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Basti News: आरोपी प्रिंस की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
Sat, 17 Aug 2024 10:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:47 PM IST
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मोहित हत्याकांड : सह अभियुक्त ने पूछताछ में प्रिंस उर्फ अंभी प्रताप का लिया था नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना ने मोहित यादव के अपहरण व हत्या के फरार आरोपी प्रिंस उर्फ अंभी प्रताप सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
डीजीसी क्रिमिनल परिपूर्णानंद पांडेय व एडीजीसी कमलेश चौधरी ने न्यायाधीश को अवगत कराया कि मामला बहुचर्चित मोहित अपहरण व हत्याकांड से जुड़ा है। मामले की विवेचना के दौरान प्रिंस उर्फ अंभी प्रताप सिंह का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने अंभी को भी आरोपी बनाया है। मामले की विवेचना चल रही है और मोहित का शव अब तक बरामद नहीं हुआ है। आरोपी पर दिन दहाड़े अपहरण कर हत्या का आरोप है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि प्रिंस को राजनीतिक दुश्मनी के कारण फंसाया गया है। घटना में उसकी कहीं कोई संलिप्तता नहीं है। उसका नाम न तो एफआईआर में है और न ही उसके फरार होने का अंदेशा है। डीजीसी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला, बहुचर्चित होने के कारण प्रिंस की अग्रिम जमानत से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि आरोपी का नाम भले ही एफआईआर में नहीं है, लेकिन जांच के दौरान सह अभियुक्त ने पूछताछ में प्रिंस उर्फ अंभी का नाम बताया है। ऐसे में घटना में अभियुक्त की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। मामला गंभीर प्रवृत्ति का है। लिहाजा आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
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बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना ने मोहित यादव के अपहरण व हत्या के फरार आरोपी प्रिंस उर्फ अंभी प्रताप सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
डीजीसी क्रिमिनल परिपूर्णानंद पांडेय व एडीजीसी कमलेश चौधरी ने न्यायाधीश को अवगत कराया कि मामला बहुचर्चित मोहित अपहरण व हत्याकांड से जुड़ा है। मामले की विवेचना के दौरान प्रिंस उर्फ अंभी प्रताप सिंह का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने अंभी को भी आरोपी बनाया है। मामले की विवेचना चल रही है और मोहित का शव अब तक बरामद नहीं हुआ है। आरोपी पर दिन दहाड़े अपहरण कर हत्या का आरोप है।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि प्रिंस को राजनीतिक दुश्मनी के कारण फंसाया गया है। घटना में उसकी कहीं कोई संलिप्तता नहीं है। उसका नाम न तो एफआईआर में है और न ही उसके फरार होने का अंदेशा है। डीजीसी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला, बहुचर्चित होने के कारण प्रिंस की अग्रिम जमानत से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि आरोपी का नाम भले ही एफआईआर में नहीं है, लेकिन जांच के दौरान सह अभियुक्त ने पूछताछ में प्रिंस उर्फ अंभी का नाम बताया है। ऐसे में घटना में अभियुक्त की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। मामला गंभीर प्रवृत्ति का है। लिहाजा आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
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