Basti News: अमरमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर पेश करें एसपी बस्ती, गैर जमानती वारंट जारी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक गोरखपुर ने अमरमणि को जेल से रिहा होने की रिपोर्ट प्रस्तुत की तो न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और एसपी को विशेष पुलिस टीम का गठन करके वारंट को तामील कराने और गिरफ्तारी का आदेश दिया।
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कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में कुछ हफ्ते पहले जेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। 22 वर्ष पहले व्यापारी धर्मराज के बेटे के बहुचर्चित अपहरण कांड में बस्ती की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अमरमणि के खिलाफ सोमवार को गैर जमानती वारंट जारी किया है।
अदालत ने एसपी बस्ती को निर्देश दिया है कि वारंट को तामील कराने और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के लिए विशेष टीम का गठन करें। साथ ही केस में गैरहाजिर नैनी शर्मा और शिवम उर्फ रामयज्ञ को फरार घोषित करने का आदेश भी पुलिस को दिया है।
इससे पहले न्यायालय ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक गोरखपुर को अमरमणि त्रिपाठी को न्यायालय में पेश कराने का निर्देश दिया था। इस पर सोमवार को सुनवाई के दौरान गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक की तरफ से आख्या दी गई कि 25 अगस्त 2023 को उत्तर प्रदेश शासन कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 के आदेश पर अमरमणि त्रिपाठी पुत्र कृष्ण नारायण त्रिपाठी को कारागार से रिहा किया जा चुका है। रिहाई के बावजूद न्यायालय में हाजिर न होने पर अदालत ने सोमवार को गैर जमानती वारंट जारी किया।
छह दिसंबर 2001 को हुए अपहरण कांड में न्यायालय ने अमरमणि सहित तीन वांछितों को कई बार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश पारित किया, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रही। काफी दिनों तक वह मधुमिता शुक्ला हत्याकांड केस में लखनऊ, गोरखपुर समेत विभिन्न जेलों में बंद रहा। इस दौरान न्यायालय ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को तारीख पर उसे हाजिर करने का निर्देश दिया, लेकिन बीमारी आदि का बहाना बनाकर उसकी पेशी टलती रही। 24 अगस्त को अदालत की ओर से गोरखपुर सीएमओ से मेडिकल बोर्ड गठित कर अमरमणि के स्वास्थ्य की रिपोर्ट मांगी गई थी।
11 सितंबर को सीएमओ स्तर से गठित पांच सदस्यीय बोर्ड की रिपोर्ट में अमरमणि काे अवसाद की बीमारी बताते हुए उसका इलाज राज्य चिकित्सा परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के अनुसार चलने की बात कही गई थी। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट पर टिप्पणी करते कहा है कि मात्र अवसाद के आधार पर किसी अभियुक्त को कोर्ट आने से अवमुक्त नहीं किया जा सकता। इस पर न्यायालय ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को निर्देश दिया था कि 16 अक्तूबर को अमरमणि को पेश करें।