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कस्बों और ग्रामीण बाजारों में बंद रहा बेअसर
basti
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:28 PM IST
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बाजार बंद कराते कांग्रेस कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
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भारतबंद : शहर में असर, कस्बों में बेअसर
महंगाई मुद्दे पर शहर के लोग कांग्रेस के साथ
कस्बों में अधखुली रहीं दुकानें, जुलूस देखते बंद
ऑटो से ढोते रहे सवारी, जबरन सड़क से हटाए गए
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पेट्रोलियम पदार्थों में बेतहाशा मूल्य वृद्धि, राफेल डील, रुपये में गिरावट आदि मुद्दों पर कांग्रेस के भारत बंद का शहर में ज्यादा असर रहा। ग्रामीणांचल और कस्बों में दुकानें अधखुली रहीं जो जुलूस देखते ही बंद हो जाती रहीं। हालांकि, ऑटो रिक्शा चालक सवारी ढोते रहे।
सोमवार सुबह जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पाण्डेय के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं का समूह रोडवेज के नेहरू तिराहे पर पहुंचा। जहां से गांधीनगर, शास्त्री चौक, न्याय मार्ग, बड़ेवन, मालवीय मार्ग, पुरानी बस्ती तक प्रदर्शन और सरकार विरोधी नारे लगते रहे। ऑटो चालकों की सवारियां उतार कर उन्हें न चलाने की धमकी भी देते रहे। व्यापारियों से महंगाई और भ्रष्टाचार के विरोध में दुकानों को बंद रखने की अपील की। जिला अध्यक्ष ने कहा कि महंगाई को लेकर आम जनता गुस्से में है। प्रधानमंत्री मोदी के घर वापसी का समय आ गया है। राफेल डील तथा रुपये की गिरावट के सवाल पर सरकार की चुप्पी का रहस्य जनता जान चुकी है। कांग्रेस को देशव्यापी समर्थन और अभूतपूर्व बंदी इस बात का संकेत है। पूर्व विधायक अंबिका सिंह ने कहा कि वादे के खिलाफ जाकर मोदी सरकार ने कच्चे तेल का दाम कम होने के बावजूद पेट्रोल डीजल के दामों में ऐतिहासिक वृद्धि कर जनविरोधी होने का प्रमाण दे दिया है। उपाध्यक्ष प्रेमशंकर द्विवेदी ने कहा कि भारत बंद के माध्यम से कांग्रेसजनों ने देश की जनता को जागरूक किया है। ताकि 2019 में जुमलेबाजों से ठगी का शिकार न होने पाए। नर्वदेश्वर शुक्ल, मो. रफीक खां, रमेश कुमार सिंह ने भारत बंद की सफलता में आमजन की सहभागिता पर कहा कि परिवर्तन की आंधी चल चुकी है। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अंकुर वर्मा, सेवादल के जेपी तिवारी, डॉ. वीएच रिजवी, विपिन राय, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ज्ञानू, कौशल कुमार त्रिपाठी, सुरेन्द्र मिश्रा, कमरूलहुदस, सिद्धीक अहमद, सचिन शुक्ला, अजय पांडेय, डॉ. मानिकराम मिश्रा, अनिल भारती, सोमनाथ पांडेय, प्रमोद दुबे, गिरजेश पाल, अतीउल्लाह सिद्दीकी, घनश्याम शुक्ला, हरिश्चंद्र तिवारी, रामधीरज चौधरी, जुम्मन अली, अलीम अख्तर, गंगा मिश्रा, ननकू सोनकर, गुड्डू सोनकर, आलोक तिवारी, नन्हे पाल, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष शुभम शुक्ला, डॉ. शीला शर्मा, आदित्य त्रिपाठी, रामजी पाण्डेय आदि का बढ़-चढ़कर सहयोग रहा। बंद की सफलता पर जिलाध्यक्ष पर जिलाध्यक्ष ने टेंपो यूनियन, व्यापारी संघों और दुकानदारों तथा आमजन के प्रति कृतज्ञता जाहिर की है।
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भारतबंद के दौरान भ्रमणशील रहे डीएम-एसपी
