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Basti News: पानी का स्तर हुआ कम, नहर की मिट्टी से बर्बाद हो सकती है फसल
Tue, 15 Aug 2023 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 15 Aug 2023 12:19 AM IST
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भानपुर। तहसील क्षेत्र के बस्ती अलावल गांव से होकर गुजरने वाली सरयू नहर खंड-चार के खलीलाबाद शाखा में गांव के निकट शनिवार को रिसाव के चलते नहर कट गई है। यहां के किसान कहते हैं कि नहर के पानी से तो उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना पानी के साथ बहकर आई मिट्टी से हुआ है। टीम ने सोमवार को अलावल पहुंच कर स्थिति की लाइव पड़ताल की।
यहां किसान बाबर अली, सादुल्लाह, हफीजुल्लाह, रामसरन के खेत में नहर का पानी तो आया था, मगर फसल डूबी नहीं थी। किसानों ने कहा कि फसल को पानी से उतनी क्षति नहीं पहुंची जितना नहर से पानी के साथ आई मिट्टी से हुई है। यह मिट्टी फसल पर जम जाती है। फसल पर मिट्टी की परत जम जाने से धान की फसल को सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने कहा कि फसल बचाने का उपाय किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से बस्ती अलावल, बनगवां, असनहरी आदि गांवों की फसल प्रभावित हुई है।
हल्का लेखपाल संतोष शाक्य ने बताया कि नहर कटने से खेतों में पानी भर गया है। इसके प्रभाव में करीब 12.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल फसल का अनुमान है। क्षति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इसे तहसील कार्यालय में भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कटान स्थल के हिस्से को ठीक किए जाने के बाद से पानी का स्तर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी खेतों में पानी भरा है। इधर शनिवार की देर रात सूचना के बाद एसडीएम आशुतोष तिवारी ने नहर के कटान स्थल को मशीन लगवाकर बंद कर दिया। जिससे पानी खेतों में आना रुक गया।
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नहर कटने से खेतों में पानी भरा है। इससे नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। किसानों की फसल को बचाने के लिए उपाय भी किए जाएंगे।
-आशुतोष तिवारी, एसडीएम
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यहां किसान बाबर अली, सादुल्लाह, हफीजुल्लाह, रामसरन के खेत में नहर का पानी तो आया था, मगर फसल डूबी नहीं थी। किसानों ने कहा कि फसल को पानी से उतनी क्षति नहीं पहुंची जितना नहर से पानी के साथ आई मिट्टी से हुई है। यह मिट्टी फसल पर जम जाती है। फसल पर मिट्टी की परत जम जाने से धान की फसल को सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने कहा कि फसल बचाने का उपाय किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से बस्ती अलावल, बनगवां, असनहरी आदि गांवों की फसल प्रभावित हुई है।
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हल्का लेखपाल संतोष शाक्य ने बताया कि नहर कटने से खेतों में पानी भर गया है। इसके प्रभाव में करीब 12.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल फसल का अनुमान है। क्षति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इसे तहसील कार्यालय में भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कटान स्थल के हिस्से को ठीक किए जाने के बाद से पानी का स्तर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी खेतों में पानी भरा है। इधर शनिवार की देर रात सूचना के बाद एसडीएम आशुतोष तिवारी ने नहर के कटान स्थल को मशीन लगवाकर बंद कर दिया। जिससे पानी खेतों में आना रुक गया।
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नहर कटने से खेतों में पानी भरा है। इससे नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। किसानों की फसल को बचाने के लिए उपाय भी किए जाएंगे।
-आशुतोष तिवारी, एसडीएम