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चार दिन बाद खुले बैंक, उमड़े जरूरतमंद
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चार दिन बाद खुले बैंक, उमड़े जरूरतमंद
बस्ती। चार दिनों बाद बुधवार को खुले बैंकों में भीड़ नजर आई। बैंक कर्मी भी काम के दबाव में दिखे। धन जमा और निकासी के काउंटर पर दोपहर बाद तक लंबी कतार लगी रही। पुलिस भी अलर्ट मोड में रही। जाम सहित अन्य दिक्कतें न हों, उसके लिए बैंकों के आसपास पुलिस पूरे दिन गश्त करती रही।
दरअसल, 13 मार्च को द्वितीय शनिवार के चलते बैंक बंद रहे। 14 को रविवार के चलते साप्ताहिक अवकाश रहा। सोमवार और मंगलवार को निजीकरण के विरोध में बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। सोमवार को पहले दिन कुछ इलाकों में एटीएम ने साथ दिया। मंगलवार को तमाम एटीएम में रकम खत्म हो गई। बुधवार को शहर के अधिकांश बैंकों पर जमा से ज्यादा धन की निकासी के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए बैंकों के शाखा प्रबंधक अपने स्तर से व्यवस्था करने में लगे रहे। सुबह जिस समय बैंक खोला गया, उसके काफी पहले से ही लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थीं।
शुरूआती दौर में तो किसी तरह काम चलता रहा, पर निकासी में हो रही देरी को देखते हुए कुछ बैंकों में अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था करानी पड़ी। वहीं, इस बीच खाली हो चुके एटीएम में बैंकों के खुलते ही सबसे पहले कैश डालने का काम शुरू कर दिया गया। बनकटी, मुंडेरवा, दुबौलिया, रुधौली, भानपुर, हर्रैया, परशुरामपुर, विक्रमजोत, छावनी प्रतिनिधियों के अनुसार, बुधवार को बैंकों में रोज की अपेक्षा काफी भीड़ रही। बैंक कर्मियों पर काम का दबाव अधिक रहा। कुछ बैंकों में अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था करनी पड़ी।
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बस्ती। चार दिनों बाद बुधवार को खुले बैंकों में भीड़ नजर आई। बैंक कर्मी भी काम के दबाव में दिखे। धन जमा और निकासी के काउंटर पर दोपहर बाद तक लंबी कतार लगी रही। पुलिस भी अलर्ट मोड में रही। जाम सहित अन्य दिक्कतें न हों, उसके लिए बैंकों के आसपास पुलिस पूरे दिन गश्त करती रही।
दरअसल, 13 मार्च को द्वितीय शनिवार के चलते बैंक बंद रहे। 14 को रविवार के चलते साप्ताहिक अवकाश रहा। सोमवार और मंगलवार को निजीकरण के विरोध में बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। सोमवार को पहले दिन कुछ इलाकों में एटीएम ने साथ दिया। मंगलवार को तमाम एटीएम में रकम खत्म हो गई। बुधवार को शहर के अधिकांश बैंकों पर जमा से ज्यादा धन की निकासी के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए बैंकों के शाखा प्रबंधक अपने स्तर से व्यवस्था करने में लगे रहे। सुबह जिस समय बैंक खोला गया, उसके काफी पहले से ही लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थीं।
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शुरूआती दौर में तो किसी तरह काम चलता रहा, पर निकासी में हो रही देरी को देखते हुए कुछ बैंकों में अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था करानी पड़ी। वहीं, इस बीच खाली हो चुके एटीएम में बैंकों के खुलते ही सबसे पहले कैश डालने का काम शुरू कर दिया गया। बनकटी, मुंडेरवा, दुबौलिया, रुधौली, भानपुर, हर्रैया, परशुरामपुर, विक्रमजोत, छावनी प्रतिनिधियों के अनुसार, बुधवार को बैंकों में रोज की अपेक्षा काफी भीड़ रही। बैंक कर्मियों पर काम का दबाव अधिक रहा। कुछ बैंकों में अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था करनी पड़ी।
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