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अस्ताचलगामी सूर्य को छठ घाटों पर दिया गया अर्घ्य

Sun, 30 Oct 2022 10:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2022 10:21 PM IST
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Arghya offered to the setting sun on Chhath Ghats
अमहट घाट पर डूबते सूरज की अर्ध्य देती महिलाएं। - फोटो : BASTI
अस्ताचलगामी सूर्य को छठ घाटों पर दिया गया अर्घ्य
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बस्ती। सूर्योपासना के महापर्व छठ के तीसरे दिन रविवार को आस्था, उल्लास और समर्पण का अनूठा समन्वय छठ घाटों पर नजर आया। व्रती महिलाएं सूर्योपासना के दौरान अन्य अनुष्ठानों के साथ छठ पर्व के पारंपरिक गीतों के जरिए भी स्तुति कर रही थीं। अमहट घाट पर व्रती महिलाओं के बीच से जो गीत सुनाई दिया, उसके बोल थे- कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए।
कुआनो नदी के अमहट घाट और पुरानी बस्ती के निर्मली कुंड पर मंगल गीत गातीं व्रती महिलाओं की आमद देर शाम तक चलती रही। व्रतियों ने अस्त होते सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने पुत्रों के यश, कीर्ति और समृद्धि का वर मांगा। घाटों पर जबरदस्त भीड़ रही। आसपास कई दुकानें भी सजी हुई थीं।
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प्रशासन की तरफ से सुरक्षा और सुविधा के प्रबंध थे। मगर अमहट घाट पर बाढ़ के पानी की वजह से श्रद्धालुओं को थोड़ी असहजता का सामना करना पड़ा। नगर पालिका के अलावा पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम मुस्तैद रही। शहर के अमहट घाट और निर्मली कुंड के अलावा कुदरहा के सेल्हरा, नौरहनी, पिपरपाती, गायघाट, लालगंज, बानपुर, मथौली, कौलेश्वरधाम कलवारी आदि विभिन्न स्थानों पर व्रतियों की टोली छठ उपासना में तल्लीन दिखीं, जिसमें उनकी कठोर तपस्या के साक्षी व सहयोगी बनने के लिए लालायित परिवार के लोग तत्पर रहे।
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घाटों पर छठ मैया के भावपूर्ण गीत गूंजते रहे। निर्जल व्रत रहकर महिलाओं ने गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छठ मैया की विधिवत पूजा की। उसके बाद महिलाओं ने पानी में खड़ा होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रती वापस वेदिका के सामने पहुंचीं। वेदी के सम्मुख कंद, मूल और फल के साथ ही पूजन के लिए तैयार पकवान रखकर महिलाओं ने आरती उतारी। प्रणाम कर मनोवांछित फल मांगा। इस बीच घाट पर पहुंचे सभी लोग अपने परिजनों के साथ अलग-अलग इस परंपरा निभाने में लगे रहे।
सुरक्षा में तैनात रहे पुलिस कर्मी
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे। बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मी भी अमहट घाट, निर्मली कुंड परिसर में नजर आईं। एसओ पुरानी बस्ती प्रदीप कुमार सिंह निर्मली कुंड पर और कोतवाल शशांक शेखर राय अमहट घाट पर भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। नदी में बैरीकेडिंग कर पानी में एक सीमा तक जाने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों और मोटर बोट की व्यवस्था की गई थी। छठ मेला के दौरान कर्मचारियों के साथ अधिकारियों को भी लगाया गया था।
उगते सूर्य को अर्घ्य आज
पुत्र के दीर्घायु और यशस्वी की कामना लिए सोमवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके साथ ही चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व का समापन होगा। पूरी रात घाटों पर गहमागहमी रही। कहीं, डीजे पर छठ मैया के मधुर गीत गूंज रहे थे तो कहीं महिलाओं की टोली पारंपरिक रंगों में रंगी नजर आईं।

डुमरियागंज सांसद ने अमहट घाट पर दिया अर्घ्य
डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने अमहट घाट पर छठ पूजा करके डूबते सूरज को अर्घ्य दिया। सांसद ने कहा कि छठ पूजा का वर्णन ‘स्कंद पुराण’ में विस्तार से है। इस मौके पर आशुतोष सिंह व राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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