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Basti News: सत्र शुरू होने से पहले 2.70 लाख बच्चों के हाथ होगी नई किताबें
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। इस बार परिषदीय विद्यालय में बच्चों के हाथ में सत्र के शुरू होने से पहले नई किताबें होंगी। क्योंकि इस बार सरकार किताबों को लेकर काफी संवेदनशील है। इसी का परिणाम है कि अब तक जिले में 9.53 लाख से अधिक किताबें पहुंच गई हैं, जबकि बीएसए ने 12.07 हजार किताबों की मांग भेजी थी।
बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि 28 मार्च तक सभी किताबें यहां आ जाएंगी, जिसका वितरण बीआरसी से 30 मार्च तक हो जाएगा। जिले 2007 परिषदीय विद्यालय हैं, जिसमें 1432 प्राथमिक 338 उच्च प्राथमिक और 301 कंपोजिट स्कूल के साथ 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं। जहां लगभग 2.70 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन बच्चों को सरकार की ओर से निशुल्क किताबें दी जाती हैं, लेकिन दो वर्षों से किताबें मिलने में लेटलतीफी हो गई थी। सत्र बीत जाने के बाद भी पूरी किताबें नहीं मिल पाई थी। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। शासन ने इन स्थितियों को गंभीरता लेते हुए निर्णय लिया अब शैक्षिक सत्र के पहले दिन सभी बच्चों को किताबें वितरित कर दी जाएं।
बीएसए कार्यालय के अनुसार 12 लाख 7 हजार 260 किताब खरीदने का आदेश जारी किया गया है। अब तक 9,53,860 किताबें आ गई हैं। इसमें कक्षा चार से आठ तक 9,50,068 किताबें हैं। कक्षा एक, दो और तीन के बच्चों के लिए अब तक कोई किताब नहीं पहुंची है। अंग्रेजी मीडियम कक्षाओं के लिए 68 हजार 343 किताबों की जरूरत है। अभी केवल 2,447 किताबें मिली हैं। जबकि उर्दू मीडियम के लिए 14 हजार 411 किताबों के सापेक्ष एक हजार 345 किताबें आई हैं।
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किताबों को खरीदने का आदेश जारी हो गया है। लगभग 83 प्रतिशत किताबें आ चुकी हैं। इस बार समय से सभी बच्चों को किताबें मिल जायेंगी, जिससे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें।
-डाॅ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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रमेश मिश्र
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बस्ती। इस बार परिषदीय विद्यालय में बच्चों के हाथ में सत्र के शुरू होने से पहले नई किताबें होंगी। क्योंकि इस बार सरकार किताबों को लेकर काफी संवेदनशील है। इसी का परिणाम है कि अब तक जिले में 9.53 लाख से अधिक किताबें पहुंच गई हैं, जबकि बीएसए ने 12.07 हजार किताबों की मांग भेजी थी।
बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि 28 मार्च तक सभी किताबें यहां आ जाएंगी, जिसका वितरण बीआरसी से 30 मार्च तक हो जाएगा। जिले 2007 परिषदीय विद्यालय हैं, जिसमें 1432 प्राथमिक 338 उच्च प्राथमिक और 301 कंपोजिट स्कूल के साथ 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं। जहां लगभग 2.70 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन बच्चों को सरकार की ओर से निशुल्क किताबें दी जाती हैं, लेकिन दो वर्षों से किताबें मिलने में लेटलतीफी हो गई थी। सत्र बीत जाने के बाद भी पूरी किताबें नहीं मिल पाई थी। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। शासन ने इन स्थितियों को गंभीरता लेते हुए निर्णय लिया अब शैक्षिक सत्र के पहले दिन सभी बच्चों को किताबें वितरित कर दी जाएं।
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बीएसए कार्यालय के अनुसार 12 लाख 7 हजार 260 किताब खरीदने का आदेश जारी किया गया है। अब तक 9,53,860 किताबें आ गई हैं। इसमें कक्षा चार से आठ तक 9,50,068 किताबें हैं। कक्षा एक, दो और तीन के बच्चों के लिए अब तक कोई किताब नहीं पहुंची है। अंग्रेजी मीडियम कक्षाओं के लिए 68 हजार 343 किताबों की जरूरत है। अभी केवल 2,447 किताबें मिली हैं। जबकि उर्दू मीडियम के लिए 14 हजार 411 किताबों के सापेक्ष एक हजार 345 किताबें आई हैं।
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किताबों को खरीदने का आदेश जारी हो गया है। लगभग 83 प्रतिशत किताबें आ चुकी हैं। इस बार समय से सभी बच्चों को किताबें मिल जायेंगी, जिससे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें।
-डाॅ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
रमेश मिश्र