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Basti News: लक्ष्य से भी कम आए ई-ट्राईसाइकिल के लिए आवेदन, आय प्रमाण पत्र बना रोड़ा
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बस्ती। दिव्यांग छात्राओं के लिए शुरू की गई ई-ट्राईसाइकिल योजना में लक्ष्य के अनुरूप आवेदन नहीं आए हैं। 100 ई-ट्राईसाइकिल देने का लक्ष्य मिला है लेकिन अब तक सिर्फ 84 छात्राओं ने आवेदन किया है। यानी लक्ष्य से 16 आवेदन कम हैं। लेखपालों के अतिरिक्त कार्य बहिष्कार के कारण आय प्रमाण पत्र नहीं बन पाना इसकी वजह बताई जा रही है। आवेदन पूरे नहीं होने के कारण सत्यापन और वितरण की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा के लिए आवागमन में सहूलियत देने के उद्देश्य से इस वर्ष ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है। इसके तहत जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20-20 दिव्यांग छात्राओं समेत कुल 100 छात्राओं को निशुल्क ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जानी है। वितरण इसी माह प्रस्तावित है, लेकिन अभी इसकी तिथि स्पष्ट नहीं है। योजना का लाभ कक्षा आठ से परास्नातक तक अध्ययनरत छात्राओं के अलावा पंजीकृत कोचिंग, आईटीआई प्रशिक्षण तथा एएनएम-जीएनएम की ट्रेनिंग लेने वाली छात्राओं को भी मिल सकता है। आवेदक की न्यूनतम आयु 16 वर्ष होनी चाहिए और वह मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हो। छात्रा की दिव्यांगता 40 प्रतिशत या इससे अधिक होना जरूरी है। साथ ही दोनों हाथ पूरी तरह कार्यशील, दृष्टि और मानसिक स्थिति सामान्य होनी चाहिए।
इसके अलावा छात्रा के परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। आय प्रमाण पत्र में परिवार की आय गरीबी रेखा के मानक के अनुरूप या आयकरदाता न होने की स्थिति प्रमाणित होना जरूरी है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सांसद निधि, विधायक निधि अथवा किसी अन्य सरकारी अनुदानित स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाली छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
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आय प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे आवेदक
लेखपालों के अतिरिक्त कार्य बहिष्कार के चलते आय प्रमाण पत्र बनवाने में भी परेशानी की बात सामने आ रही है। इससे पात्र छात्राओं के आवेदन प्रभावित हुए हैं। लक्ष्य के मुकाबले आवेदन कम आने के कारण विभाग को अब शेष पात्र छात्राओं तक पहुंचने की चुनौती है।
84 आवेदनों के सत्यापन के लिए टीम गठित
अब तक मिले 84 आवेदनों के सत्यापन के लिए डीएम की ओर से टीम गठित की गई है। टीम में सीएमओ, एआरटीओ और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शामिल हैं। सत्यापन के बाद पात्र आवेदनों को स्वीकृति दी जाएगी और प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद लक्ष्य के अनुरूप ई-ट्राईसाइकिल वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
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कक्षा आठ से परास्नातक तक अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए जिले को 100 ई-ट्राईसाइकिल का लक्ष्य मिला है। अभी लक्ष्य के सापेक्ष आवेदन नहीं आए हैं। वितरण तिथि से पहले आवेदन का लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। -तनुज त्रिपाठी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
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प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा के लिए आवागमन में सहूलियत देने के उद्देश्य से इस वर्ष ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है। इसके तहत जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20-20 दिव्यांग छात्राओं समेत कुल 100 छात्राओं को निशुल्क ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जानी है। वितरण इसी माह प्रस्तावित है, लेकिन अभी इसकी तिथि स्पष्ट नहीं है। योजना का लाभ कक्षा आठ से परास्नातक तक अध्ययनरत छात्राओं के अलावा पंजीकृत कोचिंग, आईटीआई प्रशिक्षण तथा एएनएम-जीएनएम की ट्रेनिंग लेने वाली छात्राओं को भी मिल सकता है। आवेदक की न्यूनतम आयु 16 वर्ष होनी चाहिए और वह मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हो। छात्रा की दिव्यांगता 40 प्रतिशत या इससे अधिक होना जरूरी है। साथ ही दोनों हाथ पूरी तरह कार्यशील, दृष्टि और मानसिक स्थिति सामान्य होनी चाहिए।
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इसके अलावा छात्रा के परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। आय प्रमाण पत्र में परिवार की आय गरीबी रेखा के मानक के अनुरूप या आयकरदाता न होने की स्थिति प्रमाणित होना जरूरी है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सांसद निधि, विधायक निधि अथवा किसी अन्य सरकारी अनुदानित स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाली छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
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आय प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे आवेदक
लेखपालों के अतिरिक्त कार्य बहिष्कार के चलते आय प्रमाण पत्र बनवाने में भी परेशानी की बात सामने आ रही है। इससे पात्र छात्राओं के आवेदन प्रभावित हुए हैं। लक्ष्य के मुकाबले आवेदन कम आने के कारण विभाग को अब शेष पात्र छात्राओं तक पहुंचने की चुनौती है।
84 आवेदनों के सत्यापन के लिए टीम गठित
अब तक मिले 84 आवेदनों के सत्यापन के लिए डीएम की ओर से टीम गठित की गई है। टीम में सीएमओ, एआरटीओ और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शामिल हैं। सत्यापन के बाद पात्र आवेदनों को स्वीकृति दी जाएगी और प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद लक्ष्य के अनुरूप ई-ट्राईसाइकिल वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
कक्षा आठ से परास्नातक तक अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए जिले को 100 ई-ट्राईसाइकिल का लक्ष्य मिला है। अभी लक्ष्य के सापेक्ष आवेदन नहीं आए हैं। वितरण तिथि से पहले आवेदन का लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। -तनुज त्रिपाठी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी