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किसानों की ऊर्जा से चलेगा हवाई जहाज : गडकरी
basti
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:14 AM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, पोत परिवहन, जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को 1224 करोड़ लागत की तीन बड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कहा कि नई सोच के प्रधानमंत्री से नए भारत का निर्माण हो रहा है। अब किसानों की ऊर्जा से हवाई जहाज भी उड़ेगा। इलाहाबाद, वाराणसी में हवाई जहाज पानी परउतरेगा।
किसान महाविद्यालय परिसर में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया की नंबर एक ताकत बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे हिंदुस्तान में गांव, गरीब, किसान, नौजवान समृद्ध होगा। यहां तक कि किसानों की ऊर्जा से हवाई जहाज भी चलेगा। क्योंकि गन्ने का उत्पादन किसान करता है। अब गन्ना और उसके बगास (खोई) से एथनॉल और बॉयो सीएनजी बनेगा। एथनॉल फ़्यूल पेट्रोलियम पदार्थों डीजल, पेट्रोल का विकल्प देगा। कहा कि सरकार किसानों के प्रति गंभीर है। चीनी मिलों में अब छह फीसदी एथनॉल बनाया जाएगा, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदलेगी। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एथनॉल खरीदने की अपील की। कहा कि किसानों को एथनॉल का भी पेट्रोलपंप दें। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक वर्ष में आठ लाख करोड़ रुपये क्रूड आयल पर खर्च होते हैं जबकि पांच लाख करोड़ का खर्च एथनॉल पर आएगा। इतना ही नहीं बॉयो सीएनजी से ट्रैक्टर भी चलेगा। इससे डीजल के 40 हजार रुपये किसानों का हर वर्ष बचेगा। बॉयो सीएनजी के लिए इंडियन ऑयल कारपोरेशन को 26 स्थानों पर निवेश को कहा गया है। टीवीएस और बजाज के मालिकों से एथनॉल से चलने वाले ऑटो, बाइक आदि के उत्पादन को भी कह दिया गया है।
जल परिवहन के संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा वाराणसी से हलदिया तक पांच हजार 400 करोड़ खर्च कर 1680 किलोमीटर जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। राह में मल्टी मोड हब बनेंगे, जहां पर हाईवे और स्टेट हाईवे का जंक्शन होगा। कुल 60 रीवर कोर्ट होंगे। इसके सिस्टम पर 1700 करोड़ रुपये पांच वर्ष में खर्च होगा। वाराणसी से इलाहाबाद जलमार्ग भी जल्द शुरू होगा। जनवरी में ही कुंभ तक लखनऊ से हवाई जहाज उड़ेगा तो इलाहाबाद, इलाहाबाद से वाराणसी में पानी पर उतरेगा। कुंभ मेले तक इलाहाबाद में चार रीवर कोर्ट तैयार हो जाएंगे। गंगा और गोमती समेत सभी नदियों को जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। कुल 12 जल मार्ग बनेंगे, जिसमें दिल्ली-आगरा यमुना मार्ग होगा। इस पर 30 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश की चीनी मिलों में आवश्यकता के मुताबिक चीनी का उत्पादन होगा। शेष एथनॉल बनेगा। इस बारे में प्रदेश सरकार की नीति सार्वजनिक है। बताया कि मुंडेरवा चीनी मिल में अगले सत्र तक पेराई शुरू हो जाएगी। एथनॉल चीनी मिलें बनाएंगी। जिसकी बिक्री से ही कोई भी चीनी मिल भविष्य में बंद नहीं होगी। किसानों को समय से भुगतान मिलेगा। अभी 37 हजार करोड़ का भुगतान हुआ है। 30 नवंबर तक सभी किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जन सहभागिता की अपील की। कहा कि विकास के सड़क, बिजली, पानी जरूरी है ही उतनी ही जरूरत जन सहभागिता की है। रामजानकी मार्ग बनने से जनकपुर की दूरी, जहां 12:30 घंटे में तय होती थी अब महज साढ़े तीन घंटे में होगी।
इन परियोजनाओं की रखी गई आधारशिला
राम जानकी मार्ग (एनएच 227 ए) 315 करोड़ से छावनी से रामपुर 55 किलोमीटर तक चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण।
-रामजानकी मार्ग रामपुर से सिकरीगंज 250 करोड़ की लागत से 35 किलोमीटर तक चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण।
