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Basti News: निर्माणाधीन आवास को गिराने पहुंचा बुलडोजर, भूमिहीन का चालान
Mon, 29 Jan 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 29 Jan 2024 01:42 AM IST
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नगर पंचायत गायघाट में वर्षों से झोपड़ी डालकर रहती है महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर पंचायत गायघाट में भूमिहीन की झोपड़ी को हटाने के लिए बुलडोजर पहुंच गया, जहां नगर पंचायत से आवंटित आवास को ही गिराने लगा। विरोध के चलते प्रशासनिक अमले को लौटना पड़ा। मगर, भूमिहीन लाभार्थी का चालान कर दिया। उक्त जमीन को ग्राम समाज का समझकर वह झोपड़ी डालकर रह रही थी। बाद में नगर पंचायत से उसका आवास पास हो गया। दूसरी किस्त भी जारी हो चुकी है। अब पता चल रहा है कि भूमिधरी की जमीन है।
जानकारी के अनुसार, मामला नगर पंचायत गायघाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास का है। यहां झोपड़ी डालकर रह रही किताबुन्निशा को नगर पंचायत की तरफ से आवास आवंटित किया गया। उस जमीन को वह आबादी की समझकर रहती रही, जिसे अब आराजी नंबर बताया जा रहा है। महिला का कहना है कि उक्त जमीन पर वह आवास बनवा रही है। इसी बीच बैड़ारी निवासी असलम शेख नींव की खोदाई करने के लिए पहुंचा तो उसे बताया गया कि वह जमीन भूमिधरी की है। जेसीबी को अपने निर्माणाधीन मकान के पास आने पर परिवार वालों ने विरोध किया।
किताबुन्निशा ने बताया कि उसके पूर्वज इस जमीन पर रहकर जीवन निर्वाह करते चले आ रहे हैं। इस जमीन का नंबर 283 है। जबकि पुरानी सड़क के नाले के उस पार 322 है। जिसे बैराड़ी निवासी भू-माफिया असलम शेख ने दो साल पहले गायघाट निवासी नेवासेदार बब्बन से बैनामा कराया था। स्थानीय पुलिस और लेखपाल को प्रभाव में लेकर राम जानकी मार्ग से सटाकर भवन निर्माण कराना चाह रहे हैं। इसलिए उसकी झोपड़ी को उजाड़ा जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर पंचायत गायघाट में भूमिहीन की झोपड़ी को हटाने के लिए बुलडोजर पहुंच गया, जहां नगर पंचायत से आवंटित आवास को ही गिराने लगा। विरोध के चलते प्रशासनिक अमले को लौटना पड़ा। मगर, भूमिहीन लाभार्थी का चालान कर दिया। उक्त जमीन को ग्राम समाज का समझकर वह झोपड़ी डालकर रह रही थी। बाद में नगर पंचायत से उसका आवास पास हो गया। दूसरी किस्त भी जारी हो चुकी है। अब पता चल रहा है कि भूमिधरी की जमीन है।
जानकारी के अनुसार, मामला नगर पंचायत गायघाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास का है। यहां झोपड़ी डालकर रह रही किताबुन्निशा को नगर पंचायत की तरफ से आवास आवंटित किया गया। उस जमीन को वह आबादी की समझकर रहती रही, जिसे अब आराजी नंबर बताया जा रहा है। महिला का कहना है कि उक्त जमीन पर वह आवास बनवा रही है। इसी बीच बैड़ारी निवासी असलम शेख नींव की खोदाई करने के लिए पहुंचा तो उसे बताया गया कि वह जमीन भूमिधरी की है। जेसीबी को अपने निर्माणाधीन मकान के पास आने पर परिवार वालों ने विरोध किया।
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किताबुन्निशा ने बताया कि उसके पूर्वज इस जमीन पर रहकर जीवन निर्वाह करते चले आ रहे हैं। इस जमीन का नंबर 283 है। जबकि पुरानी सड़क के नाले के उस पार 322 है। जिसे बैराड़ी निवासी भू-माफिया असलम शेख ने दो साल पहले गायघाट निवासी नेवासेदार बब्बन से बैनामा कराया था। स्थानीय पुलिस और लेखपाल को प्रभाव में लेकर राम जानकी मार्ग से सटाकर भवन निर्माण कराना चाह रहे हैं। इसलिए उसकी झोपड़ी को उजाड़ा जा रहा है।
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