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Basti News: बीडीए क्षेत्र में घर बनवाना हुआ आसान...विकास शुल्क घटा, 217 गांवों को राहत
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बस्ती विकास प्राधिकरण कार्यालय बस्
बस्ती। बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) क्षेत्र में घर बनवाना थोड़ा आसान हो गया है। बीडीए ने विकास शुल्क 152 रुपये प्रति वर्गमीटर कम कर दिया है। पहले नक्शा पास कराने के लिए 755 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से भुगतान करना होता था। अब 603 रुपये की दर से शुल्क देना होगा। इससे क्षेत्र के करीब 217 गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
बीडीए प्रभावी हुए अभी पांच साल भी नहीं हुए कि सीमा विस्तार में यह नगर पालिका से कहीं आगे निकल गया है। शुरू में नगर पालिका समेत आसपास के 69 गांवों के लिए महायोजना 2021 तैयार की गई थी। वहीं, महायोजना 2031 के नए मास्टर प्लान में सीमा क्षेत्र बढ़ाकर 217 गांव शामिल कर लिए गए हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 151 वर्ग किलोमीटर है। ऐसे में काफी क्षेत्र में बीडीए का प्रभाव हो गया है।
वहीं, विकास शुल्क अधिक होने के बाद लगातार व्यापारियों और भू-स्वामियों की ओर से आपत्ति दी जा रही थी, जिसके निराकरण के लिए प्रत्यावेदन भेजे थे। सुनवाई के बाद बस्ती समेत अयोध्या, रायबरेली, बांदा, रामपुर, उरई, आजमगढ़, मिर्जापुर, बिठूर, अकबरपुर माती, फतेहपुर-सिकरी, कोसीकला, छाता-चौमुहां-नंदगांव का विकास शुल्क अब 755 से घटाकर 603 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। इससे काफी संख्या में भू-स्वामी जो घर बनवाना चाहते हैं उनको राहत मिलेगी।
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बताते हैं कि महायोजना-2031 को शासन से स्वीकृति मिल गई है, ऐसे में अब सुनियोजित ढंग से शहर बसाने की योजना शुरू है। अनियमित निर्माण पर रोक लगेगी और नए मास्टर प्लान के अनुसार विस्तार क्षेत्र में लैंड यूज का पालन होगा। वहीं, बताया गया कि भू-स्वामी को 70 से 90 हजार रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से नए विकास शुल्क के निर्धारण से धन बचेगा।
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ग्रीन जोन और ग्रीन बेल्ट पर बीडीए की नजर तेज
ऐसी जमीनें जो राजस्व अभिलेख में सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज है, उन्हें ग्रीन जोन के रूप में बीडीए ने चिह्नित किया है। इसमें बंजर, चारागाह, पार्क, चकमार्ग, तालाब, पोखरे एवं अन्य जलाशय शामिल है। यहां निर्माण प्रतिबंधित है। इसके अलावा हाईवे के दोनों तरफ 87.5 मीटर तक तथा कुआनो नदी के दोनों तरफ 80 मीटर तक ग्रीन बेल्ट निर्धारित किया है। यहां भी निर्माण प्रतिबंधित है। ऐसे जगहों पर अब बीडीए के अधिकारी अपनी नजर तेज कर दिए हैं। निगरानी टीम भ्रमण भी कर रही है।
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अवैध निर्माण पर जारी किया जा चुका है नोटिस
बीडीए की तरफ से शहर के 50 ऐसे भू-स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है, जो बिना मानक के नक्शा पास कराए निर्माण शुरू करवा दिए थे। कुछ लोगों ने तो अस्पताल, स्कूल, होटल एवं मैरिज हाल समेत अन्य प्रतिष्ठान खोल दिए थे, उन्हें नोटिस जारी कर नक्शा पास कराने के लिए कहा गया है। वहीं, नोटिस के बाद छह से सात बड़े प्रतिष्ठान के संचालक नक्शा के लिए आवेदन किए, इसके एवज में बीडीए को तीन करोड़ का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। ये बड़े भू-खंड थे। इससे अब बीडीए विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
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तीन केटेगरी में पास होता है नक्शा
बीडीए से तीन केटेगरी का नक्शा पास किया जाता है। यहां ज्यादा चलन हाईरिस्क वाले नक्शे का है। इसमें छोटे साइज वाले भूखंड पर मकान का नक्शा पास कराया जाता है। जिनका क्षेत्रफल बिस्वा में होता है। इसके बाद निवेश मित्रा कटेगरी का नक्शा पास हो रहा है। यह पूरी तरह कामर्शियल होता है। इसमें होटल, रेस्तरां, दुकान, माल, मैरिज हॉल जैसे निर्माण किए जाते हैं। तीसरी केटेगरी लो रिस्क है। इसका चलन यहां न के बराबर है। इसमें बड़े भू-भाग शामिल होते हैं। जिनमें समूह में आवासीय नक्शे पास किए जाते हैं। अमूमन रियल स्टेट कारोबारियों द्वारा लो रिस्क के नक्शे बनवाए जाते हैं। यहां ऐसे कारोबारियों की संख्या नहीं है।
कोट
