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अपहृत अखंड को पुलिस ने सकुशल ढूंढ निकाला
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अखंड को सामने देख मां-पिता के छलक पड़े आंसू
बस्ती। गोरखपुर के सहजनवां में सुरक्षित मिले अखंड को लेकर पुलिस टीम शनिवार सुबह रुधौली पहुंची। अखंड को सुरक्षित सामने देख उसके माता-पिता की आंखों से आंसू बहने लगे और दौड़कर उसे गले से लगा लिया। अखंड भी मां-पिता से लिपट कर काफी देर तक सुबकता रहा। इन सबके बीच अखंड और उसके परिवारों की खुशी देखने लायक थी। खबर कस्बे में आम हुई तो तमाम लोग फूल-माला लेकर पहुंच गए और एसपी का अभिनंदन करते हुए उन्हें कंधे पर उठा लिया।
बता दें कि रुधौली कस्बे के कपड़ा व्यवसायी अशोक कुमार कसौधन के तेरह वर्षीय बेटे अखंड का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसे गोरखपुर के सहजनवां में एक मकान में कैद करके रखा था। शनिवार भोर में एसटीएफ ने उसे सुरक्षित ढूंढ निकाला। कमरे में उसे हाथ-पैर बांधकर रखा गया था। उसे अपहृत करने वाले दो सगे भाइयों को भी रुधौली के बखिरा मोड़ से गिरफ्तार कर अपहरण में प्रयुक्त बाइक और कार बरामद की है। बस्ती पहुंचने पर पुलिस अखंड को पहले जिला अस्पताल लेकर गई। मेडिकल जांच के बाद अखंड को परिवार वालों को सुपुर्द करने रुधौली पहुंची। अखंड के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही परिवार के अलावा कस्बे के लोग खुशी से झूम उठे।
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प्रभारी मंत्री भी अखंड से मिलने पहुंचे रुधौली
बस्ती। प्रदेश के मंत्री प्राविधिक शिक्षा उपभोक्ता संरक्षण व बाटमाप विभाग आशीष पटेल, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल के साथ शनिवार दोपहर रुधौली पहुंचे। अखंड कसौधन से मुलाकात की और उसके बहादुरी की प्रशंसा की। अखंड को उपहार भी दिया। इस अवसर पर सांसद हरीश द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, एमएलसी सुभाष यदुवंश, सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, अपर पुलिस अधीक्षक दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीएम अभय कुमार मिश्रा, एसडीएम गुलाबचंद भी मौजूद रहे।
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आठवें दिन अखंड को ढूंढने में पुलिस को मिली सफलता
बस्ती। रुधौली कस्बे से 23 अप्रैल को अपहृत किशोर अखंड कसौधन को पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के गोरखपुर के सहजनवां से ढूंढ निकाला। हाथ-पैर बांधकर उसे एक कमरे में रखा गया था। अखंड को अपहृत करने वाले दो सगे भाइयों को भी रुधौली के बखिरा मोड़ से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से अपहरण में प्रयुक्त बाइक और कार भी बरामद की गई है। अखंड को सहजनवां नगर पंचायत के शिवपुरी कालोनी में तीन कमरों के एक किराए के मकान में हाथ पैर बांध कर रखा गया था।
एसटीएफ के सहयोग से पुलिस टीम बालक को मुक्त करवाकर जिला अस्पताल ले गई। मेडिकल जांच के बाद परिवार वालों के सुपुर्द किया। अपर मुख्य सचिव गृह की तरफ से टीम को एक लाख रुपये पुरस्कार की घोषणा की गई है। आईजी ने भी टीम को प्रशस्तिपत्र देने को कहा है।
