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Basti News: बैंकिंग सेवाओं के संचालन के लिए बीसी सखियों को मिलेगा 75 हजार का ऋण
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बस्ती। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को घर-घर तक पहुंचाने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिले में 339 नई बीसी सखियों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चयनित महिलाओं का सत्यापन शुरू हो गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें बैंकिंग सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए 75 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत चयनित बीसी सखियों को अग्रणी बैंक भारतीय स्टेट बैंक की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल बैंकिंग और ग्राहकों को दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। बैंक की ओर से तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
एनआरएलएम की ओर से प्रत्येक चयनित बीसी सखी को लैपटॉप, टैबलेट और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने के लिए 75 हजार रुपये तक का ऋण चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। उपकरणों की मदद से बीसी सखियां गांव में ही ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगी।
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इससे छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए लोगों को बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले में वर्तमान में 16,600 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इनमें एक लाख 81 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं।
848 बीसी सखियां पहले से दे रहीं सेवाएं : जिले में वर्तमान में 848 बीसी सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इनमें कई बीसी सखियां रोजाना तीन से चार लाख रुपये तक का लेनदेन करा रही हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह करीब 25 से 30 हजार रुपये तक की आय हो रही है। 339 नई बीसी सखियों के जुड़ने से बैंकिंग सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत चयनित बीसी सखियों को अग्रणी बैंक भारतीय स्टेट बैंक की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल बैंकिंग और ग्राहकों को दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। बैंक की ओर से तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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एनआरएलएम की ओर से प्रत्येक चयनित बीसी सखी को लैपटॉप, टैबलेट और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने के लिए 75 हजार रुपये तक का ऋण चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। उपकरणों की मदद से बीसी सखियां गांव में ही ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगी।
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इससे छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए लोगों को बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले में वर्तमान में 16,600 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इनमें एक लाख 81 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं।
848 बीसी सखियां पहले से दे रहीं सेवाएं : जिले में वर्तमान में 848 बीसी सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इनमें कई बीसी सखियां रोजाना तीन से चार लाख रुपये तक का लेनदेन करा रही हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह करीब 25 से 30 हजार रुपये तक की आय हो रही है। 339 नई बीसी सखियों के जुड़ने से बैंकिंग सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा।