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आग से ढाई सौ के घर जले
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:28 PM IST
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कुदरहा ब्लाक के महुवा पार में आग लगने से जला समान।
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एक बच्ची की लापरवाही से कुदरहा के महुआपार में दो सौ से अधिक लोगों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। जबकि छावनी के बलुआ रुदनी में चूल्हे की चिंगारी ने 12 से अधिक घरों को जला दिया। पीड़ितों की जिंदगी अब दूसरों के रहमो करम पर ठहर गई है।
गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक महुआपार गांव में एक बच्ची सरपत में आग लगा दी। तेज पछुआ हवाओं से उड़ी चिंगारियों से भूसे की घारी को चपेट में ले लिया जिससे नाटे का घर जलने लगा। घर के लोग बाहर निकल चीखने चिल्लने लगे तब तक तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया। इसके बाद शफीक अहमद, फूलजहां, अली हसन, वर्मादीन, सुकरुल्लाह, जैनुल्लाह, बैतुल्लाह, मशहुल्ला, कलामुद्दीन, ग्राम प्रधान इरशाद घर धू धू कर जलने लगे। आग की विकरालता की वजह से घरों में रखा कोई भी समान निकला नहीं जा सका। लोग सिर्फ अपनी जान बचाकर भागे। गेहूं की मड़ाई के बाद सभी घरों में अच्छा खास अनाज स्टोर था। आग की चपेट में ट्रैक्टर-ट्रॉली, छह पंपिंग सेट, थ्रेशर जल गए। देखते देखते पूरा गांव के पांच पुरवे सेखौना, मल्लाहपुरवा, घोषीपुरवा, फकीर पुरवा और दलित बस्ती आग में जल गई।
कोहराम के बीच किसी ने 100 नंबर और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां देर शाम तक आग बुझाने में लगी रहीं। मौके पर कलवारी थानाध्यक्ष रवि राय भी पूरी फोर्स के साथ पहुंचे। हल्का लेखपाल, कानूनगो आदि को भी सूचना दी गई।
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वहीं छावनी थाना क्षेत्र के बलुआ रूदनी गांव में दोपहर को लगी आग में 12 घर जलकर राख हो गए। दमकल की तीन गाड़ियों और ग्रामीणों की सहयोग लगभग तीन घंटे बाद आग पर पूरा काबू मिला। गांव के पश्चिम रामकल्प तिवारी के घर से आग लपटें निकली। तेज हवा के कारण जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने पूरे घर को अपने आगोश में ले लिया। गुहार लगने के बाद गांव लोग पहुंच कर बुझाने में जुटे थे कि इसी बीच एक चिंगारी से आस पड़ोस के घर भी जलने लगे। देखते ही देखते गांव के तुलसीराम, संतोष, मनी तिवारी, राम उदार तिवारी, अर्जुन, परमात्मा तिवारी, अनिल तिवारी, हौंसला तिवारी, शिवदत्त, बजरंग नाथ तिवारी का घर जल कर राख हो गया। सबसे अधिक नुकसान रामकल्प और अर्जुन का हुआ है। परिवार को लोग रो- रो कर बता रहे थे कि शरीर पर पहने वस्त्र के अलावा कुछ नहीं बचा है।
दमकल की तीन गाडियों और आसपास के गांवों के तमाम ग्रमीणों की सहयोग से करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। अग्नि पीड़ितों समक्ष खाने, पीने और रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहीं नहीं भूसा जल जाने के कारण पशुओं के लिए चारे की भी मुसीबत बढ़ गई है।
क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह गांव में पहुंच कर पीडितों को ढाढ़स बधाया तथा मदद का आश्वासन दिया। बलुआ रूदनी गांव से उड़ी चिनगारी पडोसी गांव बसगोती तक पहुंच गई थी। गांव के दो जगहों पर जलते देख लोग उसे बुझाकर सचेत हो गए। यहां किसी का कुछ नुकसान नहीं हुआ।
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गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक महुआपार गांव में एक बच्ची सरपत में आग लगा दी। तेज पछुआ हवाओं से उड़ी चिंगारियों से भूसे की घारी को चपेट में ले लिया जिससे नाटे का घर जलने लगा। घर के लोग बाहर निकल चीखने चिल्लने लगे तब तक तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया। इसके बाद शफीक अहमद, फूलजहां, अली हसन, वर्मादीन, सुकरुल्लाह, जैनुल्लाह, बैतुल्लाह, मशहुल्ला, कलामुद्दीन, ग्राम प्रधान इरशाद घर धू धू कर जलने लगे। आग की विकरालता की वजह से घरों में रखा कोई भी समान निकला नहीं जा सका। लोग सिर्फ अपनी जान बचाकर भागे। गेहूं की मड़ाई के बाद सभी घरों में अच्छा खास अनाज स्टोर था। आग की चपेट में ट्रैक्टर-ट्रॉली, छह पंपिंग सेट, थ्रेशर जल गए। देखते देखते पूरा गांव के पांच पुरवे सेखौना, मल्लाहपुरवा, घोषीपुरवा, फकीर पुरवा और दलित बस्ती आग में जल गई।
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कोहराम के बीच किसी ने 100 नंबर और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां देर शाम तक आग बुझाने में लगी रहीं। मौके पर कलवारी थानाध्यक्ष रवि राय भी पूरी फोर्स के साथ पहुंचे। हल्का लेखपाल, कानूनगो आदि को भी सूचना दी गई।
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वहीं छावनी थाना क्षेत्र के बलुआ रूदनी गांव में दोपहर को लगी आग में 12 घर जलकर राख हो गए। दमकल की तीन गाड़ियों और ग्रामीणों की सहयोग लगभग तीन घंटे बाद आग पर पूरा काबू मिला। गांव के पश्चिम रामकल्प तिवारी के घर से आग लपटें निकली। तेज हवा के कारण जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने पूरे घर को अपने आगोश में ले लिया। गुहार लगने के बाद गांव लोग पहुंच कर बुझाने में जुटे थे कि इसी बीच एक चिंगारी से आस पड़ोस के घर भी जलने लगे। देखते ही देखते गांव के तुलसीराम, संतोष, मनी तिवारी, राम उदार तिवारी, अर्जुन, परमात्मा तिवारी, अनिल तिवारी, हौंसला तिवारी, शिवदत्त, बजरंग नाथ तिवारी का घर जल कर राख हो गया। सबसे अधिक नुकसान रामकल्प और अर्जुन का हुआ है। परिवार को लोग रो- रो कर बता रहे थे कि शरीर पर पहने वस्त्र के अलावा कुछ नहीं बचा है।
दमकल की तीन गाडियों और आसपास के गांवों के तमाम ग्रमीणों की सहयोग से करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। अग्नि पीड़ितों समक्ष खाने, पीने और रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहीं नहीं भूसा जल जाने के कारण पशुओं के लिए चारे की भी मुसीबत बढ़ गई है।
क्षेत्रीय विधायक अजय सिंह गांव में पहुंच कर पीडितों को ढाढ़स बधाया तथा मदद का आश्वासन दिया। बलुआ रूदनी गांव से उड़ी चिनगारी पडोसी गांव बसगोती तक पहुंच गई थी। गांव के दो जगहों पर जलते देख लोग उसे बुझाकर सचेत हो गए। यहां किसी का कुछ नुकसान नहीं हुआ।