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Basti News: दीपावली के करीब आते कुम्हारों की चाक में आई तेजी
Fri, 20 Oct 2023 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 20 Oct 2023 12:51 AM IST
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नगर बाजार में दीपावली के लिए दीऐ बनाते कुम्हार।
बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये बनाने का कार्य शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार। दीपावली नजदीक है। ग्रामीण क्षेत्र में कुम्हारों की चाक तेजी से घुमने लगे हैं। बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये बनाने का कार्य कुम्हारों ने शुरू कर दिया है। दीपावली पर कुम्हारों ने घरों में रोशनी करने वाले दीये, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाने लगे हैं। जब से पीएम मोदी ने त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी का आह्वान किया है, तब से कुम्हारों की बनाई सामग्री की बिक्री ज्यादा बढ़ गई है।
नगर बाजार के कुम्हार रोहित प्रजापति ने बताया कि दुर्गापूजा से कार्य में तेजी आ गई हैं। वर्तमान में मिट्टी के बने सामान की मांग बाजार में बढ़ने के कारण वह लोग लगातार काम कर रहे हैं। मिट्टी के दीये, मूर्ति की मांग त्योहारों में अचानक बढ़ जाती है। खासकर दीपावली में इसकी मांग काफी रहती है। ऐसे में दिन-रात एक कर मिट्टी के सामान बनाए जा रहे हैं। मिट्टी के सामान बनाने के लिए खर्च अधिक आ रहा है। इस कारण दाम भी बढ़ जाते है।
राम गरीब प्रजापति ने बताया कि छह दशक से मिट्टी के दीया और खिलौना बना रहे है। लागत बढ़ने के कारण दाम बढ़ जाता है। जिसके कारण अधिकतर लोग खरीदारी कम करते है। लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता है।कुम्हार रामसेवक ने बताया कि मिट्टी के दीपकों का प्रचलन अब सिर्फ शगुन के लिए रह गया है।इसके चलते जरूरत मुताबिक ही बनाए जा रहे हैं। चाक पर तैयार होने वाले दीपों को बनाने मे कड़ी मेहनत लगती है। मिट्टी को छानने उसे तपाने और बनाने मे चार पॉच दिन लग जाता है।
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कुम्हार रामशबद प्रजापति का कहना है कि बदलते परिवेश में दीपावली पर लोग लोग डिजाइनर दीये भी खूब मांग रहती है। और चाइनीज दीपों से लोगो का मोहभंग के चलते मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ी है। इस बार कुम्हारों को अच्छी आय होने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार। दीपावली नजदीक है। ग्रामीण क्षेत्र में कुम्हारों की चाक तेजी से घुमने लगे हैं। बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये बनाने का कार्य कुम्हारों ने शुरू कर दिया है। दीपावली पर कुम्हारों ने घरों में रोशनी करने वाले दीये, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाने लगे हैं। जब से पीएम मोदी ने त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी का आह्वान किया है, तब से कुम्हारों की बनाई सामग्री की बिक्री ज्यादा बढ़ गई है।
नगर बाजार के कुम्हार रोहित प्रजापति ने बताया कि दुर्गापूजा से कार्य में तेजी आ गई हैं। वर्तमान में मिट्टी के बने सामान की मांग बाजार में बढ़ने के कारण वह लोग लगातार काम कर रहे हैं। मिट्टी के दीये, मूर्ति की मांग त्योहारों में अचानक बढ़ जाती है। खासकर दीपावली में इसकी मांग काफी रहती है। ऐसे में दिन-रात एक कर मिट्टी के सामान बनाए जा रहे हैं। मिट्टी के सामान बनाने के लिए खर्च अधिक आ रहा है। इस कारण दाम भी बढ़ जाते है।
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राम गरीब प्रजापति ने बताया कि छह दशक से मिट्टी के दीया और खिलौना बना रहे है। लागत बढ़ने के कारण दाम बढ़ जाता है। जिसके कारण अधिकतर लोग खरीदारी कम करते है। लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता है।कुम्हार रामसेवक ने बताया कि मिट्टी के दीपकों का प्रचलन अब सिर्फ शगुन के लिए रह गया है।इसके चलते जरूरत मुताबिक ही बनाए जा रहे हैं। चाक पर तैयार होने वाले दीपों को बनाने मे कड़ी मेहनत लगती है। मिट्टी को छानने उसे तपाने और बनाने मे चार पॉच दिन लग जाता है।
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कुम्हार रामशबद प्रजापति का कहना है कि बदलते परिवेश में दीपावली पर लोग लोग डिजाइनर दीये भी खूब मांग रहती है। और चाइनीज दीपों से लोगो का मोहभंग के चलते मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ी है। इस बार कुम्हारों को अच्छी आय होने की उम्मीद है।