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Basti News: ई-टिकट घोटाले से अर्जित संपत्ति की कुर्की शुरू
Wed, 21 Jun 2023 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 21 Jun 2023 01:22 AM IST
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ई-टिकट के मास्टरमाइंड की जमीन कुर्क करती रजस्व विभाग व पुलिस की टीम
बस्ती/महराजगंज। आईआरसीटीसी टिकट घोटाले की रकम से खड़ी की गई संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू हो गई। इस गिरोह के मास्टर माइंड हामिद अशरफ, उसके पिता जमीरुल हसन और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज जमीन कुर्क की गई। हर्रैया पुलिस व राजस्व विभाग की टीमों ने नगर थानाक्षेत्र के कठार जंगल और कप्तानगंज क्षेत्र के रमवापुर गांव की जमीनों को कुर्क कर वहां लाल झंडी लगाई गई। समाचार लिखे जाने तक हामिद के पैतृक गांव रमवापुर में कार्रवाई चल रही थी।
हर्रैया के नायब तहसीलदार शौकत अली और कप्तानगंज के नायब तहसीलदार कृष्ण मोहन यादव के अलावा हर्रैया थाने की पुलिस की टीम शाम चार बजे सबसे पहले कठार जंगल गांव में पहुंची। वहां पर गाटा संख्या 430 और 452 और बनकटा मिश्र गांव में गाटा संख्या 7 और 109 की जमीन को कुर्क किया गया। हालांकि उन जमीनों का रकबा टीम नहीं बता पाई। इसी बीच बारिश होने लगी, जिससे कार्रवाई में बाधा आई। बारिश बंद होने के बाद टीम रमवापुर कला पहुंची। वहां पर देर शाम तक कुर्की की कार्रवाई चलती रही। इससे पहले सोमवार को देरशाम कप्तानगंज पहुंची नायब तहसीलदार और एसएचओ हर्रैया की टीम ने धारा 14 ए के तहत कार्रवाई शुरू की थी।
दिसंबर 2019 में रेलवे के ई-टिकटिंग का फर्जी साफ्टवेयर तैयार करके करोड़ों रुपये के घोटाले का पुलिस ने पर्दाफाश किया था। जिसका मास्टर माइंड कप्तानगंज थानाक्षेत्र के रमवापुर का निवासी हामिद अशरफ था। पुलिस ने पहले उसे और बाद में उसके पिता जमीरुल हसन उर्फ लल्ला को गिरफ्तार किया था। उसके पिता पर आरोप है कि हामिद की काली कमाई से उसने कप्तानगंज कस्बे के अलावा कई जगह जमीन जायदाद खरीदी है। पुलिस ने 12 करोड़ की कीमती रजिस्ट्री जमीन के दस्तावेज, बैंक खातों में 90 लाख रुपये के बांड बरामद किए थे। इसके अलावा 30 लाख रुपये बैक खाते में पाए गए थे। जिसे फ्रीज किया गया था।
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इस मामले में गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करके हर्रैया थाने को तफ्तीश सौंपी गई थी। बाद में काली कमाई से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा जुटाया गया। जिसकी रिपोर्ट एसडीएम के जरिए डीएम को भेजी गई थी। डीएम के निर्देश पर उन संपत्तियों की जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू-- -
देश भर में फैलाया था हामिद ने नेटवर्क
- आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम लिमिटेड) की ई-टिकटिंग की वेबसाइट हैक करके करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह का हामिद सरगना है। देश भर में उसने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया था। तत्काल ई-टिकट बनाने के साथ ही वह अपने एजेंटों के जरिए टिकट बनाने वाला फर्जी साफ्टवेयर भी बेचता था। रेलवे के कोष पर असर पड़ने लगा तो सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई। 2016 में सीबीआई ने उसे पुरानी बस्ती से गिरफ्तार किया था। मगर पुख्ता सबूतों के अभाव में उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि आरपीएफ और पुलिस उसके पीछे पड़ी हुई थी। दिसंबर 2019 में बाद में उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। उसी दौरान गोंडा जिले के खोड़ारे थानाक्षेत्र के एक निजी स्कूल में विस्फोट में हामिद का नाम आया था। इसके बाद वह विदेश भाग गया था। इधर, पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर सभी बैंक खातों पर रोक लगाकर शिकंजा कसा तो वह भारत लौटा। मगर बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उसे रोक लिया गया। वहां से मिली सूचना के आधार पर गोंडा व बस्ती से रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने वहां पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। ट्रांजिट रिमांड के बाद उसे गोंडा लाया गया। इसके बाद बस्ती पुलिस ने यहां के केस में न्यायालय में पेश किया। तब से वह जेल में है।