आईजी राजेश मोडक व एसपी आशीष श्रीवास्तव ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि गोरखपुर जिले के सहजनवां थाने के पाली गांव निवासी आदित्य सिंह व सूरज सिंह कपड़े का व्यवसाय करते थे। वे खलीलाबाद से कपड़े खरीदकर दुकानों पर सप्लाई करते थे। इसी सिलसिले में उनकी अखंड कसौधन के पिता अशोक कुमार कसौधन से संपर्क हुआ। अशोक की दुकान पर भी दोनों कपड़े सप्लाई करने लगे। काफी दिन तक व्यावसायिक रिश्ता होने की वजह से अखंड भी इन दोनों से घुल मिल गया था।
एसपी ने बताया कि इधर आदित्य और सूरज ने व्यवसाय में पूंजी लगाने के लिए मां के गहने गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले रखा था। जिसे चुकाने का उन पर दबाव था। इसीलिए दोनों ने अखंड का अपहरण कर फिरौती की रकम से कर्ज चुकाने की साजिश रची। एसपी के मुताबिक दोनों ने अखंड का 22 अप्रैल को भी अपहरण करने का प्रयास किया था, लेकिन अखंड के समय पर घर से न निकलने की वजह से कामयाब नहीं हुए। अगले दिन 23 अप्रैल को साढ़े चार बजे जब अखंड घर से सब्जी की दुकान पर प्याज लेने पहुंचा तो हरे रंग की बाइक लेकर आदित्य पहुंचा। उसने अखंड को बुलाकर कहा कि उसकी कार का टायर पंचर हो गया है, चलो बदलवा दो। अखंड उनकी बाइक पर बैठ गया। आगे जाने पर कार लेकर आदित्य का भाई सूरज मिल गया। अखंड को कार में बैठाकर आदित्य पास की चाय की दुकान पर पहुंचा और चाय वाले का मोबाइल मांगकर अखंड के पिता कपड़ा अशोक कुमार कसौधन को फोन करके बताया कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है। 24 घंटे में 50 लाख रुपये का इंतजाम करके रखो।
एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, सीओ अंबिका राम, सीओ सिटी आलोक राय के अलावा इस वर्कआउट में एसटीएफ के अलावा जिले की स्वाट, एंटी व्हेकिल थेफ्ट टीम, स्वाट, एसओजी, परिक्षेत्रीय साइबर थाना, प्रभारी निरीक्षक थाना रुधौली व हर्रैया, एंटी नारकोटिक्स टीम, सर्विलांस टीम की भूमिका अहम रही।
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इस तरह पकड़ में आए अपहर्ता
बालक के अपहरण की सूचना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो हरे रंग की बाइक पर बैठकर अखंड को जाते देखा गया। जिस दुकानदार के मोबाइल से अपहरण की सूचना दी गई थी उसने पूछताछ में बताया कि हल्के गुलाबी रंग की शर्ट पहने व्यक्ति ने फोन किया था। उसकी बाइक यूपी-53 नंबर की थी। इसके बाद पुलिस ने हरे रंग की यूपी-53 नंबर की बाइक खोजनी शुरू की। इस बीच बुधवार को अपहर्ता की फिर काल आई। इस बार उसने 20 लाख रुपये मांगे। यह काल आदित्य के भाई सूरज ने की थी। पुलिस ने नंबर को ट्रैस किया तो सल्टौआ चौराहे पर काजू शेक बनाने वाले दुकानदार का निकला। दुकानदार से पूछताछ में पता चला कि दो लोग पैशन प्रो बाइक से आए थे। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम अपहर्ताओं ने फिर अशोक को फोन किया। पुलिस ने इस काल की लोकेशन ट्रैस की तो पॉलीटेक्निक चौराहे के पास की निकली। जिस नंबर से कॉल की गई थी उसकी खोजबीन में पता चला कि उसे एक दिन पहले संतकबीरनगर के बेलहरकला के पास से एक व्यक्ति से ग्रे रंग की कार सवार दो लोगों ने छीना था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए हरे रंग की बाइक और ग्रे रंग की कार की तलाश शुरू की, जिसमें चालक मास्क लगाए हुए था।
