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Basti News: खाद-बीज की कालाबाजारी...प्रशासन ने शुरू कराई जांच
Mon, 10 Nov 2025 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 10 Nov 2025 01:42 AM IST
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कप्तानगंज बीज गोदाम पर जुटे किसान- संवाद
बस्ती। खेती-किसानी का सीजन शुरू होते ही खाद-बीज की कालाबाजारी शुरू हो जाती है। सब्सिडी के बाद गेहूं के बीज का सरकारी रेट 936 रुपये प्रति बोरी है। किसानों का आरोप है कि तय रेट से 114 रुपये अधिक लेकर बीज दिया जा रहा है। ओवर रेटिंग का विरोध करने पर राजकीय बीज भंडार वाले बीज देने से साफ मना कर देते हैं।
शनिवार को राजकीय बीज भंडार बस्ती पर किसानों के शोर-शराबा के बाद डीएम के निर्देश पर सीडीओ सार्थक अग्रवाल जांच करने पहुंचे थे। उन्होंने स्टॉक मिलान कराया तो बीज उपलब्ध मिले। सीडीओ ने भंडार प्रभारी को कड़ी हिदायत देते हुए बीज का वितरण शुरू कराया। इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
उधर, प्रशासन का कहना है कि खाद-बीच की दुकानों की नियमित जांच कराई जाएगी। किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद-बीज उपलब्ध कराया जाएगा। कप्तानगंज में भी शनिवार को खूब हंगामा हुआ था। इसके अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी खाद-बीज को लेकर किसानों में उबाल है। हर्रैया के किसान सोहन का आरोप है कि हर सीजन में जानबूझ कर कृत्रिम अभाव दिखाकर खाद-बीज की कालाबाजारी की जा रही है। मजबूर होकर किसानों को महंगे दाम पर बाजार से खाद-बीज खरीदना पड़ रहा है।
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भानपुर के किसान रमेश ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात तो कहती है, मगर जरूरत पड़ने पर खाद-बीज ही उपलब्ध नहीं करा पाती है। ऐसे में खेती की लागत बढ़ जाती है। साथ ही बुवाई भी पिछड़ जाती है।
इससे आय दोगुनी कौन कहे, खेती घाटे का सौदा साबित हो रहा है। भदेश्वनाथ के किसान लवकुश गिरि, भूवर सराय निवासी अशोक कुमार वर्मा का आरोप है कि सदर बीज भंडार पर उनसे 114 रुपये ज्यादा लिए गए हैं।
निजी क्षेत्र की संस्थाओं पर भी मिलेगा बीज: इस बार एचआईएल पर 2700 क्विंटल, कृफको पर 800, आईएफएफडीसी पर 500 और एनएससी पर एक हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। इन केंद्रों पर भी अनुदान पर बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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शनिवार को राजकीय बीज भंडार बस्ती पर किसानों के शोर-शराबा के बाद डीएम के निर्देश पर सीडीओ सार्थक अग्रवाल जांच करने पहुंचे थे। उन्होंने स्टॉक मिलान कराया तो बीज उपलब्ध मिले। सीडीओ ने भंडार प्रभारी को कड़ी हिदायत देते हुए बीज का वितरण शुरू कराया। इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
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उधर, प्रशासन का कहना है कि खाद-बीच की दुकानों की नियमित जांच कराई जाएगी। किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद-बीज उपलब्ध कराया जाएगा। कप्तानगंज में भी शनिवार को खूब हंगामा हुआ था। इसके अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी खाद-बीज को लेकर किसानों में उबाल है। हर्रैया के किसान सोहन का आरोप है कि हर सीजन में जानबूझ कर कृत्रिम अभाव दिखाकर खाद-बीज की कालाबाजारी की जा रही है। मजबूर होकर किसानों को महंगे दाम पर बाजार से खाद-बीज खरीदना पड़ रहा है।
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भानपुर के किसान रमेश ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात तो कहती है, मगर जरूरत पड़ने पर खाद-बीज ही उपलब्ध नहीं करा पाती है। ऐसे में खेती की लागत बढ़ जाती है। साथ ही बुवाई भी पिछड़ जाती है।
इससे आय दोगुनी कौन कहे, खेती घाटे का सौदा साबित हो रहा है। भदेश्वनाथ के किसान लवकुश गिरि, भूवर सराय निवासी अशोक कुमार वर्मा का आरोप है कि सदर बीज भंडार पर उनसे 114 रुपये ज्यादा लिए गए हैं।
निजी क्षेत्र की संस्थाओं पर भी मिलेगा बीज: इस बार एचआईएल पर 2700 क्विंटल, कृफको पर 800, आईएफएफडीसी पर 500 और एनएससी पर एक हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। इन केंद्रों पर भी अनुदान पर बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।