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जिले को मिला विकास प्राधिकरण का तोहफा
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:24 AM IST
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बस्ती काे विकास प्राधिकरण का ताेहफा।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। 18 साल के इंतजार के बाद शहरवासियों को आखिरकार विकास प्राधिकरण का तोहफा मिल गया। कैबिनेट ने इस पर अपनी मोहर लगा दी है। बस्ती को विकास प्राधिकरण का दर्जा मिल जाने से नगर और आसपास के 217 राजस्व ग्रामों के तीन लाख से अधिक लोगो को लाभ होगा।
विकास के लिए 15793 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन को आरक्षित किया गया है। एक साल पहले बस्ती महायोजना 2021 की मंजूरी मिलने के बाद से ही बस्ती विकास प्राधिकरण का रास्ता साफ हो गया था। इंतजार था कैबिनेट के मुहर लगने का। आखिरकार वह इंतजार भी पूरा हुआ।
प्रभारी कमिश्नर एवं डीएम नरेंद्र सिंह पटेल ने बस्ती विकास प्राधिकरण की मंजूरी की जानकारी देते हुए बताया कि इससे न सिर्फ शहर और आसपास के क्षेत्र का विकास होगा बल्कि पूरे जिले का विकास होगा।
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आज से 18 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बस्ती दौरे के दौरान बस्ती विकास प्राधिकरण का दर्जा देने की घोषणा की थी। पहले तो मानक पर खरा न उतरने को लेकर मामला फंसा रहा। फिर किसी तरह मानक के अनुरूप लाया गया तो कहा गया कि पहले बस्ती महायोजना 2001 पास होगा उसके बाद बस्ती विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव भेजा जाए।
13 जुलाई 2015 जब सरकार ने महा योजना 2021 की मंजूरी दी तो फिर से कमिश्नर की ओर से शासन को बस्ती विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव भेजा गया। इसी बीच मुख्यमंत्री को कार्यक्रम नौ अप्रैल 2015 को बन गया, मंच से जब सीएम ने बीडीए बनाने की घोषणा की तो लोगो को फिर से उम्मीद बंधने लगी। आखिरकार बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने बस्ती विकास प्राधिकरण पर अपनी मोहरलगा दी।
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विकास के लिए 15793 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन को आरक्षित किया गया है। एक साल पहले बस्ती महायोजना 2021 की मंजूरी मिलने के बाद से ही बस्ती विकास प्राधिकरण का रास्ता साफ हो गया था। इंतजार था कैबिनेट के मुहर लगने का। आखिरकार वह इंतजार भी पूरा हुआ।
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प्रभारी कमिश्नर एवं डीएम नरेंद्र सिंह पटेल ने बस्ती विकास प्राधिकरण की मंजूरी की जानकारी देते हुए बताया कि इससे न सिर्फ शहर और आसपास के क्षेत्र का विकास होगा बल्कि पूरे जिले का विकास होगा।
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आज से 18 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बस्ती दौरे के दौरान बस्ती विकास प्राधिकरण का दर्जा देने की घोषणा की थी। पहले तो मानक पर खरा न उतरने को लेकर मामला फंसा रहा। फिर किसी तरह मानक के अनुरूप लाया गया तो कहा गया कि पहले बस्ती महायोजना 2001 पास होगा उसके बाद बस्ती विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव भेजा जाए।
13 जुलाई 2015 जब सरकार ने महा योजना 2021 की मंजूरी दी तो फिर से कमिश्नर की ओर से शासन को बस्ती विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव भेजा गया। इसी बीच मुख्यमंत्री को कार्यक्रम नौ अप्रैल 2015 को बन गया, मंच से जब सीएम ने बीडीए बनाने की घोषणा की तो लोगो को फिर से उम्मीद बंधने लगी। आखिरकार बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने बस्ती विकास प्राधिकरण पर अपनी मोहरलगा दी।