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Basti News: मोटे अनाज का बाजार न होने से असमंजस में किसान
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बस्ती। अन्न श्री योजना के तहत जिले में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को मोटे अनाज की खेती के प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन, जिले में इसका बाजार न होने से किसान खेती को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि उत्पादित अनाज काे बेचने कहां ले जाएंगे। वह जिले में क्रय केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं।
मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को रागी, सांवा, कोदो, बाजरा, ज्वार आदि के बीज कृषि विभाग निशुल्क दे रहा है। मोटा अनाज शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक होने के साथ बीमारियों को नियंत्रित करने में भी मददगार हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तमाम पोषक तत्वों से भरपूर है। इनमें रेशे, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन्स, अमीनो एसिड, वसीय अम्ल, विटामिन-ई, आयरन, मैगनीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन बी-छह व कैरोटीन ज़्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। ग्लूकोज़ कम होने से मधुमेह का खतरा कम होता है। इसलिए इन अनाजों को सुपर फ़ूड कहा जाता है। लेकिन, जिले में इसकी खेती में बाजार बाधा बन रहा है।
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- मोटे अनाज की खेती करनी है लेकिन प्राप्त उत्पादन को कहां बेचेंगे, इसे लेकर मन में तमाम संशय है। कृषि विभाग भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है।
-राममूर्ति मिश्रा, गौरा।
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पहले सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर क्रय केंद्र बनाए, इसके बाद ही मोटे अनाज की खेती करने में तेजी आएगी।
-सुरेंद्र प्रसाद ओझा, गायघाट
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मोटे अनाज की खेती आर्थिक रूप किसानों को समृद्ध बना सकती है इसके लिए सरकार को को उत्पादन खरीदने की गारंटी देनी होगी।
-हरिश्चंद्र राजभर, गायघाट
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किसी भी फसल की खेती करने से पहले किसान उसका बाजार ढूंढते हैं। बिना बाजार के मोटे अनाज की खेती बेकार है।
-राजेंद्र चौधरी, देवमी।
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मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को रागी, सांवा, कोदो, बाजरा, ज्वार आदि के बीज कृषि विभाग निशुल्क दे रहा है। मोटा अनाज शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक होने के साथ बीमारियों को नियंत्रित करने में भी मददगार हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तमाम पोषक तत्वों से भरपूर है। इनमें रेशे, बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन्स, अमीनो एसिड, वसीय अम्ल, विटामिन-ई, आयरन, मैगनीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन बी-छह व कैरोटीन ज़्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। ग्लूकोज़ कम होने से मधुमेह का खतरा कम होता है। इसलिए इन अनाजों को सुपर फ़ूड कहा जाता है। लेकिन, जिले में इसकी खेती में बाजार बाधा बन रहा है।
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- मोटे अनाज की खेती करनी है लेकिन प्राप्त उत्पादन को कहां बेचेंगे, इसे लेकर मन में तमाम संशय है। कृषि विभाग भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है।
-राममूर्ति मिश्रा, गौरा।
पहले सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर क्रय केंद्र बनाए, इसके बाद ही मोटे अनाज की खेती करने में तेजी आएगी।
-सुरेंद्र प्रसाद ओझा, गायघाट
मोटे अनाज की खेती आर्थिक रूप किसानों को समृद्ध बना सकती है इसके लिए सरकार को को उत्पादन खरीदने की गारंटी देनी होगी।
-हरिश्चंद्र राजभर, गायघाट
किसी भी फसल की खेती करने से पहले किसान उसका बाजार ढूंढते हैं। बिना बाजार के मोटे अनाज की खेती बेकार है।
-राजेंद्र चौधरी, देवमी।