इधर, शुक्रवार शाम को हरे रंग की बाइक थाने के पास सड़क पर जाते देख थाने के एसआई और सिपाहियों ने रोकने की कोशिश की, मगर वह भागने लगा। पुलिस ने पीछा करके पकड़ा तो उस पर सवार दोनों ने खुद को आदित्य सिंह और सूरज सिंह बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि अखंड इन्हीं के कब्जे में है और वे कस्बे में माहौल की टोह लेने आए थे। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। टीम ने एसटीएफ गोरखपुर की मदद से सहजनवां जाकर अखंड को मुक्त कराया। आरोपितों के कब्जे से कार व बाइक के अलावा दो देसी तमंचा, चार मोबाइल भी मिले हैं।
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और एसपी को कंधे पर उठाकर नाचने लगे व्यापारी
बालक अखंड के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही परिवार के अलावा कस्बे के लोग खुशी से झूम उठे। पुलिस टीम बालक को लेकर जैसे ही रुधौली थाने पहुंची, लोगों ने फूल मालाओं से लाद दिया। अपहरणकर्ताओं से पूछताछ करने पहुंचे एसपी आशीष श्रीवास्तव और टीम के सदस्यों को स्थानीय लोगों ने कंधे पर उठाकर जुलूस निकाला और खुशी का इजहार किया।
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टीवी सीरियल देखकर रची साजिश
एसपी के अनुसार अपहर्ताओं ने क्राइम थ्रिलर पर आधारित टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया देखकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। सीरियल से सीख लेकर दोनों ने वारदात में अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। चाय-ठेला वालों और दूसरे से छीनकर मोबाइल का इस्तेमाल किया। दूसरे कई पैंतरे भी सीरियल के ही आजमाए।
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चंगुल से छूटते ही मांगा पानी
पुलिस टीम जब सहजनवां के उस कमरे में पहुंची जहां अखंड को कैद करके रखा गया था तो देखा वह कच्छा-बनियान पहने एक मेज से सटकर अधलेटी अवस्था में पड़ा है। उसके हाथ-पैर बंधे थे। आंख पर पट्टी बंधी थी। एसटीएफ की टीम ने जैसे ही उसकी आंख से पट्टी हटाते हुए हाथ-पांव खोला तो उसने सबसे पहले पानी मांगा। एसपी ने बताया कि उसे खाने के लिए सिर्फ नमकीन व बिस्कुट दिया जाता था।
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आईजी ने टीम वर्क को दिया श्रेय
आईजी राजेश मोडक ने अखंड को सकुशल ढूंढ निकालने के लिए टीम वर्क को श्रेय दिया। एसटीएफ सहित पूरी टीम को कामयाबी का श्रेय देते हुए आईजी ने बताया कि घटना का खुलासा बेहद चुनौतीपूर्ण था। सबसे बड़ी चुनौती अखंड को सकुशल ढूंढ निकालने की थी। जिसमें उच्चाधिकारियों का उत्साहवर्धन, अखंड के परिवार, कस्बे के लोग और मीडिया का पुलिस पर भरोसा कायम रखना अहम रहा।
प्रेक्षागृह में काटा गया केक
अखंड कसौधन के सकुशल मुक्त कराए जाने को नया जन्म होने के तौर पर देखा जा रहा है। इसलिए प्रेसवार्ता के दौरान अखंड के माता-पिता की मौजूदगी में पुलिस अधिकारियों ने केक मंगवाया। हैप्पी बर्थडे बोलकर बालक ने केक काटा और आईजी, एसपी व अपने माता-पिता को खिलाया।
