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‘किसान विरोधी भाजपा को भगाओ’
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:19 PM IST
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राष्ट्रीय लोकदल के किसान रैली को संबोधित करते राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह।
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किसानों, गरीबों और मजदूरों से वादे कर केंद्र की सत्ता हासिल करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर रहे हैं। जबकि किसानों को उनकी उपज ही नहीं मिल पा रही है। ऐसे गलत बयानबाजी वाली भाजपा को प्रदेश से भगाना होगा। यह अपील राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह ने किसान अधिकार रैली में की।
रविवार को पुराना किसान स्कूल ग्राउंड में आयोजित किसान अधिकार रैली में अजित सिंह ने कहा कि यूपी का चुनाव देश की दिशा बदलेगा। भाजपा के 73 सांसद यूपी से हैं। यूपी चुनाव में लचर प्रदर्शन से 2019 का लोकसभा चुनाव में इनका सफाया होगा। कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की घोर उपेक्षा की है। चुनावों के समय वादा किया था कि सरकार बनने पर फसल की लागत पर 50 फीसदी मुनाफा दिया जाएगा। विदेशों में जमा काला धन वापस लाएंगे, हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे लेकिन सत्ता मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर वादा जुमला साबित हुआ है। भाजपा अब भारतीय जुमला पार्टी बन गई है। चाय बेचने वाले का बेटा खुद को बताने वाले मोदी ने किसानों और मजदूरों का नहीं जानेमाने उद्योगपतियों का एक लाख 14 हजार करोड़ कर्ज माफ कर दिया। गेहूं से आयात शुल्क खत्म कर किसानों की कमर तोड़ दी। सहारनपुर और लालकिले से कहा कि गन्ने का दाम सभी को मिल गया लेकिन करोड़ों रुपये आज भी बकाया है। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। कहा कि स्वच्छ भारत, मेक इंडिया का नारा देने वाले के शासन में मोमबत्ती से लेकर भगवान की मूर्ति तक चीन से आ रही है।
रैली को संबोधित करते हुए रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद ने कहा कि 100 में 70 किसान और खेतिहर मजदूर हैं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बात करें तो देश में इन्हीं की सरकार होनी चाहिए। पर गरीबों की लड़ाई लड़ते लड़ते न जाने कितने लोग ओर ज्यादा अमीर हो गए, गरीब वहीं खड़ा रह गया। नोटबंदी ने किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी, और पार्टी के नेता प्रधानमंत्री को अवार्ड देते घूम रहे हैं। प्रदेश महासचिव राजा ऐश्वर्यराज सिंह ने स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठया। कहा फर्जी बैंलेंस शीट बनवाकर भारी भरकम कर्ज लिया गया और बाद में घाटा दिखाकर मिल बंद कर दी गई। हजारों लोग बेरोजगार हो गए। किसानों का कर्ज माफ किए जाने, गेहूं का आयात शुल्क घटाने का फैसला वापस लेने, कृषि बजट को 40 फीसदी बढ़ाने सहित कई मुद्दों से किसानों को जोड़ते हुए रालोद को ही किसानों का हितैषी कहकर जिताने की अपील की। संचालन पूर्वांचल अध्यक्ष सुधीर किसान ने किया। रैली में धर्मवीर सिंह बालियान, राष्ट्रीय सचिव ओंकार सिंह, प्रदेश महासचिव किरन सिंह, मध्य जोन की महिला अध्यक्ष रमावती तिवारी, प्रदेश सचिव रजनीकांत, लखनऊ महानगर अध्यक्ष महबूब आलम, अशोक सिंह, रविन्द्र सिंह पटेल, राय अंकुरम श्रीवास्तव, इंजीनियर संतोष मिश्रा सहित तमम लोग मौजूद रहे।
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रविवार को पुराना किसान स्कूल ग्राउंड में आयोजित किसान अधिकार रैली में अजित सिंह ने कहा कि यूपी का चुनाव देश की दिशा बदलेगा। भाजपा के 73 सांसद यूपी से हैं। यूपी चुनाव में लचर प्रदर्शन से 2019 का लोकसभा चुनाव में इनका सफाया होगा। कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की घोर उपेक्षा की है। चुनावों के समय वादा किया था कि सरकार बनने पर फसल की लागत पर 50 फीसदी मुनाफा दिया जाएगा। विदेशों में जमा काला धन वापस लाएंगे, हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे लेकिन सत्ता मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर वादा जुमला साबित हुआ है। भाजपा अब भारतीय जुमला पार्टी बन गई है। चाय बेचने वाले का बेटा खुद को बताने वाले मोदी ने किसानों और मजदूरों का नहीं जानेमाने उद्योगपतियों का एक लाख 14 हजार करोड़ कर्ज माफ कर दिया। गेहूं से आयात शुल्क खत्म कर किसानों की कमर तोड़ दी। सहारनपुर और लालकिले से कहा कि गन्ने का दाम सभी को मिल गया लेकिन करोड़ों रुपये आज भी बकाया है। ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। कहा कि स्वच्छ भारत, मेक इंडिया का नारा देने वाले के शासन में मोमबत्ती से लेकर भगवान की मूर्ति तक चीन से आ रही है।
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रैली को संबोधित करते हुए रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद ने कहा कि 100 में 70 किसान और खेतिहर मजदूर हैं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बात करें तो देश में इन्हीं की सरकार होनी चाहिए। पर गरीबों की लड़ाई लड़ते लड़ते न जाने कितने लोग ओर ज्यादा अमीर हो गए, गरीब वहीं खड़ा रह गया। नोटबंदी ने किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी, और पार्टी के नेता प्रधानमंत्री को अवार्ड देते घूम रहे हैं। प्रदेश महासचिव राजा ऐश्वर्यराज सिंह ने स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठया। कहा फर्जी बैंलेंस शीट बनवाकर भारी भरकम कर्ज लिया गया और बाद में घाटा दिखाकर मिल बंद कर दी गई। हजारों लोग बेरोजगार हो गए। किसानों का कर्ज माफ किए जाने, गेहूं का आयात शुल्क घटाने का फैसला वापस लेने, कृषि बजट को 40 फीसदी बढ़ाने सहित कई मुद्दों से किसानों को जोड़ते हुए रालोद को ही किसानों का हितैषी कहकर जिताने की अपील की। संचालन पूर्वांचल अध्यक्ष सुधीर किसान ने किया। रैली में धर्मवीर सिंह बालियान, राष्ट्रीय सचिव ओंकार सिंह, प्रदेश महासचिव किरन सिंह, मध्य जोन की महिला अध्यक्ष रमावती तिवारी, प्रदेश सचिव रजनीकांत, लखनऊ महानगर अध्यक्ष महबूब आलम, अशोक सिंह, रविन्द्र सिंह पटेल, राय अंकुरम श्रीवास्तव, इंजीनियर संतोष मिश्रा सहित तमम लोग मौजूद रहे।
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