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ग्राम प्रधान पर गबन का आरोप, अधिकार प्रतिबंधित
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ग्राम प्रधान पर गबन का आरोप, अधिकार प्रतिबंधित
बस्ती। जिले के परशुरामपुर ब्लॉक के बेदीपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान नसीबुनिशा के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार पर डीएम ने प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध शौचालय के लिए खाते से निकाले गए 31.75 लाख रुपये के संबंध में स्पष्टीकरण न दे पाने के बाद डीपीसी की आख्या पर लगाई गई है। डीएम ने ग्राम प्रधान के अधिकारियों को प्रतिबंधित करते हुए ग्राम पंचायत के कायों का संपादन तीन सदस्यीय टीम गठित कर किए जाने के निर्देश दिए हैं।
डीएम माला श्रीवास्तव ने आदेश में कहा है कि उक्त गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत 275 शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम निधि-छह के खातों में विभिन्न तिथियों में 33 लाख रुपये प्रति शौचालय 12 हजार से आहरित किया गया है। इस राशि ने तय लक्ष्य के अनुसार 31 दिसंबर 2018 तक निर्माण पूरा कराया जाना था, मगर ऐसा नहीं हो सका। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत जिला परियोजना समन्वयक की ओर से 20 अप्रैल 2018 को दी गई संयुक्त आख्या में बताया कि कि उक्त तिथि को ग्राम पंचायत बेदीपुर के ग्राम निधि- छह के खाते में मात्र 4364 रुपये अवशेष है। इससे स्पष्ट है कि उक्त खाते से शौचालय निर्माण के लिए 32.95 लाख रुपये आहरित किए गए, मगर महज दस शौचालयों पर 1.20 लाख खर्च कर निर्माण कराया गया। इस प्रकार अवशेष धन 31.75 लाख रुपये का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, जिसके लिए ग्राम प्रधान नसीबुन्निशा व ग्राम पंचायत अधिकारी संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। जिला परियोजना समन्वयक राजा शेर सिंह व विष्णु देव नाथ तिवारी के आख्या के आधार पर दो मई 2019 को ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की गई, मगर तीन माह बीतने के बाद भी ग्राम प्रधान ने अपना स्पष्टीकरण अथवा पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। डीएम ने आख्या के आधार पर अपने अधिकारियों का प्रयोग करते हुए ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं।
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बस्ती। जिले के परशुरामपुर ब्लॉक के बेदीपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान नसीबुनिशा के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार पर डीएम ने प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध शौचालय के लिए खाते से निकाले गए 31.75 लाख रुपये के संबंध में स्पष्टीकरण न दे पाने के बाद डीपीसी की आख्या पर लगाई गई है। डीएम ने ग्राम प्रधान के अधिकारियों को प्रतिबंधित करते हुए ग्राम पंचायत के कायों का संपादन तीन सदस्यीय टीम गठित कर किए जाने के निर्देश दिए हैं।
डीएम माला श्रीवास्तव ने आदेश में कहा है कि उक्त गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत 275 शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम निधि-छह के खातों में विभिन्न तिथियों में 33 लाख रुपये प्रति शौचालय 12 हजार से आहरित किया गया है। इस राशि ने तय लक्ष्य के अनुसार 31 दिसंबर 2018 तक निर्माण पूरा कराया जाना था, मगर ऐसा नहीं हो सका। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत जिला परियोजना समन्वयक की ओर से 20 अप्रैल 2018 को दी गई संयुक्त आख्या में बताया कि कि उक्त तिथि को ग्राम पंचायत बेदीपुर के ग्राम निधि- छह के खाते में मात्र 4364 रुपये अवशेष है। इससे स्पष्ट है कि उक्त खाते से शौचालय निर्माण के लिए 32.95 लाख रुपये आहरित किए गए, मगर महज दस शौचालयों पर 1.20 लाख खर्च कर निर्माण कराया गया। इस प्रकार अवशेष धन 31.75 लाख रुपये का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, जिसके लिए ग्राम प्रधान नसीबुन्निशा व ग्राम पंचायत अधिकारी संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। जिला परियोजना समन्वयक राजा शेर सिंह व विष्णु देव नाथ तिवारी के आख्या के आधार पर दो मई 2019 को ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की गई, मगर तीन माह बीतने के बाद भी ग्राम प्रधान ने अपना स्पष्टीकरण अथवा पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। डीएम ने आख्या के आधार पर अपने अधिकारियों का प्रयोग करते हुए ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं।
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