-बस्ती रिंगरोड फेज एक- 450 करोड़ की लागत से 14 किलोमीटर निर्माण कार्य।
-घाघरा नदी पर फैजाबाद से माझीघाट तक राष्ट्रीय जलमार्ग-40 विकास कार्य 354 किलोमीटर।
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किसान महाविद्यालय परिसर में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया की नंबर एक ताकत बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे हिंदुस्तान में गांव, गरीब, किसान, नौजवान समृद्ध होगा। यहां तक कि किसानों की ऊर्जा से हवाई जहाज भी चलेगा। क्योंकि गन्ने का उत्पादन किसान करता है। अब गन्ना और उसके बगास (खोई) से एथनॉल और बॉयो सीएनजी बनेगा। एथनॉल फ़्यूल पेट्रोलियम पदार्थों डीजल, पेट्रोल का विकल्प देगा। कहा कि सरकार किसानों के प्रति गंभीर है। चीनी मिलों में अब छह फीसदी एथनॉल बनाया जाएगा, जिसे सरकार खरीदेगी। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदलेगी। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एथनॉल खरीदने की अपील की। कहा कि किसानों को एथनॉल का भी पेट्रोलपंप दें। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक वर्ष में आठ लाख करोड़ रुपये क्रूड आयल पर खर्च होते हैं जबकि पांच लाख करोड़ का खर्च एथनॉल पर आएगा। इतना ही नहीं बॉयो सीएनजी से ट्रैक्टर भी चलेगा। इससे डीजल के 40 हजार रुपये किसानों का हर वर्ष बचेगा। बॉयो सीएनजी के लिए इंडियन ऑयल कारपोरेशन को 26 स्थानों पर निवेश को कहा गया है। टीवीएस और बजाज के मालिकों से एथनॉल से चलने वाले ऑटो, बाइक आदि के उत्पादन को भी कह दिया गया है।
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जल परिवहन के संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा वाराणसी से हलदिया तक पांच हजार 400 करोड़ खर्च कर 1680 किलोमीटर जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। राह में मल्टी मोड हब बनेंगे, जहां पर हाईवे और स्टेट हाईवे का जंक्शन होगा। कुल 60 रीवर कोर्ट होंगे। इसके सिस्टम पर 1700 करोड़ रुपये पांच वर्ष में खर्च होगा। वाराणसी से इलाहाबाद जलमार्ग भी जल्द शुरू होगा। जनवरी में ही कुंभ तक लखनऊ से हवाई जहाज उड़ेगा तो इलाहाबाद, इलाहाबाद से वाराणसी में पानी पर उतरेगा। कुंभ मेले तक इलाहाबाद में चार रीवर कोर्ट तैयार हो जाएंगे। गंगा और गोमती समेत सभी नदियों को जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। कुल 12 जल मार्ग बनेंगे, जिसमें दिल्ली-आगरा यमुना मार्ग होगा। इस पर 30 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश की चीनी मिलों में आवश्यकता के मुताबिक चीनी का उत्पादन होगा। शेष एथनॉल बनेगा। इस बारे में प्रदेश सरकार की नीति सार्वजनिक है। बताया कि मुंडेरवा चीनी मिल में अगले सत्र तक पेराई शुरू हो जाएगी। एथनॉल चीनी मिलें बनाएंगी। जिसकी बिक्री से ही कोई भी चीनी मिल भविष्य में बंद नहीं होगी। किसानों को समय से भुगतान मिलेगा। अभी 37 हजार करोड़ का भुगतान हुआ है। 30 नवंबर तक सभी किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जन सहभागिता की अपील की। कहा कि विकास के सड़क, बिजली, पानी जरूरी है ही उतनी ही जरूरत जन सहभागिता की है। रामजानकी मार्ग बनने से जनकपुर की दूरी, जहां 12:30 घंटे में तय होती थी अब महज साढ़े तीन घंटे में होगी।
इन परियोजनाओं की रखी गई आधारशिला
राम जानकी मार्ग (एनएच 227 ए) 315 करोड़ से छावनी से रामपुर 55 किलोमीटर तक चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण।
-रामजानकी मार्ग रामपुर से सिकरीगंज 250 करोड़ की लागत से 35 किलोमीटर तक चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण।
-बस्ती रिंगरोड फेज एक- 450 करोड़ की लागत से 14 किलोमीटर निर्माण कार्य।
-घाघरा नदी पर फैजाबाद से माझीघाट तक राष्ट्रीय जलमार्ग-40 विकास कार्य 354 किलोमीटर।