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Basti News: अमहट घाट से निकल रही दुर्गंध, दे रही बीमारी को दावत
Mon, 27 Nov 2023 10:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 27 Nov 2023 10:48 PM IST
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दुर्गापूजा और दिवाली त्योहार के समापन के साथ डीजे की तेज आवाज से लोगों को राहत मिली। दोनों बड़े त्योहारों में प्रतिमा विसर्जन के लिए कुआनो के तट पर कृत्रिम तालाब बनाया गया था। पूरा तालाब मलबे से पटा हुआ है। पास में ही कूड़ा डंप किया जाता है। इसमें निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को अमहट घाट के रास्ते चलना मुश्किल हो गया है। वहीं, आसपास के रहने वालों को संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है।
नगर पालिका ने नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए दुर्गा व लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जित करने के लिए कुआनो नदी के तट पर कृत्रिम तालाब बनवाया था। कृत्रिम तालाब में प्रतिमा के साथ साज-सज्जा के सामान समेत अन्य सामग्री भी डाल दी गई। प्रतिमा विसर्जन के बाद तालाब की सफाई नहीं कराई गई। इसमें मलबा पड़ा है। वहीं, पास में कूड़ा डंप किया जाता है। मलबे और कूड़े से निकल रहा दुर्गंध लोगों के लिए खतरनाक होता जा रहा है।
रोड के किनारे डाल देते हैं कूड़ा
अमहट पुल से गुजरने वाले राहगीर दुर्गंध से परेशान हैं। तो आसपास के इलाके के लोगों को दुर्गंध से रहना मुश्किल हो गया है। सोमवार दोपहर ढाई बजे पुल पर मिले भुअर सराय निवासी रामानंद चौधरी ने कहा कि हम लोगों की दुश्वारियों के बीच रहने की आदत पड़ गई है। अब डर सताने लगा है कि कहीं बीमार न पड़ जाएं। वहीं, राजकुमार का कहना था कि नगर पालिका के कर्मचारी कूड़ा लाकर रोड के किनारे गिरा देते हैं। इसके कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। तालाब की बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
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आधा दर्जन गांव के लोग है परेशान
सर्विस रोड के किनारे दोनों तरफ करीब सौ मीटर क्षेत्रफल में कूड़े का टीला बना हुआ है। कूड़े से निकलने वाले दुर्गंध से आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का जीना मुश्किल हो चुका है। भुअर सराय, कुसमौर, महरीपुर, रमवापुर, लोरीपुर, भरथापुर, ह्रदयजोत आदि गांव के रहने वाले लोग दुर्गंध से परेशान रहते हैं।
पुल पर बढ़ा देते है गाड़ियों की रफ्तार
कृत्रिम तालाब के दुर्गंध से बचने के लिए राहगीर, अमहट पुल के समीप पहुंचते ही गाड़ियों की गति बढ़ा दे रहे हैं। हर्रैया से जिला मुख्यालय आ रहे अमित चौधरी ने बताया कि दुर्गंध से बचने के लिए जब वह पुल के समीप पहुंचते है तो बाइक की गति बढ़ा देते हैं। पुल पार करने तक अपनी सांस रोके रखते है। ताकि दुर्गंध न आए। उन्होंने कहा कि हम लोगों के आने-जाने में इतनी दिक्कत हो रही है तो आसपास के लोगों का क्या हाल होगा।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बदबू से सांस के रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों की पाचन क्रिया भी खराब होने लगती है। मास्क लगाकर रहें और दरवाजा-खिड़की बंद करके रहें।
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नगर पालिका ने नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए दुर्गा व लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जित करने के लिए कुआनो नदी के तट पर कृत्रिम तालाब बनवाया था। कृत्रिम तालाब में प्रतिमा के साथ साज-सज्जा के सामान समेत अन्य सामग्री भी डाल दी गई। प्रतिमा विसर्जन के बाद तालाब की सफाई नहीं कराई गई। इसमें मलबा पड़ा है। वहीं, पास में कूड़ा डंप किया जाता है। मलबे और कूड़े से निकल रहा दुर्गंध लोगों के लिए खतरनाक होता जा रहा है।
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रोड के किनारे डाल देते हैं कूड़ा
अमहट पुल से गुजरने वाले राहगीर दुर्गंध से परेशान हैं। तो आसपास के इलाके के लोगों को दुर्गंध से रहना मुश्किल हो गया है। सोमवार दोपहर ढाई बजे पुल पर मिले भुअर सराय निवासी रामानंद चौधरी ने कहा कि हम लोगों की दुश्वारियों के बीच रहने की आदत पड़ गई है। अब डर सताने लगा है कि कहीं बीमार न पड़ जाएं। वहीं, राजकुमार का कहना था कि नगर पालिका के कर्मचारी कूड़ा लाकर रोड के किनारे गिरा देते हैं। इसके कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। तालाब की बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
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आधा दर्जन गांव के लोग है परेशान
सर्विस रोड के किनारे दोनों तरफ करीब सौ मीटर क्षेत्रफल में कूड़े का टीला बना हुआ है। कूड़े से निकलने वाले दुर्गंध से आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का जीना मुश्किल हो चुका है। भुअर सराय, कुसमौर, महरीपुर, रमवापुर, लोरीपुर, भरथापुर, ह्रदयजोत आदि गांव के रहने वाले लोग दुर्गंध से परेशान रहते हैं।
पुल पर बढ़ा देते है गाड़ियों की रफ्तार
कृत्रिम तालाब के दुर्गंध से बचने के लिए राहगीर, अमहट पुल के समीप पहुंचते ही गाड़ियों की गति बढ़ा दे रहे हैं। हर्रैया से जिला मुख्यालय आ रहे अमित चौधरी ने बताया कि दुर्गंध से बचने के लिए जब वह पुल के समीप पहुंचते है तो बाइक की गति बढ़ा देते हैं। पुल पार करने तक अपनी सांस रोके रखते है। ताकि दुर्गंध न आए। उन्होंने कहा कि हम लोगों के आने-जाने में इतनी दिक्कत हो रही है तो आसपास के लोगों का क्या हाल होगा।
फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बदबू से सांस के रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों की पाचन क्रिया भी खराब होने लगती है। मास्क लगाकर रहें और दरवाजा-खिड़की बंद करके रहें।