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Basti News: रसोइया कर्मचारी यूनियन ने दिया कलक्ट्रेट पर धरना
Thu, 10 Aug 2023 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:19 AM IST
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माध्यमिक स्कूल के शिक्षको ने सीएम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
बस्ती। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के केंद्रीय फेडरेशन के श्रमिक, कर्मचारी, किसान हितों की मांग को लेकर मिड-डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया। बाद में सीटू से संबद्ध मिड डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन ने केके तिवारी व माकपा नेता श्याम लाल शर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति व सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया।
इससे पहले कर्मियों ने सीटू से संबद्ध यूपीएमएसआरए ने न्याय मार्ग स्थित कार्यालय से जुलूस निकाला। ज्ञापन के बाद उप श्रमायुक्त कार्यालय परिसर (विकास भवन) में रसोइया यूनियन के धरने में शामिल हुए। धरना में एमडीएम नेता ध्रुव चंद ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों में संशोधन कर चार श्रम कोड में बदलना श्रमिक विरोधी कदम है। इसे और तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए, पुरानी पेंशन बहाली, रसोइया सहित अन्य योजना के श्रमिकों को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, रिटायरमेंट पर पेंशन सहित अन्य श्रमिक हित लाभ दिए जाने, चंद्रावती केस में हाईकोर्ट के निर्णय को लागू करने, पाल्य व नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त किये जाने, बाह्य संविदा समाप्त करते हुए संविदा कर्मियों को खाली पदों पर समायोजित करने की मांगे किया।
माकपा नेता कामरेड श्यामलाल ने कहा कि देश भर में श्रमिक, खेतमज़दूर व किसान आंदोलित हैं। प्रदर्शन में रंजीत श्रीवास्तव, माकपा के जिला मंत्री रामगढ़ी चौधरी, रामनिरख, विशाला, अनिता, गुड़िया, कंचन, दुलारी आदि शामिल रहीं।
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इससे पहले कर्मियों ने सीटू से संबद्ध यूपीएमएसआरए ने न्याय मार्ग स्थित कार्यालय से जुलूस निकाला। ज्ञापन के बाद उप श्रमायुक्त कार्यालय परिसर (विकास भवन) में रसोइया यूनियन के धरने में शामिल हुए। धरना में एमडीएम नेता ध्रुव चंद ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों में संशोधन कर चार श्रम कोड में बदलना श्रमिक विरोधी कदम है। इसे और तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए, पुरानी पेंशन बहाली, रसोइया सहित अन्य योजना के श्रमिकों को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, रिटायरमेंट पर पेंशन सहित अन्य श्रमिक हित लाभ दिए जाने, चंद्रावती केस में हाईकोर्ट के निर्णय को लागू करने, पाल्य व नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त किये जाने, बाह्य संविदा समाप्त करते हुए संविदा कर्मियों को खाली पदों पर समायोजित करने की मांगे किया।
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माकपा नेता कामरेड श्यामलाल ने कहा कि देश भर में श्रमिक, खेतमज़दूर व किसान आंदोलित हैं। प्रदर्शन में रंजीत श्रीवास्तव, माकपा के जिला मंत्री रामगढ़ी चौधरी, रामनिरख, विशाला, अनिता, गुड़िया, कंचन, दुलारी आदि शामिल रहीं।
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