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरु प्रसाद की ओर से जारी आदेश के अनुसार विकास शुल्क में कटौती संबंधित आदेश का पालन हो रहा है। नये रेट के तहत विकास शुल्क का निर्धारण किया जा रहा है। इससे 217 गांव व शहर के लोगों को लाभ मिलेगा। जो लोग बिना नक्शा के निर्माण शुरू किए हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के बाद कई ने नक्शा पास करवाया है, जिसके एवज में बीडीए को तीन करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
-हरिओम गुप्ता, एक्सईएन, बीडीए, बस्ती।
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बीडीए प्रभावी हुए अभी पांच साल भी नहीं हुए कि सीमा विस्तार में यह नगर पालिका से कहीं आगे निकल गया है। शुरू में नगर पालिका समेत आसपास के 69 गांवों के लिए महायोजना 2021 तैयार की गई थी। वहीं, महायोजना 2031 के नए मास्टर प्लान में सीमा क्षेत्र बढ़ाकर 217 गांव शामिल कर लिए गए हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 151 वर्ग किलोमीटर है। ऐसे में काफी क्षेत्र में बीडीए का प्रभाव हो गया है।
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वहीं, विकास शुल्क अधिक होने के बाद लगातार व्यापारियों और भू-स्वामियों की ओर से आपत्ति दी जा रही थी, जिसके निराकरण के लिए प्रत्यावेदन भेजे थे। सुनवाई के बाद बस्ती समेत अयोध्या, रायबरेली, बांदा, रामपुर, उरई, आजमगढ़, मिर्जापुर, बिठूर, अकबरपुर माती, फतेहपुर-सिकरी, कोसीकला, छाता-चौमुहां-नंदगांव का विकास शुल्क अब 755 से घटाकर 603 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। इससे काफी संख्या में भू-स्वामी जो घर बनवाना चाहते हैं उनको राहत मिलेगी।
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बताते हैं कि महायोजना-2031 को शासन से स्वीकृति मिल गई है, ऐसे में अब सुनियोजित ढंग से शहर बसाने की योजना शुरू है। अनियमित निर्माण पर रोक लगेगी और नए मास्टर प्लान के अनुसार विस्तार क्षेत्र में लैंड यूज का पालन होगा। वहीं, बताया गया कि भू-स्वामी को 70 से 90 हजार रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से नए विकास शुल्क के निर्धारण से धन बचेगा।
ग्रीन जोन और ग्रीन बेल्ट पर बीडीए की नजर तेज
ऐसी जमीनें जो राजस्व अभिलेख में सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज है, उन्हें ग्रीन जोन के रूप में बीडीए ने चिह्नित किया है। इसमें बंजर, चारागाह, पार्क, चकमार्ग, तालाब, पोखरे एवं अन्य जलाशय शामिल है। यहां निर्माण प्रतिबंधित है। इसके अलावा हाईवे के दोनों तरफ 87.5 मीटर तक तथा कुआनो नदी के दोनों तरफ 80 मीटर तक ग्रीन बेल्ट निर्धारित किया है। यहां भी निर्माण प्रतिबंधित है। ऐसे जगहों पर अब बीडीए के अधिकारी अपनी नजर तेज कर दिए हैं। निगरानी टीम भ्रमण भी कर रही है।
अवैध निर्माण पर जारी किया जा चुका है नोटिस
बीडीए की तरफ से शहर के 50 ऐसे भू-स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है, जो बिना मानक के नक्शा पास कराए निर्माण शुरू करवा दिए थे। कुछ लोगों ने तो अस्पताल, स्कूल, होटल एवं मैरिज हाल समेत अन्य प्रतिष्ठान खोल दिए थे, उन्हें नोटिस जारी कर नक्शा पास कराने के लिए कहा गया है। वहीं, नोटिस के बाद छह से सात बड़े प्रतिष्ठान के संचालक नक्शा के लिए आवेदन किए, इसके एवज में बीडीए को तीन करोड़ का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। ये बड़े भू-खंड थे। इससे अब बीडीए विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
तीन केटेगरी में पास होता है नक्शा
बीडीए से तीन केटेगरी का नक्शा पास किया जाता है। यहां ज्यादा चलन हाईरिस्क वाले नक्शे का है। इसमें छोटे साइज वाले भूखंड पर मकान का नक्शा पास कराया जाता है। जिनका क्षेत्रफल बिस्वा में होता है। इसके बाद निवेश मित्रा कटेगरी का नक्शा पास हो रहा है। यह पूरी तरह कामर्शियल होता है। इसमें होटल, रेस्तरां, दुकान, माल, मैरिज हॉल जैसे निर्माण किए जाते हैं। तीसरी केटेगरी लो रिस्क है। इसका चलन यहां न के बराबर है। इसमें बड़े भू-भाग शामिल होते हैं। जिनमें समूह में आवासीय नक्शे पास किए जाते हैं। अमूमन रियल स्टेट कारोबारियों द्वारा लो रिस्क के नक्शे बनवाए जाते हैं। यहां ऐसे कारोबारियों की संख्या नहीं है।
कोट
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरु प्रसाद की ओर से जारी आदेश के अनुसार विकास शुल्क में कटौती संबंधित आदेश का पालन हो रहा है। नये रेट के तहत विकास शुल्क का निर्धारण किया जा रहा है। इससे 217 गांव व शहर के लोगों को लाभ मिलेगा। जो लोग बिना नक्शा के निर्माण शुरू किए हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के बाद कई ने नक्शा पास करवाया है, जिसके एवज में बीडीए को तीन करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
-हरिओम गुप्ता, एक्सईएन, बीडीए, बस्ती।