुमार, रामचंद्र, गंगाराम, अशर्फी, रामशब्द, रामफेर, रंगीलाल आदि का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही हम लोगों पर भारी पड़ जाएगी। समय से फसलों को पानी नही मिला तो भीषण गर्मी में सूख जाएगी और उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा। इस संबंध में एसडीएम भानपुर राजेश कुमार सिंह ने बताया किसानों ने इस समस्या से अवगत कराया है। संबंधित विभाग से व्यवस्था में सुधार करने को कहा जाएगा ताकि शाखाओं में भी पानी पहुंचे।
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