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Basti News: 63 करोड़ रुपये से बना अटल आवासीय विद्यालय जलमग्न, पठन-पाठन प्रभावित
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अटल आवासीय विद्यालय परिसर में जलमग्न स्रोत विद्यालय
परशुरामपुर/हर्रैया। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना अटल आवासीय विद्यालय जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। हर्रैया तहसील के बसेवा राय में करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से बने विद्यालय परिसर में सप्ताहभर से पानी भरा है। इससे पठन-पाठन और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। गंदा पानी जमा होने से बदबू फैल रही है। छात्रों के अनुसार, पानी छात्रावास के मुहाने तक पहुंच गया है। परिसर में मच्छर और सांप दिखने से छात्र व कर्मचारी चिंतित हैं।
प्रधानाचार्य पूरण चंद्र ने बताया कि संबंधित विभाग को लिखित रूप से समस्या से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अब तक जलनिकासी और स्वच्छता की प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी है। विद्यालय निचले क्षेत्र में होने के कारण बारिश और नाले का पानी परिसर में भर जाता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव और सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। अभिभावकों ने जलनिकासी और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त होने तक बच्चों की सुरक्षा के लिए अस्थायी अवकाश घोषित करने की मांग की है।
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पहले भी जलमग्न हुआ था परिसर
बताया गया कि सात जुलाई 2024 को भी विद्यालय परिसर में जलभराव हुआ था। इसके बाद से समस्या बनी हुई है। विभाग के अनुसार, बाउंड्रीवाल से पानी का रिसाव होने के साथ निकासी तंत्र के जरिये श्रृंगीनारी नाले का पानी भी परिसर में पहुंच रहा है। प्रार्थना सभा स्थल, पहुंच मार्ग और शैक्षणिक भवन के आसपास पानी जमा है।
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जलनिकासी का प्रस्ताव लंबित
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भवन निर्माण इकाई पीडब्ल्यूडी से प्रस्ताव तैयार कराया गया है, लेकिन अभी उस पर सहमति नहीं बनी है। विद्यालय करीब 50 बीघा सरकारी भूमि पर बना है। सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। वर्तमान में करीब एक हजार छात्र यहां आवासीय सुविधा के साथ अध्ययनरत हैं।
कोट
लो-लैंड के चलते परिसर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जुलाई 2024 में भी यह समस्या आई थी। जलभराव की समस्या दूर हो इसके लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से प्रस्ताव बनाया गया था, अभी कार्य नहीं हुआ है। ड्रेनेज बना है, लेकिन बगल से गुजरा नाला जब ओवरफ्लो होता है तो उसका भी पानी ड्रेनेज से और बाउंड्रीवाल के जरिये रिसाव कर आ जाता है। बारिश के चलते भी परेशानी हुई। जलनिकासी के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं।
-रचना केसरवानी, उप श्रमायुक्त, बस्ती मंडल
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प्रधानाचार्य पूरण चंद्र ने बताया कि संबंधित विभाग को लिखित रूप से समस्या से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अब तक जलनिकासी और स्वच्छता की प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी है। विद्यालय निचले क्षेत्र में होने के कारण बारिश और नाले का पानी परिसर में भर जाता है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव और सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। अभिभावकों ने जलनिकासी और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त होने तक बच्चों की सुरक्षा के लिए अस्थायी अवकाश घोषित करने की मांग की है।
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पहले भी जलमग्न हुआ था परिसर
बताया गया कि सात जुलाई 2024 को भी विद्यालय परिसर में जलभराव हुआ था। इसके बाद से समस्या बनी हुई है। विभाग के अनुसार, बाउंड्रीवाल से पानी का रिसाव होने के साथ निकासी तंत्र के जरिये श्रृंगीनारी नाले का पानी भी परिसर में पहुंच रहा है। प्रार्थना सभा स्थल, पहुंच मार्ग और शैक्षणिक भवन के आसपास पानी जमा है।
जलनिकासी का प्रस्ताव लंबित
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भवन निर्माण इकाई पीडब्ल्यूडी से प्रस्ताव तैयार कराया गया है, लेकिन अभी उस पर सहमति नहीं बनी है। विद्यालय करीब 50 बीघा सरकारी भूमि पर बना है। सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। वर्तमान में करीब एक हजार छात्र यहां आवासीय सुविधा के साथ अध्ययनरत हैं।
कोट
लो-लैंड के चलते परिसर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जुलाई 2024 में भी यह समस्या आई थी। जलभराव की समस्या दूर हो इसके लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से प्रस्ताव बनाया गया था, अभी कार्य नहीं हुआ है। ड्रेनेज बना है, लेकिन बगल से गुजरा नाला जब ओवरफ्लो होता है तो उसका भी पानी ड्रेनेज से और बाउंड्रीवाल के जरिये रिसाव कर आ जाता है। बारिश के चलते भी परेशानी हुई। जलनिकासी के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं।
-रचना केसरवानी, उप श्रमायुक्त, बस्ती मंडल