इस टीम को एक लाख इनाम
प्रभारी एसटीएफ फील्डयूनिट गोरखपुर निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक रुधौली रामकृष्ण मिश्र, प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना परिक्षेत्र बस्ती विकास यादव, प्रभारी निरीक्षक हर्रैया शैलेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक स्वाट टीम मृत्युंजय पाठक, एंटी नारकोटिक्स टीम योगेश कुमारसिंह, प्रभारी एंटी व्हीकल टीम गजेंद्रप्रताप सिंह, प्रभारी सर्विलांस टीम दुर्गविजय, प्रभारी एसओजी उमेश चंद्र वर्मा, प्रभारी चौकी बभनान जनार्दन प्रसाद, प्रभारी चौकी दक्षिण दरवाजा जितेन्द्र सिंह, एसआई राजकुमार पांडेय, कांस्टेबल रविशंकर शाह स्वाट टीम, हेड कां. यशवंत सिंह,उमेश कुमार सिंह, कां. धीरेन्द्र यादव, कां. विनय कुमार सिंह एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर, अभिलाष प्रताप सिंह, हरिओम सिंह, चन्द्र केश प्रजापति, गोल्डी मौर्या थाना रुधौली, जनार्दन प्रजापति,सत्येंद्र सिंह, हिंदे आजाद, जितेंद्र यादव, संतोष यादव, विजय प्रताप, विक्रम सिंह सर्विलांस टीम, दिलीप कुमार, अजय दुबे एसओजी, हेड कां. राघवेंद्र दुबे, राकेश यादव, राम सुरेश यादव, कां. महेंद्र यादव, देवेन्द्र निषाद एंटीव्हीकल टीम,कां. मनिंद्र प्रतापचंद्र, मनोज राय साइबर थाना परिक्षेत्र बस्ती, महेंद्र यादव, कुलदीपयादव, रमेश गुप्ता, सर्वेश नायक, शिवचरण एंटीनारकोटिक्स टीम, जय प्रकाश, देवेन्द्र यादव, उत्सव कुशवाहा थाना हर्रैया, महेंद्र यादव, नंदािशोर विश्वकर्मा, चन्द्रकेश प्रजापति, देवेन्द्र यादव, धीरजसिंह, विनोद कुमार चौकी बभनान।
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बस्ती। गोरखपुर के सहजनवां में सुरक्षित मिले अखंड को लेकर पुलिस टीम शनिवार सुबह रुधौली पहुंची। अखंड को सुरक्षित सामने देख उसके माता-पिता की आंखों से आंसू बहने लगे और दौड़कर उसे गले से लगा लिया। अखंड भी मां-पिता से लिपट कर काफी देर तक सुबकता रहा। इन सबके बीच अखंड और उसके परिवारों की खुशी देखने लायक थी। खबर कस्बे में आम हुई तो तमाम लोग फूल-माला लेकर पहुंच गए और एसपी का अभिनंदन करते हुए उन्हें कंधे पर उठा लिया।
बता दें कि रुधौली कस्बे के कपड़ा व्यवसायी अशोक कुमार कसौधन के तेरह वर्षीय बेटे अखंड का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसे गोरखपुर के सहजनवां में एक मकान में कैद करके रखा था। शनिवार भोर में एसटीएफ ने उसे सुरक्षित ढूंढ निकाला। कमरे में उसे हाथ-पैर बांधकर रखा गया था। उसे अपहृत करने वाले दो सगे भाइयों को भी रुधौली के बखिरा मोड़ से गिरफ्तार कर अपहरण में प्रयुक्त बाइक और कार बरामद की है। बस्ती पहुंचने पर पुलिस अखंड को पहले जिला अस्पताल लेकर गई। मेडिकल जांच के बाद अखंड को परिवार वालों को सुपुर्द करने रुधौली पहुंची। अखंड के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही परिवार के अलावा कस्बे के लोग खुशी से झूम उठे।
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प्रभारी मंत्री भी अखंड से मिलने पहुंचे रुधौली