बस्ती। विभिन्न राजनैतिक दलों की ओर भारत बंद के दौरान शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीएम और एसपी ने भीड़भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप इत्यादि सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया। ताकि किसी की सामान्य दिनचर्या प्रभावित न हो। सभी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मुस्तैदी से शहर का भ्रमण करते रहे। रेलवे स्टेशन पर शांति कायम रही। डीएम के अनुसार बाजार में दुकानें खुली रहीं और पुलिस कुछ उत्साही लोगों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे। फिलहाल, सब कुछ शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान लोगों की दिनचर्या सामान्य रही। कहीं से भी सड़क जाम या जबरदस्ती दुकानें बंद कराने की कोई रिपोर्ट अब तक नहीं मिली।
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बस्ती। कांग्रेस और सहयोगियों की ओर से महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर आयोजित भारत बंद ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में बेअसर रहा जबकि कस्बों में मिला-जुला प्रभाव देखने को मिला है।
हर्रैया में सुबह से ही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप नारायण पांडेय के आवास पर कार्यकर्ता जुट गए। मुकुल प्रताप नारायण पांडेय के नेतृत्व में नारेबाजी करते लोग दुकानें बंद करने की अपील करते रहे। कस्बे में बंद को समर्थन मिला जबकि दोपहर बाद दुकानदारों ने काम शुरू कर दिया। बैंक व अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से हुआ। जिला उपाध्यक्ष देवी प्रसाद पांडेय, रालोद नेता चन्द्रमणि पांडेय, विपुल पांडेय, अमित सिंह, घनश्याम शुक्ला, रियाज अहमद, राणा प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
दुबौलिया में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने विशेषर गंज कस्बे में जुलूस निकाल कर दुकानें बंद करने की अपील की। प्रेम सागर पाठक, दयानाथ, राम जन्म पिंटू ,अग्रसेन चौहान आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। गायघाट में बंद सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई। कुदरहा, गायघाट बाजार, चकदहा, कलवारी, नगर बाजार तक अधिकतर दुकानें खुली रहीं। महराजगंज कस्बे में कोई असर नहीं रहा। सुबह से कस्बे की दुकानें खुली रहीं। दुकानदारों ने प्रतिदिन की तरह व्यवसाय किया। उत्तर प्रदेश व्यापार संगठन के प्रदेश मंत्री जगदीश चन्द्र अग्रहरि, प्रधान विनोद कसौधन, पवन कसौधन, सोनू गुप्ता, अयोध्या प्रसाद ने बताया कि भारत बंद से हम लोगों पर कोई प्रभाव नहीं है। नगर बाजार में बंद की औपचारिकता रही। गोटवा, करहली आदि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रमुख प्रतिष्ठान खुले रहे। लोगों के साथ ही दुकानदार भी रोज की तरह कार्य में व्यस्त रहे। हालांकि नगर पुलिस जगह, जगह मुस्तैद रही। विक्रमजोत में सुबह दुकानें बंद रहीं। कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रिटायर्ड कर्नल अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का जत्था विक्रमजोत एवं छावनी बाजार में निकला। खुली दुकानों को बंद रखने की अपील की गई। दोपहर बाद दुकानें खुल गईं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाल कर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जय सिंह, संदीप सिंह, बादल सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, बबलू सिंह, पप्पू पांडे, बबलू सोनी, अनिल कसौधन, रघुनायक शुक्ल, द्वारिकानाथ पाण्डेय समेत तमाम कार्यकर्ता शामिल रहे।
बभनान में दिखे बंद कराने वाले लोग
बभनान में बंद का असर नहीं दिखा। न तो किसी पार्टी के कार्यकर्ता यहां दुकानों को बंद कराए और न ही दुकानदार स्वयं दुकानों को बंद किए। इस तरह भारत बंद का आह्वान यहां फ्लॉप रहा। सुबह 10 बजे से ही बाजार में चहल-पहल रही। दुकानदारों को आशंका थी कि शायद कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के कार्यकर्ता दुकानों को बंद करेंगे पर दोपहर तक जब कार्यकर्ता नहीं दिखे तो उन्हें विश्वास हो गया कि अब यहां बंदी नहीं। बाजार में आम दिनों जैसी चहल-पहल देखने को मिली।
बनकटी में खुली रहीं दुकानें
