{"_id":"5dc6bd4f8ebc3e5b764cbed7","slug":"baravfat-festival-preparation-in-ayodhya-vardict-basti-news-gkp328594132","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या फैसले के बीच पूरी की जाती रहीं बारावफात की तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या फैसले के बीच पूरी की जाती रहीं बारावफात की तैयारियां
विज्ञापन
बरावफात पर सजा गेट।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या फैसले के बीच पूरी की जाती रहीं बारावफात की तैयारियां
बस्ती। अयोध्या मसले के बीच मुस्लिम समाज के लोग 10 नवंबर रविवार को होने वाली बारावफात की तैयारियों में जुटे रहे। बारावफात के लिए कई दिनों से जुलूस की तैयार की जा रही थी। जिसके लिए जुलूस मार्ग को झालर, धार्मिक प्रतीकों और रंगीन लाइटों से सजाया जा रहा था।
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दौरान भी जुलूस के लिए तैयारी की जा रही थी। हजरत मोहम्मद सल्लाहो अलैहिवसल्लम की जयंती ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) रविवार को अदब व एहतराम के साथ मनाई जाएगी। शहर के स्टेशन रोड, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार समेत कई इलाकों में रंग-बिरंगी झालरों से सजाने का सिलसिला शनिवार देर शाम तक चलता रहा। घरों व मस्जिदों में बड़े उत्साह के साथ तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह फजिर की नमाज अदा कर नबी की शान में नाते-शरीफ का नजराना पेश कर हजरत की याद ताजा करने के लिए व्यक्तित्व व कृतित्व पर रोशनी डाली जाएगी। योमुन्नबी कमेटी सदस्य मसूद अहमद ने बताया कि जुलूस गांधीनगर ईदगाह से रोडवेज तिराहा, दक्षिण दरवाजा होते हुए पांडेय बाजार रेलवे क्रासिंग जाकर समाप्त होगा। इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म 12वीं रबीउल अव्वल को हुआ था।
विज्ञापन
बस्ती। अयोध्या मसले के बीच मुस्लिम समाज के लोग 10 नवंबर रविवार को होने वाली बारावफात की तैयारियों में जुटे रहे। बारावफात के लिए कई दिनों से जुलूस की तैयार की जा रही थी। जिसके लिए जुलूस मार्ग को झालर, धार्मिक प्रतीकों और रंगीन लाइटों से सजाया जा रहा था।
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दौरान भी जुलूस के लिए तैयारी की जा रही थी। हजरत मोहम्मद सल्लाहो अलैहिवसल्लम की जयंती ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) रविवार को अदब व एहतराम के साथ मनाई जाएगी। शहर के स्टेशन रोड, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार समेत कई इलाकों में रंग-बिरंगी झालरों से सजाने का सिलसिला शनिवार देर शाम तक चलता रहा। घरों व मस्जिदों में बड़े उत्साह के साथ तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह फजिर की नमाज अदा कर नबी की शान में नाते-शरीफ का नजराना पेश कर हजरत की याद ताजा करने के लिए व्यक्तित्व व कृतित्व पर रोशनी डाली जाएगी। योमुन्नबी कमेटी सदस्य मसूद अहमद ने बताया कि जुलूस गांधीनगर ईदगाह से रोडवेज तिराहा, दक्षिण दरवाजा होते हुए पांडेय बाजार रेलवे क्रासिंग जाकर समाप्त होगा। इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म 12वीं रबीउल अव्वल को हुआ था।
विज्ञापन