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बीएसए ऑफिस में शिक्षकों के संबद्धीकरण में खेल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 05 Jul 2016 10:40 PM IST
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बीएसए ऑफिस में शिक्षकों के संबद्धीकरण में खेल
- फोटो : Demo pic
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बेसिक शिक्षा कार्यालय इन दिनों नियम विरुद्घ शिक्षकों के संबंद्घीकरण को लेकर सुखियों में हैं। अपुष्ट आकड़ों के मुताबिक जिले भर के 100 ऐसे शिक्षक हैं, जिनका संबंद्धीकरण बीमारी या दूरी दिखाकर विभिन्न स्कूलों में की गई है। बीएसए कार्यालय में ही चार शिक्षक बिना किसी आदेश के संबंद्घ होकर कार्य कर रहे हैं। जबकि शासनादेश के तहत किसी भी शिक्षक का संबंद्धीकरण नहीं हो सकता।
कई शिक्षकों का मानना है कि विभाग संबंद्धीकरण के नाम पर कई सालों से खेल खेल रहा है। किसी भी शिक्षक को नियम विरुद्ध लाभ पहुंचाने के लिए विभाग शिक्षकों का संबंद्धीकरण कर देता है। संबंद्ध करने से पहले बीमारी और दूरी होने का बहाना बनाया जाता है। शिक्षकों से इस तरह के आवेदन लिए जाते हैं, ताकि उन्हें इच्छित स्कूलों में तैनात किया जा सके। चूंकि शासन तबादले पर रोक लगा रखा है, इसलिए विभाग ने यह नया रास्ता अपनाया है, मगर शासन ने अब इसे भी समाप्त करने का आदेश दिया। शासन का यह भी मानना है कि संबंद्धीकरण के बहाने शिक्षकों को आर्थिक शोषण किया जाता है।
शोषण करने वाली बात को कई शिक्षकों ने स्वीकारा भी है। मगर बीएसए ने इस तरह के किसी भी आरोप से इंकार किया है। एक शिक्षक का कहना है कि संबंद्धीकरण से कई नुकसान होते हैं, एक तो जहां से शिक्षक का संबंद्धीकरण अन्य स्कूलों में किया जाता है, वहां के पठन पाठन प्रभावित होते हैं। दूसरा विषय विशेषज्ञ चला जाता है, जिसके चलते बच्चें खास विषय के ज्ञान से वंचित रह जाते हैं। इसकी वजह से शिक्षकों का वेतन भी प्रभावित होता है।
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कई शिक्षकों का मानना है कि विभाग संबंद्धीकरण के नाम पर कई सालों से खेल खेल रहा है। किसी भी शिक्षक को नियम विरुद्ध लाभ पहुंचाने के लिए विभाग शिक्षकों का संबंद्धीकरण कर देता है। संबंद्ध करने से पहले बीमारी और दूरी होने का बहाना बनाया जाता है। शिक्षकों से इस तरह के आवेदन लिए जाते हैं, ताकि उन्हें इच्छित स्कूलों में तैनात किया जा सके। चूंकि शासन तबादले पर रोक लगा रखा है, इसलिए विभाग ने यह नया रास्ता अपनाया है, मगर शासन ने अब इसे भी समाप्त करने का आदेश दिया। शासन का यह भी मानना है कि संबंद्धीकरण के बहाने शिक्षकों को आर्थिक शोषण किया जाता है।
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शोषण करने वाली बात को कई शिक्षकों ने स्वीकारा भी है। मगर बीएसए ने इस तरह के किसी भी आरोप से इंकार किया है। एक शिक्षक का कहना है कि संबंद्धीकरण से कई नुकसान होते हैं, एक तो जहां से शिक्षक का संबंद्धीकरण अन्य स्कूलों में किया जाता है, वहां के पठन पाठन प्रभावित होते हैं। दूसरा विषय विशेषज्ञ चला जाता है, जिसके चलते बच्चें खास विषय के ज्ञान से वंचित रह जाते हैं। इसकी वजह से शिक्षकों का वेतन भी प्रभावित होता है।
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