कांग्रेस व अन्य संगठनों के भारत बंदी के आह्वान का असर नहीं रहा। देईसाड़, महादेवा, बनकटी, बानपुर आदि में दुकानें खुली रहीं। दुकानदारों ने बताया कि आएदिन रखेंगे तो खाएंगे क्या। एक दुकानदार हरिश्चंद्र ने कहा कि रोजी-रोटी कैसे चलेगी। दुकान नहीं खोलेंगे लेकिन महंगाई में क्या करेंगे। मेडिकल स्टोर संचालक दीनानाथ अग़्रहरि ने बताया कि दुकान बंद करने से विरोध नहीं होगा। मतदान में विरोध किया जाएगा। होटल मालिक अरविंद कुमार ने कहा कि महंगाई तो है ही दुकान होटल बंद करने से विरोध पर फर्क नहीं। अखिलेश शुक्ला, शाह आलम, रामचंदर तिवारी ने बताया कि यहां कांग्रेस के समर्थक कम हैं इसलिए यहां कोई असर नहीं है।
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वाम दलों ने बैलगाड़ी से खींची जीप
पेट्रो पदार्थों में महंगाई का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। वामदलों की ओर से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य वृद्धि का सोमवार को जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। बैलगाड़ी पर खाली गैस सिलिंडर और बैलगाड़ी के पीछे जीप बांधकर लाल झंडे के साथ सरकार विरोधी नारे लगाए।
शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए निकले तो लोगों को कौतूहल के साथ लोग देखते रहे। राजकीय इंटर कॉलेज से निकला विरोध जुलूस गांधी नगर, कंपनी बाग, शास्त्री चौक होते हुए तहसील परिसर पहुंच कर समाप्त हुआ। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं ने महंगाई सहित अन्य मुद्दों पर नारेबाजी कर वापस लिए जाने की मांग की। बैंकों की लूट, राफेल घोटाले की जांच, किसानों की बढ़ती आत्म हत्या, बेरोजगारी के खिलाफ बंद का समर्थन किया। इस मौके पर अशरफी लाल, राम गढ़ी चौधरी, केके तिवारी, वीरेंद्र प्रताप मिश्र, ध्रुव चंद्र, अनवर, रणदीप माथुर,शेषमणि, सतीश सिंह, सियाराम सोनकर, हीरालाल, नवनीत कुमार, नरसिंह भारद्वाज, पूनम, रेनू बाला, विजय लक्ष्मी, अमृता, जगमती, शकुंतला, बिंदू, निशा, अमरावती, बिफई राव, कृष्णा चौधरी,संतराम चौधरी आदि लोग शामिल रहे।
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भारतबंद : शहर में असर, कस्बों में बेअसर
महंगाई मुद्दे पर शहर के लोग कांग्रेस के साथ
कस्बों में अधखुली रहीं दुकानें, जुलूस देखते बंद
ऑटो से ढोते रहे सवारी, जबरन सड़क से हटाए गए
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पेट्रोलियम पदार्थों में बेतहाशा मूल्य वृद्धि, राफेल डील, रुपये में गिरावट आदि मुद्दों पर कांग्रेस के भारत बंद का शहर में ज्यादा असर रहा। ग्रामीणांचल और कस्बों में दुकानें अधखुली रहीं जो जुलूस देखते ही बंद हो जाती रहीं। हालांकि, ऑटो रिक्शा चालक सवारी ढोते रहे।
सोमवार सुबह जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पाण्डेय के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं का समूह रोडवेज के नेहरू तिराहे पर पहुंचा। जहां से गांधीनगर, शास्त्री चौक, न्याय मार्ग, बड़ेवन, मालवीय मार्ग, पुरानी बस्ती तक प्रदर्शन और सरकार विरोधी नारे लगते रहे। ऑटो चालकों की सवारियां उतार कर उन्हें न चलाने की धमकी भी देते रहे। व्यापारियों से महंगाई और भ्रष्टाचार के विरोध में दुकानों को बंद रखने की अपील की। जिला अध्यक्ष ने कहा कि महंगाई को लेकर आम जनता गुस्से में है। प्रधानमंत्री मोदी के घर वापसी का समय आ गया है। राफेल डील तथा रुपये की गिरावट के सवाल पर सरकार की चुप्पी का रहस्य जनता जान चुकी है। कांग्रेस को देशव्यापी समर्थन और अभूतपूर्व बंदी इस बात का संकेत है। पूर्व विधायक अंबिका सिंह ने कहा कि वादे के खिलाफ जाकर मोदी सरकार ने कच्चे तेल का दाम कम होने के बावजूद पेट्रोल डीजल के दामों में ऐतिहासिक वृद्धि कर जनविरोधी होने का प्रमाण दे दिया है। उपाध्यक्ष प्रेमशंकर द्विवेदी ने कहा कि भारत बंद के माध्यम से कांग्रेसजनों ने देश की जनता को जागरूक किया है। ताकि 2019 में जुमलेबाजों से ठगी का शिकार न होने पाए। नर्वदेश्वर शुक्ल, मो. रफीक खां, रमेश कुमार सिंह ने भारत बंद की सफलता में आमजन की सहभागिता पर कहा कि परिवर्तन की आंधी चल चुकी है। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अंकुर वर्मा, सेवादल के जेपी तिवारी, डॉ. वीएच रिजवी, विपिन राय, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ज्ञानू, कौशल कुमार त्रिपाठी, सुरेन्द्र मिश्रा, कमरूलहुदस, सिद्धीक अहमद, सचिन शुक्ला, अजय पांडेय, डॉ. मानिकराम मिश्रा, अनिल भारती, सोमनाथ पांडेय, प्रमोद दुबे, गिरजेश पाल, अतीउल्लाह सिद्दीकी, घनश्याम शुक्ला, हरिश्चंद्र तिवारी, रामधीरज चौधरी, जुम्मन अली, अलीम अख्तर, गंगा मिश्रा, ननकू सोनकर, गुड्डू सोनकर, आलोक तिवारी, नन्हे पाल, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष शुभम शुक्ला, डॉ. शीला शर्मा, आदित्य त्रिपाठी, रामजी पाण्डेय आदि का बढ़-चढ़कर सहयोग रहा। बंद की सफलता पर जिलाध्यक्ष पर जिलाध्यक्ष ने टेंपो यूनियन, व्यापारी संघों और दुकानदारों तथा आमजन के प्रति कृतज्ञता जाहिर की है।
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बस्ती। विभिन्न राजनैतिक दलों की ओर भारत बंद के दौरान शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीएम और एसपी ने भीड़भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप इत्यादि सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया। ताकि किसी की सामान्य दिनचर्या प्रभावित न हो। सभी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मुस्तैदी से शहर का भ्रमण करते रहे। रेलवे स्टेशन पर शांति कायम रही। डीएम के अनुसार बाजार में दुकानें खुली रहीं और पुलिस कुछ उत्साही लोगों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे। फिलहाल, सब कुछ शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान लोगों की दिनचर्या सामान्य रही। कहीं से भी सड़क जाम या जबरदस्ती दुकानें बंद कराने की कोई रिपोर्ट अब तक नहीं मिली।
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बस्ती। कांग्रेस और सहयोगियों की ओर से महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर आयोजित भारत बंद ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में बेअसर रहा जबकि कस्बों में मिला-जुला प्रभाव देखने को मिला है।
हर्रैया में सुबह से ही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप नारायण पांडेय के आवास पर कार्यकर्ता जुट गए। मुकुल प्रताप नारायण पांडेय के नेतृत्व में नारेबाजी करते लोग दुकानें बंद करने की अपील करते रहे। कस्बे में बंद को समर्थन मिला जबकि दोपहर बाद दुकानदारों ने काम शुरू कर दिया। बैंक व अन्य सरकारी कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से हुआ। जिला उपाध्यक्ष देवी प्रसाद पांडेय, रालोद नेता चन्द्रमणि पांडेय, विपुल पांडेय, अमित सिंह, घनश्याम शुक्ला, रियाज अहमद, राणा प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
दुबौलिया में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने विशेषर गंज कस्बे में जुलूस निकाल कर दुकानें बंद करने की अपील की। प्रेम सागर पाठक, दयानाथ, राम जन्म पिंटू ,अग्रसेन चौहान आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। गायघाट में बंद सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई। कुदरहा, गायघाट बाजार, चकदहा, कलवारी, नगर बाजार तक अधिकतर दुकानें खुली रहीं। महराजगंज कस्बे में कोई असर नहीं रहा। सुबह से कस्बे की दुकानें खुली रहीं। दुकानदारों ने प्रतिदिन की तरह व्यवसाय किया। उत्तर प्रदेश व्यापार संगठन के प्रदेश मंत्री जगदीश चन्द्र अग्रहरि, प्रधान विनोद कसौधन, पवन कसौधन, सोनू गुप्ता, अयोध्या प्रसाद ने बताया कि भारत बंद से हम लोगों पर कोई प्रभाव नहीं है। नगर बाजार में बंद की औपचारिकता रही। गोटवा, करहली आदि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रमुख प्रतिष्ठान खुले रहे। लोगों के साथ ही दुकानदार भी रोज की तरह कार्य में व्यस्त रहे। हालांकि नगर पुलिस जगह, जगह मुस्तैद रही। विक्रमजोत में सुबह दुकानें बंद रहीं। कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रिटायर्ड कर्नल अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का जत्था विक्रमजोत एवं छावनी बाजार में निकला। खुली दुकानों को बंद रखने की अपील की गई। दोपहर बाद दुकानें खुल गईं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाल कर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जय सिंह, संदीप सिंह, बादल सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, बबलू सिंह, पप्पू पांडे, बबलू सोनी, अनिल कसौधन, रघुनायक शुक्ल, द्वारिकानाथ पाण्डेय समेत तमाम कार्यकर्ता शामिल रहे।
बभनान में दिखे बंद कराने वाले लोग
बभनान में बंद का असर नहीं दिखा। न तो किसी पार्टी के कार्यकर्ता यहां दुकानों को बंद कराए और न ही दुकानदार स्वयं दुकानों को बंद किए। इस तरह भारत बंद का आह्वान यहां फ्लॉप रहा। सुबह 10 बजे से ही बाजार में चहल-पहल रही। दुकानदारों को आशंका थी कि शायद कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के कार्यकर्ता दुकानों को बंद करेंगे पर दोपहर तक जब कार्यकर्ता नहीं दिखे तो उन्हें विश्वास हो गया कि अब यहां बंदी नहीं। बाजार में आम दिनों जैसी चहल-पहल देखने को मिली।
बनकटी में खुली रहीं दुकानें
कांग्रेस व अन्य संगठनों के भारत बंदी के आह्वान का असर नहीं रहा। देईसाड़, महादेवा, बनकटी, बानपुर आदि में दुकानें खुली रहीं। दुकानदारों ने बताया कि आएदिन रखेंगे तो खाएंगे क्या। एक दुकानदार हरिश्चंद्र ने कहा कि रोजी-रोटी कैसे चलेगी। दुकान नहीं खोलेंगे लेकिन महंगाई में क्या करेंगे। मेडिकल स्टोर संचालक दीनानाथ अग़्रहरि ने बताया कि दुकान बंद करने से विरोध नहीं होगा। मतदान में विरोध किया जाएगा। होटल मालिक अरविंद कुमार ने कहा कि महंगाई तो है ही दुकान होटल बंद करने से विरोध पर फर्क नहीं। अखिलेश शुक्ला, शाह आलम, रामचंदर तिवारी ने बताया कि यहां कांग्रेस के समर्थक कम हैं इसलिए यहां कोई असर नहीं है।
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वाम दलों ने बैलगाड़ी से खींची जीप
पेट्रो पदार्थों में महंगाई का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। वामदलों की ओर से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य वृद्धि का सोमवार को जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। बैलगाड़ी पर खाली गैस सिलिंडर और बैलगाड़ी के पीछे जीप बांधकर लाल झंडे के साथ सरकार विरोधी नारे लगाए।
शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए निकले तो लोगों को कौतूहल के साथ लोग देखते रहे। राजकीय इंटर कॉलेज से निकला विरोध जुलूस गांधी नगर, कंपनी बाग, शास्त्री चौक होते हुए तहसील परिसर पहुंच कर समाप्त हुआ। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं ने महंगाई सहित अन्य मुद्दों पर नारेबाजी कर वापस लिए जाने की मांग की। बैंकों की लूट, राफेल घोटाले की जांच, किसानों की बढ़ती आत्म हत्या, बेरोजगारी के खिलाफ बंद का समर्थन किया। इस मौके पर अशरफी लाल, राम गढ़ी चौधरी, केके तिवारी, वीरेंद्र प्रताप मिश्र, ध्रुव चंद्र, अनवर, रणदीप माथुर,शेषमणि, सतीश सिंह, सियाराम सोनकर, हीरालाल, नवनीत कुमार, नरसिंह भारद्वाज, पूनम, रेनू बाला, विजय लक्ष्मी, अमृता, जगमती, शकुंतला, बिंदू, निशा, अमरावती, बिफई राव, कृष्णा चौधरी,संतराम चौधरी आदि लोग शामिल रहे।