बस्ती। प्रदेश के मंत्री प्राविधिक शिक्षा उपभोक्ता संरक्षण व बाटमाप विभाग आशीष पटेल, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल के साथ शनिवार दोपहर रुधौली पहुंचे। अखंड कसौधन से मुलाकात की और उसके बहादुरी की प्रशंसा की। अखंड को उपहार भी दिया। इस अवसर पर सांसद हरीश द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, एमएलसी सुभाष यदुवंश, सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, अपर पुलिस अधीक्षक दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीएम अभय कुमार मिश्रा, एसडीएम गुलाबचंद भी मौजूद रहे।
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आठवें दिन अखंड को ढूंढने में पुलिस को मिली सफलता
बस्ती। रुधौली कस्बे से 23 अप्रैल को अपहृत किशोर अखंड कसौधन को पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के गोरखपुर के सहजनवां से ढूंढ निकाला। हाथ-पैर बांधकर उसे एक कमरे में रखा गया था। अखंड को अपहृत करने वाले दो सगे भाइयों को भी रुधौली के बखिरा मोड़ से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से अपहरण में प्रयुक्त बाइक और कार भी बरामद की गई है। अखंड को सहजनवां नगर पंचायत के शिवपुरी कालोनी में तीन कमरों के एक किराए के मकान में हाथ पैर बांध कर रखा गया था।
एसटीएफ के सहयोग से पुलिस टीम बालक को मुक्त करवाकर जिला अस्पताल ले गई। मेडिकल जांच के बाद परिवार वालों के सुपुर्द किया। अपर मुख्य सचिव गृह की तरफ से टीम को एक लाख रुपये पुरस्कार की घोषणा की गई है। आईजी ने भी टीम को प्रशस्तिपत्र देने को कहा है।
आईजी राजेश मोडक व एसपी आशीष श्रीवास्तव ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि गोरखपुर जिले के सहजनवां थाने के पाली गांव निवासी आदित्य सिंह व सूरज सिंह कपड़े का व्यवसाय करते थे। वे खलीलाबाद से कपड़े खरीदकर दुकानों पर सप्लाई करते थे। इसी सिलसिले में उनकी अखंड कसौधन के पिता अशोक कुमार कसौधन से संपर्क हुआ। अशोक की दुकान पर भी दोनों कपड़े सप्लाई करने लगे। काफी दिन तक व्यावसायिक रिश्ता होने की वजह से अखंड भी इन दोनों से घुल मिल गया था।
एसपी ने बताया कि इधर आदित्य और सूरज ने व्यवसाय में पूंजी लगाने के लिए मां के गहने गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले रखा था। जिसे चुकाने का उन पर दबाव था। इसीलिए दोनों ने अखंड का अपहरण कर फिरौती की रकम से कर्ज चुकाने की साजिश रची। एसपी के मुताबिक दोनों ने अखंड का 22 अप्रैल को भी अपहरण करने का प्रयास किया था, लेकिन अखंड के समय पर घर से न निकलने की वजह से कामयाब नहीं हुए। अगले दिन 23 अप्रैल को साढ़े चार बजे जब अखंड घर से सब्जी की दुकान पर प्याज लेने पहुंचा तो हरे रंग की बाइक लेकर आदित्य पहुंचा। उसने अखंड को बुलाकर कहा कि उसकी कार का टायर पंचर हो गया है, चलो बदलवा दो। अखंड उनकी बाइक पर बैठ गया। आगे जाने पर कार लेकर आदित्य का भाई सूरज मिल गया। अखंड को कार में बैठाकर आदित्य पास की चाय की दुकान पर पहुंचा और चाय वाले का मोबाइल मांगकर अखंड के पिता कपड़ा अशोक कुमार कसौधन को फोन करके बताया कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है। 24 घंटे में 50 लाख रुपये का इंतजाम करके रखो।
एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, सीओ अंबिका राम, सीओ सिटी आलोक राय के अलावा इस वर्कआउट में एसटीएफ के अलावा जिले की स्वाट, एंटी व्हेकिल थेफ्ट टीम, स्वाट, एसओजी, परिक्षेत्रीय साइबर थाना, प्रभारी निरीक्षक थाना रुधौली व हर्रैया, एंटी नारकोटिक्स टीम, सर्विलांस टीम की भूमिका अहम रही।
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इस तरह पकड़ में आए अपहर्ता
बालक के अपहरण की सूचना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो हरे रंग की बाइक पर बैठकर अखंड को जाते देखा गया। जिस दुकानदार के मोबाइल से अपहरण की सूचना दी गई थी उसने पूछताछ में बताया कि हल्के गुलाबी रंग की शर्ट पहने व्यक्ति ने फोन किया था। उसकी बाइक यूपी-53 नंबर की थी। इसके बाद पुलिस ने हरे रंग की यूपी-53 नंबर की बाइक खोजनी शुरू की। इस बीच बुधवार को अपहर्ता की फिर काल आई। इस बार उसने 20 लाख रुपये मांगे। यह काल आदित्य के भाई सूरज ने की थी। पुलिस ने नंबर को ट्रैस किया तो सल्टौआ चौराहे पर काजू शेक बनाने वाले दुकानदार का निकला। दुकानदार से पूछताछ में पता चला कि दो लोग पैशन प्रो बाइक से आए थे। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम अपहर्ताओं ने फिर अशोक को फोन किया। पुलिस ने इस काल की लोकेशन ट्रैस की तो पॉलीटेक्निक चौराहे के पास की निकली। जिस नंबर से कॉल की गई थी उसकी खोजबीन में पता चला कि उसे एक दिन पहले संतकबीरनगर के बेलहरकला के पास से एक व्यक्ति से ग्रे रंग की कार सवार दो लोगों ने छीना था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए हरे रंग की बाइक और ग्रे रंग की कार की तलाश शुरू की, जिसमें चालक मास्क लगाए हुए था।
इधर, शुक्रवार शाम को हरे रंग की बाइक थाने के पास सड़क पर जाते देख थाने के एसआई और सिपाहियों ने रोकने की कोशिश की, मगर वह भागने लगा। पुलिस ने पीछा करके पकड़ा तो उस पर सवार दोनों ने खुद को आदित्य सिंह और सूरज सिंह बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि अखंड इन्हीं के कब्जे में है और वे कस्बे में माहौल की टोह लेने आए थे। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। टीम ने एसटीएफ गोरखपुर की मदद से सहजनवां जाकर अखंड को मुक्त कराया। आरोपितों के कब्जे से कार व बाइक के अलावा दो देसी तमंचा, चार मोबाइल भी मिले हैं।
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और एसपी को कंधे पर उठाकर नाचने लगे व्यापारी
बालक अखंड के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही परिवार के अलावा कस्बे के लोग खुशी से झूम उठे। पुलिस टीम बालक को लेकर जैसे ही रुधौली थाने पहुंची, लोगों ने फूल मालाओं से लाद दिया। अपहरणकर्ताओं से पूछताछ करने पहुंचे एसपी आशीष श्रीवास्तव और टीम के सदस्यों को स्थानीय लोगों ने कंधे पर उठाकर जुलूस निकाला और खुशी का इजहार किया।
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टीवी सीरियल देखकर रची साजिश
एसपी के अनुसार अपहर्ताओं ने क्राइम थ्रिलर पर आधारित टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया देखकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। सीरियल से सीख लेकर दोनों ने वारदात में अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। चाय-ठेला वालों और दूसरे से छीनकर मोबाइल का इस्तेमाल किया। दूसरे कई पैंतरे भी सीरियल के ही आजमाए।