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हर्रैया के नायब तहसीलदार शौकत अली और कप्तानगंज के नायब तहसीलदार कृष्ण मोहन यादव के अलावा हर्रैया थाने की पुलिस की टीम शाम चार बजे सबसे पहले कठार जंगल गांव में पहुंची। वहां पर गाटा संख्या 430 और 452 और बनकटा मिश्र गांव में गाटा संख्या 7 और 109 की जमीन को कुर्क किया गया। हालांकि उन जमीनों का रकबा टीम नहीं बता पाई। इसी बीच बारिश होने लगी, जिससे कार्रवाई में बाधा आई। बारिश बंद होने के बाद टीम रमवापुर कला पहुंची। वहां पर देर शाम तक कुर्की की कार्रवाई चलती रही। इससे पहले सोमवार को देरशाम कप्तानगंज पहुंची नायब तहसीलदार और एसएचओ हर्रैया की टीम ने धारा 14 ए के तहत कार्रवाई शुरू की थी।
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दिसंबर 2019 में रेलवे के ई-टिकटिंग का फर्जी साफ्टवेयर तैयार करके करोड़ों रुपये के घोटाले का पुलिस ने पर्दाफाश किया था। जिसका मास्टर माइंड कप्तानगंज थानाक्षेत्र के रमवापुर का निवासी हामिद अशरफ था। पुलिस ने पहले उसे और बाद में उसके पिता जमीरुल हसन उर्फ लल्ला को गिरफ्तार किया था। उसके पिता पर आरोप है कि हामिद की काली कमाई से उसने कप्तानगंज कस्बे के अलावा कई जगह जमीन जायदाद खरीदी है। पुलिस ने 12 करोड़ की कीमती रजिस्ट्री जमीन के दस्तावेज, बैंक खातों में 90 लाख रुपये के बांड बरामद किए थे। इसके अलावा 30 लाख रुपये बैक खाते में पाए गए थे। जिसे फ्रीज किया गया था।
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इस मामले में गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करके हर्रैया थाने को तफ्तीश सौंपी गई थी। बाद में काली कमाई से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा जुटाया गया। जिसकी रिपोर्ट एसडीएम के जरिए डीएम को भेजी गई थी। डीएम के निर्देश पर उन संपत्तियों की जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू
देश भर में फैलाया था हामिद ने नेटवर्क
- आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम लिमिटेड) की ई-टिकटिंग की वेबसाइट हैक करके करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह का हामिद सरगना है। देश भर में उसने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया था। तत्काल ई-टिकट बनाने के साथ ही वह अपने एजेंटों के जरिए टिकट बनाने वाला फर्जी साफ्टवेयर भी बेचता था। रेलवे के कोष पर असर पड़ने लगा तो सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई। 2016 में सीबीआई ने उसे पुरानी बस्ती से गिरफ्तार किया था। मगर पुख्ता सबूतों के अभाव में उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि आरपीएफ और पुलिस उसके पीछे पड़ी हुई थी। दिसंबर 2019 में बाद में उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। उसी दौरान गोंडा जिले के खोड़ारे थानाक्षेत्र के एक निजी स्कूल में विस्फोट में हामिद का नाम आया था। इसके बाद वह विदेश भाग गया था। इधर, पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर सभी बैंक खातों पर रोक लगाकर शिकंजा कसा तो वह भारत लौटा। मगर बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उसे रोक लिया गया। वहां से मिली सूचना के आधार पर गोंडा व बस्ती से रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने वहां पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। ट्रांजिट रिमांड के बाद उसे गोंडा लाया गया। इसके बाद बस्ती पुलिस ने यहां के केस में न्यायालय में पेश किया। तब से वह जेल में है।