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चंगुल से छूटते ही मांगा पानी
पुलिस टीम जब सहजनवां के उस कमरे में पहुंची जहां अखंड को कैद करके रखा गया था तो देखा वह कच्छा-बनियान पहने एक मेज से सटकर अधलेटी अवस्था में पड़ा है। उसके हाथ-पैर बंधे थे। आंख पर पट्टी बंधी थी। एसटीएफ की टीम ने जैसे ही उसकी आंख से पट्टी हटाते हुए हाथ-पांव खोला तो उसने सबसे पहले पानी मांगा। एसपी ने बताया कि उसे खाने के लिए सिर्फ नमकीन व बिस्कुट दिया जाता था।
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आईजी ने टीम वर्क को दिया श्रेय
आईजी राजेश मोडक ने अखंड को सकुशल ढूंढ निकालने के लिए टीम वर्क को श्रेय दिया। एसटीएफ सहित पूरी टीम को कामयाबी का श्रेय देते हुए आईजी ने बताया कि घटना का खुलासा बेहद चुनौतीपूर्ण था। सबसे बड़ी चुनौती अखंड को सकुशल ढूंढ निकालने की थी। जिसमें उच्चाधिकारियों का उत्साहवर्धन, अखंड के परिवार, कस्बे के लोग और मीडिया का पुलिस पर भरोसा कायम रखना अहम रहा।
प्रेक्षागृह में काटा गया केक
अखंड कसौधन के सकुशल मुक्त कराए जाने को नया जन्म होने के तौर पर देखा जा रहा है। इसलिए प्रेसवार्ता के दौरान अखंड के माता-पिता की मौजूदगी में पुलिस अधिकारियों ने केक मंगवाया। हैप्पी बर्थडे बोलकर बालक ने केक काटा और आईजी, एसपी व अपने माता-पिता को खिलाया।
इस टीम को एक लाख इनाम
प्रभारी एसटीएफ फील्डयूनिट गोरखपुर निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक रुधौली रामकृष्ण मिश्र, प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना परिक्षेत्र बस्ती विकास यादव, प्रभारी निरीक्षक हर्रैया शैलेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक स्वाट टीम मृत्युंजय पाठक, एंटी नारकोटिक्स टीम योगेश कुमारसिंह, प्रभारी एंटी व्हीकल टीम गजेंद्रप्रताप सिंह, प्रभारी सर्विलांस टीम दुर्गविजय, प्रभारी एसओजी उमेश चंद्र वर्मा, प्रभारी चौकी बभनान जनार्दन प्रसाद, प्रभारी चौकी दक्षिण दरवाजा जितेन्द्र सिंह, एसआई राजकुमार पांडेय, कांस्टेबल रविशंकर शाह स्वाट टीम, हेड कां. यशवंत सिंह,उमेश कुमार सिंह, कां. धीरेन्द्र यादव, कां. विनय कुमार सिंह एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर, अभिलाष प्रताप सिंह, हरिओम सिंह, चन्द्र केश प्रजापति, गोल्डी मौर्या थाना रुधौली, जनार्दन प्रजापति,सत्येंद्र सिंह, हिंदे आजाद, जितेंद्र यादव, संतोष यादव, विजय प्रताप, विक्रम सिंह सर्विलांस टीम, दिलीप कुमार, अजय दुबे एसओजी, हेड कां. राघवेंद्र दुबे, राकेश यादव, राम सुरेश यादव, कां. महेंद्र यादव, देवेन्द्र निषाद एंटीव्हीकल टीम,कां. मनिंद्र प्रतापचंद्र, मनोज राय साइबर थाना परिक्षेत्र बस्ती, महेंद्र यादव, कुलदीपयादव, रमेश गुप्ता, सर्वेश नायक, शिवचरण एंटीनारकोटिक्स टीम, जय प्रकाश, देवेन्द्र यादव, उत्सव कुशवाहा थाना हर्रैया, महेंद्र यादव, नंदािशोर विश्वकर्मा, चन्द्रकेश प्रजापति, देवेन्द्र यादव, धीरजसिंह, विनोद कुमार चौकी बभनान।